Govinda- सुनीता के तलाक का ट्विस्ट! याचिका वापस लेने पर मैनेजर भड़के- ‘जब केस वापस लेना था तो कोर्ट में तमाशा क्यों?’; जानिए पूरा विवाद
Govinda और सुनीता आहूजा के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं में बुधवार को एक बड़ा मोड़ सामने आया। सुनीता आहूजा ने मुंबई के फैमिली कोर्ट में दाखिल अपनी तलाक याचिका वापस ले ली। वह अपने बेटे यशवर्धन आहूजा के साथ कोर्ट पहुंचीं और प्रक्रिया पूरी होने के बाद वहां से निकल गईं।
तलाक की अर्जी वापस लिए जाने के बाद यह सवाल भी उठने लगा कि आखिर पिछले लंबे समय से सार्वजनिक चर्चा में रहे इस वैवाहिक विवाद का अब क्या रुख है। इसी बीच गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने सुनीता के कोर्ट जाने और फिर याचिका वापस लेने के फैसले पर नाराजगी जताई है।
मैनेजर का कहना है कि परिवार के भीतर के विवाद को आपसी बातचीत से सुलझाया जा सकता था। उनके मुताबिक, जब आखिरकार याचिका वापस ही लेनी थी तो अदालत जाने की जरूरत क्या थी।
यह पूरा घटनाक्रम इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि पिछले करीब डेढ़ से दो वर्षों से गोविंदा और सुनीता के रिश्ते को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं, आरोप और सार्वजनिक बयान सामने आते रहे हैं।
सुनीता ने तलाक की याचिका वापस ली, बेटे यशवर्धन के साथ पहुंचीं कोर्ट
बुधवार को सुनीता आहूजा अपने बेटे यशवर्धन के साथ मुंबई के फैमिली कोर्ट पहुंचीं।
कोर्ट की कार्यवाही पूरी होने के बाद दोनों बाहर निकले। बाहर मौजूद पैपराजी ने जब उनसे सवाल करने की कोशिश की तो यशवर्धन ने कैमरों से अपनी मां को बचाते हुए उन्हें कार तक पहुंचाया।
जब मीडिया की ओर से पूछा गया कि कोर्ट में क्या हुआ, तो यशवर्धन ने संक्षेप में कहा, “कुछ नहीं हुआ। जाने दीजिए।”
सुनीता भी ज्यादा बातचीत के मूड में नजर नहीं आईं। कार में बैठने से पहले उन्होंने कहा, “बर्थडे मनाने गए थे।” इसके बाद वह कार में बैठकर वहां से चली गईं।
हालांकि, कोर्ट में तलाक याचिका वापस लेने का कदम अपने आप में इस पूरे विवाद में एक अहम बदलाव माना जा रहा है।
गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा बोले- घर की बात घर में रहनी चाहिए थी
सुनीता के इस कदम पर गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने खुलकर नाराजगी जताई।
एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब मामला आखिर में वापस लेना ही था तो अदालत तक जाने की जरूरत क्यों पड़ी।
उनके मुताबिक पति-पत्नी के बीच होने वाले मतभेदों को घर में बैठकर बातचीत से सुलझाया जा सकता था।
उन्होंने इस बात पर भी दुख जताया कि निजी पारिवारिक विवाद सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया और इससे परिवार की छवि प्रभावित हुई।
‘जब केस वापस लेना था तो किया ही क्यों था?’
शशि सिन्हा का कहना है कि अगर दोनों पक्षों के बीच बातचीत से मामला सुलझ सकता था तो अदालत जाने की जरूरत नहीं थी।
उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के कारण परिवार से जुड़े लोग और खुद गोविंदा सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में आ गए।
उनकी नाराजगी का मुख्य बिंदु यही है कि यदि अंततः तलाक की याचिका वापस लेनी थी, तो विवाद को अदालत तक ले जाने की जरूरत नहीं थी।
हालांकि, सुनीता ने अपनी याचिका वापस लेने के फैसले को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है।
डेढ़ से दो साल से मीडिया में चल रहा था विवाद
गोविंदा के मैनेजर के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच का विवाद पिछले लगभग डेढ़ से दो वर्षों से सार्वजनिक चर्चा में था।
इस दौरान दोनों के रिश्ते को लेकर कई तरह की खबरें सामने आईं।
सुनीता ने कई मौकों पर गोविंदा के कथित अफेयर्स और रिश्ते को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। वहीं गोविंदा ने भी कुछ बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अपनी पत्नी से सार्वजनिक रूप से संयम बरतने की अपील की।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक निजी वैवाहिक विवाद को बॉलीवुड की बड़ी चर्चाओं में बदल दिया।
दिसंबर 2024 में दाखिल हुई थी तलाक की अर्जी
सुनीता आहूजा ने दिसंबर 2024 में गोविंदा के खिलाफ बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी।
बाद में इस मामले की जानकारी सार्वजनिक हुई। रिपोर्टों में दावा किया गया था कि याचिका हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 की धारा 13(1)(i), 13(1)(ia) और 13(1)(ib) के तहत दाखिल की गई थी।
याचिका में कथित तौर पर क्रूरता, बेवफाई और परित्याग जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया था।
हालांकि अब सुनीता द्वारा याचिका वापस लिए जाने के बाद इस मामले का मौजूदा कानूनी रुख पहले की तुलना में अलग हो गया है।
क्या अब दोनों के बीच सब ठीक है?
