सरकार के कदम की इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन ने की तारीफ
मुजफ्फरनगर। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की जनपदीय इकाई के ज्वाइंट सैकेट्री मनोज पुंण्डीर ने बताया कि गत रात्रि पूरे भारत के बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की बैठक केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ हुई जिसमें देर रात्रि से भारत सरकार ने निर्णय लिया कि आगामी 16 जून से पूरे देश के 252 जिलों में सोने के आभूषणों की बिक्री हालमार्क की होगी।
इस व्यवस्था से नामी ब्रांडेड कम्पनियों का एकाधिकार टूटेगा और आम सर्राफ और ज्वेर्ल्स को फायदा होगा और इसके अलावा सोने के आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को भी अच्छी चीज पहनने को मिलेगी।
सर्राफा बाजार स्थित एसोसिएशन के कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए मनोज पुण्डीर ने बताया कि उनकी एसोसिएशन का हैड आफिस मुम्बई में है और यह 1819 से संचालित है
ज्वैलरी इंडस्ट्रीज पर गत रात्रि नया कानून लागू कर दिया गया है जो अभी फिलहाल 252 जनपदों में लागू हो गया है और धीरे धीरे व्यवस्था होने पर सीमान्त पहाडी एवं अन्य छोटे जिलों में भी यह लागू हो जायेगा। उन्होंने बताया कि अब से ग्राहकों को हॉलमार्क ज्वैल्री मिलेगी। गांव का दुकानदार हो या शहर का सभी दुकानदार अच्छी क्वालिटी का माल रखेंगे
इसके साथ ही ग्राहक कहीं से भी अपना माल खरीद सकेगा और कहीं भी बेच सकेगा। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अभी तक 20 कैरेट की ज्वेल्री चलती थी
जबकि सरकार इसे मान्यता नहीं देती थी। गत रात्रि की बैठक में 14, 18 व 22 के अलावा 20 और 23 कैरेट के सोने को भी मंजूरी दे दी गयी है। अभी तक यह माना जाता था कि 20 कैरेट का सोना मजबूती में सबसे आगे रहता है। उन्होंने बताया कि ग्राहक जिस समय अपने सोने के आभूषण वापस करता है
तब प्रचलित मजदूरी के हिसाब से 10 से 15 प्रतिशत तक कटौती की जाती है यद्यपि मजदूरी की दरे हर संस्थान और हर जगह अलग अलग है। लेकिन उन्होंने कहा कि मजदूरी के रेट भी समान होने चाहिए
ताकि ग्राहकों को इसका लाभ मिल सके। इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज जैन, सचिव मोहित गोयल, कोषाध्यक्ष विनय वर्मा, उपाध्यक्ष श्रेय गोयल, सुशील गर्ग, गोपाल कृष्ण सर्राफ, र्गौरव वर्मा, बिट्टन सर्राफ, मोहित गर्ग सहित सर्राफा एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।

