कोरोना संकट के चलते लगातार दूसरे साल भी अमरनाथ यात्रा रद्द, धार्मिक कार्यक्रम को सांकेतिक रखने का निर्णय
श्रद्धालु इस साल भी अमरनाथ बाबा बर्फानी के दर्शन नहीं कर पाएंगे। इससे पहले 2020 में भी कोरोना के चलते अमरनाथ यात्रा को कैंसिल कर दिया गया था। जम्मू कश्मीर प्रशासन ने कोविड-19 महामारी के चलते अमरनाथ यात्रा को इस बार सांकेतिक रखने का निर्णय लिया है।उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को यह जानकारी दी।
जम्मू-कश्मीर #सरकार ने श्री अमरनाथ जी यात्रा रद्द करने का फैसला किया है। पवित्र गुफा में सभी पारंपरिक धार्मिक कर्मकांड पहले की तरह ही किए जाएंगे: श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड
— News & Features Network (@mzn_news) June 21, 2021
अमरनाथ की 56 दिन की यात्रा को पहलगाम और बालटाल मार्ग से 28 जून से शुरू करने और 22 अगस्त को समाप्त करने का प्रस्ताव था। पिछले वर्ष भी महामारी के कारण अमरनाथा यात्रा स्थगित कर दी गई थी। उप राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को ऐसी तैयारियां करने के निर्देश दिए, जिससे श्रद्धालु गुफा मंदिर में होने वाली सुबह और शाम की आरती में डिजिटल तरीके से शामिल हो सकें।
सिन्हा ने कहा कि इससे वे शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे और यात्रा से और संक्रमण की चपेट में आने से भी बच सकेंगे। उन्होंने कहा कि सभी परंपरागत धार्मिक अनुष्ठान पहले की ही तरह होंगे। अधिकारियों ने बताया कि श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सदस्यों के साथ विचार- विमर्श के बाद धार्मिक कार्यक्रम को सांकेतिक रखने का निर्णय लिया गया। सिन्हा बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं।
उन्होंने कहा,‘‘ लोगों की जिंदगियां बचाना जरूरी है, इसलिए जनहित को देखते हुए इस वर्ष धार्मिक यात्रा आयोजित करना उचित नहीं है। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) लाखों श्रद्धालुओं की भावनाओं से अवगत है और उनका सम्मान करता है और इन भावनाओं को बनाए रखने के लिए बोर्ड गुफा मंदिर से सुबह और शाम की आरती का सीधा प्रसारण करना जारी रखेगा।’’
आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि धार्मिक आयोजन को सांकेतिक रखने का निर्णय एसएएसबी के सदस्यों से विचार-विमर्श के बाद लिया गया।
उन्होंने बताया कि बोर्ड के सदस्यों के साथ बैठक के बाद उप राज्यपाल ने मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता, पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह, प्रधान सचिव (गृह) शालीन काबरा, उप राज्यपाल के प्रधान सचिव नीतीश्वर कुमार से भी विचार-विमर्श किया। कुमार एसएएसबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भी हैं।सिन्हा ने इस बात पर जोर दिया कि गुफा मंदिर में ‘आरती’ के लिए आने वाले पुजारी कोविड से बचाव के दिशा निर्देशों का पालन करें।