सुनीता के तलाक केस वापस लेने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दोनों के बीच रिश्ते सुधर गए हैं।
गोविंदा के मैनेजर शशि रंजन ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि अब सब ठीक है और दोनों के बीच सब कुछ सामान्य होने की उम्मीद है।
लेकिन सुनीता की ओर से अभी इस बारे में विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।
इसलिए फिलहाल यह कहना अधिक उचित होगा कि तलाक की याचिका वापस ले ली गई है, जबकि पति-पत्नी के रिश्ते की वास्तविक स्थिति को लेकर आगे उनके बयानों का इंतजार रहेगा।
कोमल रानी स्वर्णकार को लेकर भी बढ़ा था विवाद
गोविंदा और सुनीता के बीच विवाद को उस समय और ज्यादा सुर्खियां मिलीं जब अभिनेता को अपनी आगामी फिल्म की को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ देखा गया।
एयरपोर्ट पर दोनों के साथ दिखाई देने के बाद पैपराजी और मीडिया में इसको लेकर सवाल उठे।
सुनीता ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई थी।
उन्होंने गोविंदा के साथ नजर आईं अभिनेत्री को लेकर उम्र और रिश्ते से जुड़े तीखे बयान दिए थे।
हालांकि, केवल किसी सहकर्मी के साथ सार्वजनिक रूप से दिखाई देने को किसी रिश्ते या अफेयर का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इस मामले में सामने आए बयान और आरोप संबंधित पक्षों के दावे हैं।
सुनीता ने कोमल के नाम को लेकर भी दिया था बयान
एक इंटरव्यू में सुनीता से जब गोविंदा के कथित अफेयर की चर्चाओं के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कोमल नाम को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
उन्होंने कहा था कि उन्हें ‘कोमल’ नाम से नफरत है और इस नाम से जुड़ी एक महिला को लेकर वह नाराज हैं।
उनका यह बयान भी सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बना।
हालांकि, इन बयानों को सुनीता के व्यक्तिगत आरोपों और प्रतिक्रियाओं के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
‘शुगर डैडी’ वाले बयान से भी मचा था बवाल
सुनीता ने एक अन्य इंटरव्यू में फिल्म इंडस्ट्री में आने वाली कुछ युवा महिलाओं को लेकर भी तीखी टिप्पणी की थी।
उन्होंने दावा किया था कि कुछ लड़कियां कथित तौर पर किसी ‘शुगर डैडी’ की तलाश में रहती हैं।
उन्होंने इसी संदर्भ में गोविंदा की उम्र का उल्लेख करते हुए कहा था कि इस उम्र में ऐसे विवादों में पड़ना उचित नहीं है।
उनके इस बयान पर भी सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रिया हुई।
गोविंदा ने पत्नी के बयानों पर जताई नाराजगी
दूसरी ओर गोविंदा भी सुनीता के बयानों से नाराज नजर आए।
अभिनेता ने एक वीडियो संदेश के जरिए अपनी पत्नी से सार्वजनिक रूप से संयम बरतने को कहा था।
गोविंदा ने आरोप लगाया था कि सुनीता उनके काम और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली बातें कर रही हैं।
उन्होंने कहा था कि वह फिल्म इंडस्ट्री में दोबारा सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसे समय में इस तरह के सार्वजनिक विवाद उनके लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
गोविंदा ने को-एक्ट्रेस का किया बचाव
कोमल रानी स्वर्णकार को लेकर गोविंदा ने उनका बचाव भी किया था।
