बसपा का मंडल कार्यकर्ता सम्मेलन 9 जनवरी को- पाल समाज को साधने में जुटी BSP
BSP ने पश्चिम उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव की तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। सहारनपुर मंडल के पाल समाज के लोगों को साधने के लिए मुजफ्फरनगर में ९ जनवरी को कार्यकर्ता सम्मेलन रखा गया है। जिसमें बसपा के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल कार्यकर्ताओं को संगठन की मजबूती और चुनावी जीत का मंत्र देंगे।
कार्यकर्ता सम्मेलन के बहाने सहारनपुर मंडल के ३ जिलों की १६ विधानसभा सीटों पर पार्टी की नजर है। हालांकि मौजूदा सियासी परिप्रेक्ष्य में कार्यकर्ता सम्मेलन अति पिछड़ा वर्ग का बड़ा वोट बैंक माने जाने वाले पाल समाज को बसपा की झोली में डालने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
ओबीसी पर बसपा की फिर गड़ी नजर
प्रदेश की राजनीति में अहम किरदार रखने वाले अति पिछड़ा वर्ग पर सभी राजनीतिक दलों की नजर है। ओबीसी वोट बैंक के सहारे उत्तर प्रदेश की सत्ता में फिर से वापसी करने वाली भाजपा इस वर्ग से किसी भी सूरत में अपना साथ छोड़ने देना नहीं चाहती। विपक्ष में होने के बावजूद सपा भी अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़े नेताओं को अहमियत दे रही है।
BSPके पास बड़ा दलित वोट बैंक
प्रदेश की राजनीति में अचानक से नेपथ्य में चली गई BSP के पास बड़ा दलित वोट बैंक है। बावजूद अन्य पिछड़ा वर्ग पर भी उसकी निगाह है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बसपा ने फिर से सियासी हिचकोले लेने शुरू कर दिए हैं। पार्टी ने विश्वनाथ पाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर प्रदेश के अति पिछड़ा वर्ग को साधने का प्रयास किया है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा सीट पाल समाज के मतदाताओं का भी प्रभुत्व माना जाता है। सियासी तौर से पाल समाज के मतदाताओं को साधने के लिए पार्टी ने मुजफ्फरनगर में सहारनपुर मंडल का कार्यकर्ता सम्मेलन रखा है। सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर की १६ विधानसभा सीटों पर पाल समाज काफी संख्या में है। चुनावी जीत-हार में यह वर्ग बड़ी भूमिका निभाता है।
पाल समाज पर केंद्रित रहेगा सम्मेलनः सतीश रवि
बसपा जिलाध्यक्ष सतीश रवि ने बताया कि पार्टी समय-समय पर सम्मेलनों का आयोजन कर संगठन को मजबूत करती रही है।

