पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट में आग:BCG का टीका तैयार करने वाली लैब के दो फ्लोर पर आग लगी, कोरोना वैक्सीन सुरक्षित
महाराष्ट्र के पुणे में स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के टर्मिनल एक गेट में गुरुवार को आग लगने से 5 लोगों की मौत हो गई। वहीं दमकल की 15 गाड़ियां रेस्क्यू के लिए अब भी मौजूद हैं। हालांकि आग पर अब काबू पा लिया गया है। आग की घटना पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि शुरुआती तौर पर ऐसा प्रतीत होता है कि आग किसी बिजली की गड़बड़ी के चलते लगी होगी। हालांकि वैक्सीन अब भी सुरक्षित है।
जानकारी के अनुसार, पुणे के मंजरी में स्थित एसआईआई के नए प्लांट में आग लगी । 300 करोड़ की लागत से बने इस प्लांट में बड़े पैमाने पर कोरोना की वैक्सीन कोविशील्ड का उत्पादन किए जाने की योजना है। पिछले साल ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने इस प्लांट का उद्घाटन किया था। हालांकि इस प्लांट में अभी वैक्सीन का उत्पादन शुरू नहीं हुआ है।
पुणे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SSI) के टर्मिनल-1 की चौथी और पांचवीं मंजिल पर भीषण आग लगी है। बताया जा रहा है कि यहां स्थित लैब में टीबी से बचाव के लिए लगाया जाने वाला BCG का टीका तैयार किया जाता है।
फिलहाल आग से जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। मौके पर दमकल की 10 गाड़ियां मौजूद हैं। बिल्डिंग से चार कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया है।आग SII की इमारत के टर्मिनल-1 की चौथी और पांचवीं मंजिल पर लगी।
I would like to reassure all governments & the public that there would be no loss of #COVISHIELD production due to multiple production buildings that I had kept in reserve to deal with such contingencies at @SerumInstIndia. Thank you very much @PuneCityPolice & Fire Department
— Adar Poonawalla (@adarpoonawalla) January 21, 2021
SII के पुणे प्लांट में ही कोरोना से बचाव के लिए ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोवीशील्ड वैक्सीन बनाई जाती है। हालांकि, आग से कोवीशील्ड को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। जिस इमारत में आग लगी, वहां काम चल रहा था।
आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। सीरम इंस्टीट्यूट के मंजरी प्लांट में कोरोना वैक्सीन बनाई जाती है। घटना का वैक्सीन प्रोडक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। SII की BCG लैब के दो फ्लोर पर आग लगी। यहां से चार कर्मचारियों को निकाला गया।
सीरम में ही बनाई जा रही कोवीशील्ड
सीरम इंस्टीट्यूट में ही ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन कोवीशील्ड बनाई जा रही है। यह वैक्सीन इस कैम्पस के अलग हिस्से में बनाई और स्टोर की जा रही है। हाल ही में यहां से वैक्सीन की खेप देशभर में पहुंचाने का सिलसिला शुरू हुआ है।
क्यों खास है सीरम इंस्टीट्यूट?
यह वैक्सीन बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। अब तक यह अलग-अलग वैक्सीन के 1.5 अरब डोज बेच चुकी है। यह एक तरह का रिकॉर्ड भी है। एक आंकड़े के मुताबिक, दुनिया के 60% बच्चों को सीरम की एक वैक्सीन जरूर लगी है।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) से मान्यता प्राप्त सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन 170 देशों में सप्लाई होती हैं।
यह कंपनी पोलियो वैक्सीन के साथ-साथ डिप्थीरिया, टिटनस, पर्ट्युसिस, HIV, BCG, आर-हैपेटाइटिस बी, खसरा, मम्प्स और रूबेला के टीके भी बनाती है।