उन्होंने कहा था कि किसी गरीब या सामान्य परिवार से आने वाले व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से अपमानित नहीं किया जाना चाहिए।
अभिनेता का कहना था कि किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति या पारिवारिक पृष्ठभूमि उसके सम्मान का आधार नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अपनी पत्नी से भी ऐसी टिप्पणियों से बचने की अपील की थी।
‘मां-बहन की गालियां देने लगी हैं’ कहकर भी जताई नाराजगी
गोविंदा ने अपने वीडियो संदेश में सुनीता के कथित आपत्तिजनक शब्दों को लेकर भी नाराजगी जाहिर की थी।
उन्होंने कहा था कि सार्वजनिक बातचीत में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है और इससे परिवार की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है।
अभिनेता ने अपनी पत्नी से इस मामले में संयम रखने की अपील की थी।
दोनों के सार्वजनिक बयानों ने इस वैवाहिक विवाद को और अधिक चर्चा में ला दिया था।
सुनीता ने कहा था- जवानी में गलतियां होती हैं, अब नहीं
सुनीता ने ‘लॉक अप 2’ से जुड़े अपने अनुभवों के दौरान भी गोविंदा के कथित पुराने अफेयर्स का जिक्र किया था।
उन्होंने कहा था कि गोविंदा के करियर के शुरुआती वर्षों में कई अफेयर्स की चर्चा रही और उस समय उन्होंने कई चीजों को नजरअंदाज किया।
लेकिन उम्र बढ़ने के बाद वह ऐसी चीजों को स्वीकार नहीं करना चाहतीं।
सुनीता ने यह भी कहा था कि शादी में बहुत कुछ सहना पड़ता है, लेकिन हर चीज की एक सीमा होती है।
यह बयान भी दोनों के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं में काफी सुर्खियों में रहा।
1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी
गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादी साल 1987 में हुई थी।
उस समय गोविंदा बॉलीवुड में तेजी से अपनी पहचान बना रहे थे।
बताया जाता है कि दोनों ने अपने करियर को ध्यान में रखते हुए शुरुआती करीब दो वर्षों तक शादी की बात सार्वजनिक नहीं की थी।
बाद में उनकी शादी की जानकारी सामने आई।
गोविंदा और सुनीता के दो बच्चे हैं—बेटी टीना आहूजा और बेटा यशवर्धन आहूजा।
बेटी टीना ने फिल्मों में आजमाया हाथ
गोविंदा की बेटी टीना आहूजा ने अभिनय की दुनिया में कदम रखा।
उन्होंने साल 2015 में फिल्म ‘सेकंड हैंड हसबैंड’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी।
हालांकि वह अपने पिता की तरह बॉलीवुड में बड़ी व्यावसायिक पहचान बनाने में सफल नहीं रहीं।
परिवार की अगली पीढ़ी में अब यशवर्धन आहूजा के भी फिल्मों में आने की चर्चा है।
यशवर्धन मां के साथ कोर्ट पहुंचे
तलाक की याचिका वापस लेने के लिए सुनीता जब कोर्ट पहुंचीं तो उनके साथ बेटे यशवर्धन भी थे।
कोर्ट के बाहर उनका व्यवहार भी कैमरों की नजर में रहा।
यश अपनी मां को लगातार मीडिया और पैपराजी से दूर रखने की कोशिश करते दिखाई दिए।
जब उनसे कोर्ट में हुई कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने केवल इतना कहा कि कुछ नहीं हुआ और वहां से जाने की अपील की।
इससे साफ था कि परिवार इस समय इस मामले पर सार्वजनिक चर्चा को आगे बढ़ाना नहीं चाहता।
क्या कोर्ट से बाहर निकलते वक्त सुनीता ने दिया संकेत?
