Sudan में अपहरण कांड: आरएसएफ ने भारतीय इंजीनियर आदर्श बेहरा को बनाया बंधक, खार्तूम में फिर भड़की हिंसा – भारत-सूडान संबंधों पर संकट की आहट
Sudan में रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) नामक विद्रोही मिलिशिया ने एक भारतीय नागरिक आदर्श बेहरा का अपहरण कर लिया है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब सूडानी सशस्त्र बल (SAF) और RSF के बीच 2023 से जारी खूनी संघर्ष अब अपने सबसे विनाशकारी चरण में पहुंच चुका है। राजधानी खार्तूम, जो कभी देश का आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र हुआ करती थी, अब गोलियों और बमबारी की आग में झुलस रहा शहर बन चुका है।
36 वर्षीय आदर्श बेहरा, जो ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले के रहने वाले हैं, 2022 से सूडान की सुकराती प्लास्टिक फैक्ट्री में बतौर इंजीनियर काम कर रहे थे। लेकिन अब उनका नाम दुनिया भर की खबरों में है — एक मासूम भारतीय मजदूर जो युद्ध के बीच बंदूक की नोक पर बंधक बन चुका है।
1,000 किलोमीटर दूर से अगवा, दक्षिण दारफुर में RSF के गढ़ में कैद
सूत्रों के मुताबिक, आदर्श बेहरा को खार्तूम से करीब 1,000 किलोमीटर दूर अल फशीर नामक शहर से अगवा किया गया। उन्हें संभवतः RSF के मजबूत गढ़ न्याला, दक्षिण दारफुर में ले जाया गया है।
इंटरनेट पर सामने आए एक वीडियो में आदर्श बेहरा दो सशस्त्र RSF जवानों के बीच बैठे नजर आते हैं, जबकि उनमें से एक उनसे मजाकिया लहजे में पूछता है – “क्या आप शाहरुख खान को जानते हैं?”
यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, और भारत में इसे देखकर उनके परिवार के लोग सदमे में हैं।
परिवार की गुहार: ‘हमारे पति को घर वापस लाओ’
एनडीटीवी से बातचीत में आदर्श की पत्नी सुस्मिता बेहरा ने रोते हुए कहा,
“मेरे दो छोटे बेटे हैं, एक आठ साल का और दूसरा सिर्फ तीन साल का। हमें नहीं पता कि आदर्श कहां हैं। उनका एक वीडियो देखकर हम टूट गए। मैं भारत सरकार से विनती करती हूं कि उन्हें सुरक्षित वापस लाया जाए।”
परिवार ने जो वीडियो साझा किया, उसमें आदर्श जमीन पर हाथ जोड़कर बैठे हैं और कहते हैं –
“मैं अल फशीर में हूं, जहां हालात बहुत खराब हैं। मैं दो साल से बड़ी मुश्किल से यहां रह रहा हूं। कृपया मेरी मदद करें, मेरा परिवार बहुत परेशान है।”
RSF का खौफनाक अभियान: 18 महीने की घेराबंदी के बाद कब्ज़ा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, RSF ने कैमलबैक और टोयोटा टेक्निकल वाहनों पर सवार होकर अल फशीर के आखिरी सरकारी ठिकाने पर 18 महीने की घेराबंदी के बाद कब्जा कर लिया।
अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने चेतावनी दी है कि RSF द्वारा की जा रही हत्या, बलात्कार और जातीय हिंसा की घटनाएं “युद्ध अपराध” की श्रेणी में आ सकती हैं।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट बताती है कि अब तक 1.3 करोड़ से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। दर्जनों अस्पताल नष्ट, भोजन और दवाइयों की भारी कमी, और बच्चों में कुपोषण ने स्थिति को “मानवीय आपदा” में बदल दिया है।
भारतीय दूतावास और सूडानी सरकार की जद्दोजहद
