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निजी और सरकारी लैब दोनों की रिपोर्ट: एक में विधायक कोरोना पॉजिटिव तो दूसरे में निगेटिव

कुशीनगर की खड्डा सीट से भाजपा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी को एक ही दिन में कोरोना पॉजिटिव और निगेटिव दोनों रिपोर्ट मिले तो उनका चौंकना जायज था। दरअसल, विधायक ने एक निजी लैब को अपना नमूना दिया था, जिसके बारे में लैब ने उन्‍हें बताया कि सैंपल गायब हो गया है, लेकिन जो शख्‍स लैब से दोबारा नमूना लेने आया उसने पहले वाली रिपोर्ट विधायक को दे दी।

उस रिपोर्ट में विधायक निगेटिव थे। इसके बाद भी विधायक ने एक बार और कन्‍फर्म करने के लिहाज से लैब को दोबारा अपना सैंपल दे दिया। उसी दिन सरकारी अस्‍पताल से भी विधायक ने अपनी जांच कराई।

अब विधायक को निजी लैब से जो रिपोर्ट मिली है उसमें वे पॉजिटिव और सरकारी लैब से मिली रिपोर्ट में निगेटिव हैं। विधायक के करीबी राजेश मणि ने स्वास्थ्य विभाग की कारस्तानी का सोशल मीडिया पर जिम्मेदार अधिकारियों से लेकर राजनेताओं को ट्वीट कर पूरे प्रकरण की जानकारी दे दी है।

राजेश मणि का कहना है कि विधायक़ जटा शंकर त्रिपाठी 18 अप्रैल को कोविड पॉजिटिव हुए थे। फोर्टिस हॉस्पिटल के पूर्व कंसलटेंट डॉ.आशुतोष शुक्‍ल की देखरेख में घर पर ही उनकी दवा चली।

कोविड-19 के पूरे प्रोटोकाल का पालन विधायक ने किया। इसके 12 दिन बाद 29 अप्रैल को एक निजी पैथालॉजी ने विधायक का सैंपल लिया। 3 मई को निजी और सरकारी लैब दोनों की रिपोर्ट मिली। एक में रिपोर्ट पॉजिटिव तो दूसरे में निगेटिव है।

गोरखपुर शहर के शिवपुर सहबाजगंज में अजीबोगरीब मामला आया है। यहां रहने वाले पवन श्रीवास्तव को नौ अप्रैल को बुखार हुआ। उन्होंने शिवपुर सहबाजगंज नगरीय चिकित्सालय इंद्रप्रस्थपुरम कालोनी में उसी दिन जांच कराई।

एंटीजन जांच में रिपोर्ट पाजिटिव आयी तो पवन ने खुद को घर में आइसोलेट कर लिया। 10 अप्रैल को कलेक्ट्रेट में बनाए गए कोविड कंट्रोल रूम से फोन आया।

फोन करने वाले ने पवन से उनके संपर्क में आने वाले 10 लोगों का नाम पूछा। पवन ने हाल में संपर्क में आने वाले 10 लोगों के नाम बता दिए। कंट्रोल रूम के बाबुओं ने बिना सैंपल लिये ही करीबियों की कोरोना रिपोर्ट जारी कर दी।

पवन कहते हैं कि नौ अप्रैल को जब वह एंटीजन किट से जांच में पॉजिटिव आए तो आरटी-पीसीआर जांच नहीं की गई। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से पूछे गए सवाल के जवाब में संपर्क में आए लोगों के नाम बताए थे।

इसमें ध्रुव श्रीवास्तव, एके श्रीवास्तव, प्रेमचंद श्रीवास्तव, राजेश वर्मा, अनिल श्रीवास्तव, राजेश मिश्र, रामकिशुन, रमेश चंद शुक्ल, शिवप्रसाद आदि शामिल हैं। दूरदर्शन केंद्र गोरखपुर से सेवानिवृत्त रमेश चंद्र शुक्ल बिना जांच के रिपोर्ट आने की जानकारी मिलते ही चौंक गए।

उन्होंने बताया कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। ऐसे में जांच के लिए नमूना देने का कोई सवाल ही नहीं है। पूरे प्रकरण में हो रही किरकिरी पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।

 

News Desk

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