श्री राम कॉलेज ऑफ लॉ मेंअतिथि व्याख्यान का हुआ आयोजन
मुजफ्फरनगर। श्री राम कॉलेज ऑफ लॉ, मुजफ्फरनगर में एक अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया जिसका विषय था -२१ वी सदी में महिलाओ की भूमिका। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली की प्रसिद्ध मनोचिकित्सक मोना शर्मा राना उपस्थित रही।
सर्वप्रथम श्री राम कॉलेज ऑफ लॉ की प्रवक्ता आँचल अग्रवाल ने मुख्य अतिथि मोना शर्मा राना को बुके भेंट कर उनका स्वागत किया। मंच का संचालन भी प्रवक्ता आँचल अग्रवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मोना शर्मा राना ने कहा कि हमारे देश में प्राचीन काल से ही नारी को सम्मान देने की परंपरा रही है।
भारतीय नारी विद्या, बुद्धि, शौर्य, चरित्र में आदर्श रही है एवं भारत में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ अपना परचम लहराया है। देश और समाज के उत्थान मे भी महिलाओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है। महिलाओं की बढ़ती जागरूकता तथा दृढ़ इरादे हमारी आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक व्यवस्था को सशक्त कर रहे है।
महिलाओं को लेकर समाज की मानसिकता को सकारात्मक बनाने के लिए सोच में बदलाव का आना आवश्यक है। उन्होने आगे कहा कि आज भी महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव के अनेको उदाहरण समाज मे हर जगह देखने को मिल रहे है। आज भी भारतीय समाज में अनेको कुरीतियां प्रचलित है जैसे
केवल समाज में महिलाओं की भागीदारी ही उस भेदभाव को समाप्त कर सकती है। उन्होने कहा कि सशक्त राष्ट्र के लिए महिलाओ का सशक्त होना अनिवार्य है।
इसके साथ ही उन्होने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए महिलाओं के सम्मान और समानता के विषय में चर्चा की। लैंगिक असामनता को लेकर भी उन्होने छात्राओं से उनके विचार पूछे और महिलाओं की शिक्षा व मानसिक शक्ति को लेकर अपने विचारो का आदान-प्रदान किया। मुख्य अतिथि ने महिलाओं के सम्मान, इच्छाओं तथा उनकी स्थिति के विषय में समाज की मानसिकता पर भी चर्चा की।
कार्यक्रम के अन्त में विधि विभागाध्यक्षा डा० पूनम शर्मा ने मुख्य अतिथि मोना शर्मा राना को प्रतीक चिन्ह भेंट करतें हुए उनका सम्मान किया। श्री राम कॉलेज ऑफ लॉ के प्राचार्य डॉ० रविन्द्र प्रताप सिंह द्वारा मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में श्री राम कॉलेज ऑफ लॉ के प्रवक्तागण संजीव कुमार, आँचल अग्रवाल, राखी ढिलोर एवं अन्य स्टाफ में मौहम्मद आमिर का सराहनीय योगदान रहा एवं सचिन भी उपस्थित रहें।