भारत में सूडान के राजदूत मोहम्मद अब्दुल्ला अली एल्टॉम ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उनकी सरकार और भारतीय विदेश मंत्रालय दोनों मिलकर आदर्श बेहरा की सुरक्षित रिहाई के लिए प्रयासरत हैं।
उन्होंने कहा –
“जब से भारतीय नागरिक के पकड़े जाने की खबर सामने आई है, तब से हम लगातार भारतीय विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं। हमने पहले भी इसी तरह की एक स्थिति में मिलकर काम किया था, और हमें उम्मीद है कि इस बार भी हम आदर्श को सुरक्षित वापस लाएंगे।”
एल्टॉम ने यह भी कहा कि स्थिति “बेहद अप्रत्याशित” है, लेकिन सूडानी अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय “RSF पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।”
भारत का मानवीय रुख: ‘हर नागरिक सुरक्षित लौटेगा’
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की है और सूडान में तैनात अपनी टीमों को 24 घंटे निगरानी में रखा गया है।
भारत सरकार ने इससे पहले भी युद्ध प्रभावित सूडान से सैकड़ों भारतीयों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन कावेरी’ चलाया था।
अब एक बार फिर भारतीय सरकार का फोकस आदर्श बेहरा को सुरक्षित वतन लाने पर है।
भारत-सूडान संबंध: दशकों पुरानी साझेदारी पर संकट का साया
सूडान के राजदूत एल्टॉम ने कहा कि भारत और सूडान के संबंध “गहरे ऐतिहासिक और आर्थिक बंधनों से जुड़े हैं।”
भारत ने इस संकट के दौरान चिकित्सा सहायता, खाद्य आपूर्ति और मानवीय राहत सामग्री भेजी है, जिसकी सूडान ने सार्वजनिक रूप से सराहना की है।
राजदूत ने कहा –
“जब सूडान युद्ध के बाद पुनर्निर्माण के चरण में पहुंचेगा, हमें विश्वास है कि भारत एक महत्वपूर्ण विकास साझेदार के रूप में हमारे साथ खड़ा रहेगा।”
RSF बनाम SAF: कौन किसके खिलाफ
सूडान की मौजूदा तबाही की जड़ें 2021 के सैन्य तख्तापलट में छिपी हैं।
जनरल अब्देल फतह अल-बुरहान (SAF प्रमुख) और मोहम्मद हमदान दगालो उर्फ हेमेती (RSF प्रमुख) के बीच सत्ता संघर्ष ने देश को दो टुकड़ों में बांट दिया।
आज सूडान का हर शहर — खार्तूम से लेकर न्याला तक — इस “गृहयुद्ध” का निशाना है।
RSF ने अब तक कई हवाई ठिकानों, सरकारी भवनों और तेल केंद्रों पर कब्जा कर लिया है।
यह लड़ाई अब सिर्फ सत्ता की नहीं, बल्कि जातीय, राजनीतिक और आर्थिक नियंत्रण की बन चुकी है।
भारतीय समुदाय में भय और बेचैनी
सूडान में करीब 3,000 से अधिक भारतीय नागरिक विभिन्न कंपनियों और संस्थानों में काम करते हैं। आदर्श बेहरा के अपहरण के बाद सूडान में मौजूद भारतीयों के परिवारों में गहरी चिंता और भय का माहौल है।
कई लोग अब भारत लौटने की योजना बना रहे हैं, जबकि कुछ कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को अस्थायी रूप से निलंबित करने का निर्णय लिया है।
दुनिया की निगाहें अब अल फशीर पर
संयुक्त राष्ट्र, अफ्रीकी संघ, और मानवाधिकार संगठनों ने सूडान में RSF की हिंसा की कड़ी निंदा की है। दूसरी ओर, अमेरिका और यूरोपीय देशों ने भी कहा है कि “मानवाधिकार उल्लंघन के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।”
लेकिन अब दुनिया की नजरें सिर्फ एक पर टिकी हैं –
क्या भारत अपने नागरिक को इस नरक से सुरक्षित निकाल पाएगा?

