किसान विरोधी कानून के खिलाफ कई संगठनों ने किया धरना
बाराबंकी। किसान विरोधी काले कानून के खिलाफ पुरे भारत मे बन्दी का असर देखने को मिल रहा है। जनपद में किसान के समर्थन में कांग्रेस, सपा, सीपीआई के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश व केन्द्र सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुवे धरना प्रदर्शन किया।
वही किसान यूनियन, किसान भानु गुट ने शहर के सभी व्यपारियो से अपनी दुकानें बन्द करने की अपील की। बन्दी का असर शहर में तो नहीं लेकिन ग्रामीण इलाकों में किसान विरोधी बिल के खिलाफ बन्दी का असर देखने को मिला है।
किसानों के कंधे से कन्धा मिलकर चलने वाले जिले एक मात्र गांधीवादी चिन्तक राजनाथ शर्मा ने गांधी भवन में नरेन्द्र मोदी के किसान काले कानून के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया
जहाँ पर सैकड़ो की संख्या में लोगो ने किसान के समर्थन में हस्ताक्षर किया गया। छाया चौराहे पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ठ नेता तनुज पुनिया की अगवाई मे केन्द्र सरकार द्वारा किसान विरोधी काले कानून के विरुद्घ धरना प्रदर्शन किया।
सपा के जिलाध्यक्ष हाफिज अयाज के साथ पूर्व विधायक राम गोपाल अपने सैकड़ो समर्थको के साथ किसान के समर्थन में धरना किया। सीपीआई के वरिष्ठ नेता रणधीर सुमन ने अपने समर्थकों के साथ पुलिस प्रशासन की आँखों में धूल झोंककर जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुँच कर किसानों के समर्थन में जोरदार नारे बाजी की।
किसानों के समर्थन में विभिन्न संगठनों ने इस काले कानून के खिलाफ एक सुर में आवाज बुलन्द की है। केन्द्र सरकार के खिलाफ जगह जगह धरना प्रदर्शन किया गया है।
सिरौलीगौसपुर, आरएसघाट, रामनगर, फतेहपुर, हैदरगढ़, दरियाबाद, कुर्सी, सिधौर, नई सड़क, जैदपुर, बदोसराय, देवा, कोठी, मसौली कई ग्रामीणों में किसान द्वारा बन्दी का असर देखने को मिला है।
शहर में भले ही बंदी का असर न हुआ हो लेकिन तहसीलों में व्यपारियो ने किसान के सुख दुख में साथ खड़े रहने के लिये अपनी अपनी दुकानों को बन्द रखा।
बन्दी के दौरान सड़को पर सनाटा पसरा रहा। इस अवसर पर प्रशासन ने किसानों का भारत बन्द को पूरी तरह फ्लाफ करने के लिये शहर में घूम घूमकर दुकाने को जबर्दस्ती खुलवा रहे है।

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