Yogi Adityanath सरकार में इकलौते मुस्लिम मंत्री दानिश आजाद, Brajesh Pathak बने डिप्टी सीएम
Yogi Adityanath उत्तर प्रदेश के दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं. यूपी में 2017 में बीजेपी को सत्ता तक पहुंचाने के बाद 2022 में भी योगी आदित्यनाथ ने खुद को साबित किया और उनके नेतृत्व में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की और इसी के साथ सीएम योगी का कद भी ऊंचा हो गया. सीएम योगी बेहद सादगी भरा जीवन जीते हैं ये तो हर कोई जानता है लेकिन क्या आपको ये पता है कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश के तीसरे सबसे महंगे चीफ मिनिस्टर की लिस्ट में शामिल हैं.
#YogiAdityanathji ने लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। pic.twitter.com/eTLSBVHT43
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उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार में इस बार केशव प्रसाद मौर्य के साथ Brajesh Pathak को भी डिप्टी सीएम बनाया गया है. उन्होंने केशव प्रसाद मौर्य के बाद डिप्टी सीएम पद की शपथ ली. ब्रजेश पाठक ने छात्र जीवन से ही अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत की थी, जिसके बाद 2022 में योगी 2.0 की सरकार में उन्होंने देश के सबसे बड़े राज्य में ये अहम मुकाम हासिल किया है.
पिछली सरकार में कानून मंत्री रहे ब्रजेश पाठक बने डिप्टी सीएम
लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष ब्रजेश पाठक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पिछली सरकार में कानून मंत्री रहे थे. पाठक ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान विपक्षी पार्टी सपा पर जमकर प्रहार किया था. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जब-जब बीजेपी को ब्राह्मण विरोधी बताया, तो इसके प्रतिरोध में पाठक ने उनपर करारा वार पलटवार किया.राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बीजेपी ने पाठक को उनके इसी कार्य के लिए पुरस्कृत करते हुए उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाया है.
छात्र राजनीति से की शुरुआत
ब्रजेश पाठक का जन्म 25 जून 1954 को हरदोई जिले के मल्लावां में हुआ था. उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से विधि स्नातक (एलएलबी) की उपाधि हासिल की. वह विश्वविद्यालय में छात्रसंघ की राजनीति में सक्रिय रहे और 1989 में छात्र संघ उपाध्यक्ष चुने गये. इसके बाद 1990 में वह छात्रसंघ का अध्यक्ष चुने गये. पाठक को 2002 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने हरदोई के मल्लावां क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया था. इस चुनाव में वो करीब सवा सौ मतों के कम अंतर से पराजित हो गये थे. इसके करीब दो साल बाद वो कांग्रेस छोड़ कर बसपा में शामिल हो गये.
बसपा छोड़कर बीजेपी में हुए शामिल
उन्हें 2004 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने उन्हें उन्नाव संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया और वो चुनाव जीत गये. इसके बाद बसपा प्रमुख मायावती ने उन्हें 2009 में राज्यसभा भेज दिया था. ब्रजेश पाठक, 2014 में उन्नाव से दोबारा लोकसभा चुनाव में बसपा से उम्मीदवार बनाये गये, लेकिन उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा. इसके बाद 2016 में वो भाजपा में शामिल हो गये.
पिछली सरकार में रहे कानून मंत्री
बीजेपी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में पाठक को लखनऊ मध्य क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया. उस चुनाव में पाठक ने सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा को पराजित कर यह सीट जीत ली और 19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी सरकार में कानून मंत्री बनाए गए थे.