कोर्ट से बाहर निकलते समय सुनीता ने ज्यादा बातचीत नहीं की।
पैपराजी के सवालों से परेशान नजर आईं सुनीता ने कार में बैठने से पहले ‘बर्थडे मनाने गए थे’ कहा और वहां से रवाना हो गईं।
यह टिप्पणी किस संदर्भ में थी, इसे लेकर अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा सकती हैं, लेकिन इसकी स्पष्ट व्याख्या सुनीता ने सार्वजनिक रूप से नहीं की।
इसलिए इस टिप्पणी को किसी बड़े संकेत के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा।
गोविंदा का कमबैक भी विवाद के बीच चर्चा में
एक ओर जहां गोविंदा का निजी जीवन सुर्खियों में है, वहीं दूसरी ओर अभिनेता अपने फिल्मी करियर को फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रहे हैं।
वह कई वर्षों के अंतराल के बाद फिल्मों में वापसी की तैयारी कर रहे हैं।
उनकी आगामी फिल्म ‘रूपा’ को लेकर भी चर्चा है।
इसी फिल्म से जुड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोविंदा ने कोमल रानी स्वर्णकार का मीडिया से परिचय कराया था और उनकी तारीफ की थी।
अभिनेता ने कहा था कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें एक अच्छी अभिनेत्री के रूप में देखेंगे।
कोमल के साथ दूसरी फिल्म की भी चर्चा
कोमल रानी स्वर्णकार के गोविंदा की एक अन्य फिल्म ‘दुनियादारी’ में भी नजर आने की चर्चा सामने आई है।
यही वजह है कि दोनों का एक साथ दिखाई देना केवल व्यक्तिगत विवाद के नजरिए से नहीं बल्कि फिल्मी प्रोजेक्ट्स के संदर्भ में भी देखा जा सकता है।
हालांकि दोनों के निजी रिश्ते को लेकर लगाए जा रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गोविंदा के करियर में परिवार का हमेशा रहा अहम रोल
गोविंदा और सुनीता की शादी को करीब चार दशक हो चुके हैं।
लंबे वैवाहिक जीवन के दौरान दोनों ने परिवार और करियर के कई उतार-चढ़ाव देखे।
गोविंदा के स्टारडम के चरम से लेकर उनके फिल्मी करियर के उतार तक सुनीता उनके साथ रही हैं।
इसी वजह से दोनों के बीच विवाद सामने आने पर प्रशंसकों की दिलचस्पी भी काफी बढ़ गई।
एक समय गोविंदा की शादी को रखा गया था निजी
गोविंदा के करियर के शुरुआती दौर में उनकी शादी की खबर सार्वजनिक न करने के पीछे फिल्मी करियर को लेकर चिंता बताई जाती रही।
उस समय अभिनेता लगातार सफलता की ओर बढ़ रहे थे।
बॉलीवुड में उनके रोमांटिक और कॉमिक हीरो के रूप में स्थापित होने के दौरान शादीशुदा होने की जानकारी उनके स्टार इमेज को प्रभावित कर सकती थी, ऐसा माना गया।
बाद में परिवार और शादी की जानकारी सार्वजनिक हुई।
अब तलाक की याचिका वापस लेने से बदला पूरा समीकरण
सुनीता द्वारा तलाक की याचिका वापस लिए जाने से इस पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है।
पहले जहां चर्चा का केंद्र यह था कि क्या दोनों अलग होने जा रहे हैं, अब सवाल यह है कि क्या दोनों अपने रिश्ते को फिर से सामान्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
मैनेजर की ओर से ‘अब सब ठीक है’ जैसी बात सामने आना जरूर सकारात्मक संकेत माना जा सकता है, लेकिन वास्तविक स्थिति पति-पत्नी के अपने बयानों से ही स्पष्ट होगी।
क्या निजी विवाद अब खत्म होगा?
पिछले डेढ़-दो साल से चल रही सार्वजनिक बयानबाजी ने गोविंदा और सुनीता दोनों को लगातार सुर्खियों में रखा।
अब याचिका वापस लिए जाने के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि दोनों अपने निजी मतभेदों को सार्वजनिक मंच से दूर रख सकते हैं।
गोविंदा के मैनेजर की नाराजगी भी इसी दिशा में दिखाई देती है कि परिवार से जुड़ी बातें मीडिया और अदालत तक पहुंचने के बजाय निजी तौर पर सुलझनी चाहिए थीं।
हालांकि आगे दोनों किस तरह अपने रिश्ते को लेकर सार्वजनिक रुख अपनाते हैं, यह देखना बाकी है।
गोविंदा-सुनीता की कहानी में अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं
तलाक की याचिका वापस होना निश्चित रूप से इस मामले का महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, लेकिन इससे यह अपने आप साबित नहीं होता कि पति-पत्नी के बीच हर मतभेद पूरी तरह खत्म हो चुका है।
इसी तरह पहले लगाए गए आरोपों को भी स्वतः सत्य नहीं माना जा सकता।
अब तक सामने आई जानकारी में अलग-अलग पक्षों के बयान शामिल हैं और वास्तविक निजी स्थिति केवल संबंधित परिवार ही बेहतर तरीके से जानता है।
इसलिए इस मामले में सबसे जिम्मेदार तस्वीर यही है कि सुनीता ने तलाक की याचिका वापस ले ली है और परिवार की ओर से अब रिश्ते सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।