यूपी में योगी सरकार के नये मंत्रिमंडल में एक नाम दानिश आजाद का काफी चर्चा में हैं। बता दें कि दानिश आजाद अंसारी को योगी सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री रहे मोहसिन रजा की जगह पर मौका दिया गया है। शुक्रवार को आजाद को पार्टी की तरफ से कैबिनेट में जगह दिए जाने की खबर फोन से दी गई, जिसके बाद वो सीएम आवास पहुंचे थे।
दानिश आजाद योगी सरकार के मंत्रिमंडल में इकलौते मुस्लिम चेहरा हैं। इससे पहले मोहसिन रज़ा सीएम योगी की पिछली कैबिनेट में इकलौते मुस्लिम चेहरा थे।
दानिश आजाद अंसारी
दानिश अंसारी पिछले कई सालों से राजनीति में सक्रिय हैं। 32 साल के दानिश यूपी की बलिया के बसंतपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी शिक्षा लखनऊ से ग्रहण की है। दानिश ने 2006 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से बी.कॉम किया और यहीं से मास्टर ऑफ क्वालिटी मैनेजमेंट पूरा किया। इसके बाद उन्होंने मास्टर ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई की।
दानिश भाजपा के उन नेताओं में शामिल हैं जो कड़ी मेहनत से पार्टी के लिए काम करते रहे हैं। उन्हें योगी आदित्यनाथ का करीबी भी माना जाता है। उनकी मेहनत का उन्हें 2018 में पुरस्कार मिला और यूपी में योगी सरकार आने के बाद उन्हें उर्दू भाषा समिति का सदस्य बनाया गया।
#Uttarpradrsh शपथ लेने वाले मंत्री. pic.twitter.com/4mjbqjFXwW
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6 साल तक दानिश एबीवीपी से जुड़े रहे और पार्टी के लिए मेहनत व लगन से काम किया। दानिश यूपी सरकार की फखरुद्दीन अली अहमद मेमोरियल समिति के सदस्य भी रह चुके हैं। 2022 विधानसभा चुनाव से पहले दानिश अंसारी को भाजपा ने बड़ी जिम्मेदारी दी और पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश महामंत्री बनाया। दानिश मुस्लिम युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
एबीवीपी के साथ काम करने के दौरान उन्होंने खासकर मुस्लिमों में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के लिए खूब माहौल बनाया। उन्होंने अल्पसंख्यक समाज व युवाओ में अपनी सक्रियता दिखाई है। जिसका फल है कि पार्टी ने पुरस्कार स्वरूप उन्हें योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्रिमंडल में जगह दी है।
दानिश आजाद ने मदरसों को मेन स्ट्रीम से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने आवाज़ उठाई थी। उनकी पहचान मदरसों की बदहाली को सुधारने के लिए आवाज़ बुलंद करने के लिए भी है।
फिर मंत्री बने नंद गोपाल गुप्ता नंदी
इलाहाबाद के नंद गोपाल गुप्ता नंदी योगी सरकार में मंत्री रह चुके हैं। यह हाईस्कूल पास हैं। इस बार वह फिर मंत्री बनाए गए हैं। नंदी की पत्नी अभिलाषा गुप्ता भी राजनेता है।नंदी 2007 में, बसपा के उम्मीदवार के रूप में इलाहाबाद निर्वाचन क्षेत्र से उत्तर प्रदेश की विधान सभा के लिए चुने गए थे। 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्हें इलाहाबाद दक्षिण सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हाजी परवेज अहमद ने हराया था। 2014 के राष्ट्रीय चुनावों में, उन्होंने इलाहाबाद से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे। 2017 में, वह भाजपा के लिए इलाहाबाद निर्वाचन क्षेत्र से उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए।
नंदी ने 2022 का चुनाव प्रयागराज दक्षिण से बीजेपी के टिकट पर लड़ा था भाजपा से यह उनका दूसरा चुनाव था। कांटे की टक्कर में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा उम्मीदवार रईस चंद्र शुक्ला को हराया। 2017 में भी उन्होंने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। जिसमें जीत दर्ज करने के बाद वह योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए गए थे। इस बार फिर वह फिर मंत्री बने हैं।
आपको बता दें कि गुप्ता के खिलाफ 2020 में एक रिपोर्ट दर्ज की गई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने घर के मालिकों या निवासियों की सहमति प्राप्त किए बिना अपनी कॉलोनी में हिंदू देवताओं की तस्वीरों के साथ जबरदस्ती सभी घरों को भगवा रंग में रंगवा दिया था।

