मुंह का आना (Mouth Sores)- Symptoms, Treatment, and Prevention
मुंह का आना (Mouth Sores)- चिंता ना करें घरेलू बोल – चाल की भाषा में बोली जानेवाली समस्या ” मुंह आना ” एक बहुत ही सामान्य एवं आम बीमारी है , जिससे प्रायः प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कभी – न – कभी दो – चार होता ही है
अक्सर क्लिनिक में मुंह आने की शिकायत लेकर मरीज आते हैं और होमियो दवाओं की चन्द खुराकें उन्हें तत्काल राहत भी प्रदान कर देती है . मुंह आने की तकलीफ को चिकित्सकीय भाषा में विभिन्न नामों जैसे कि APHTHAE , THRUSH , STOMATITIS , SORE MOUTH आदि से जाना जाता है या कहें कि उपरोक्त अवस्था के कारण ही मुंह आने की समस्या आती है .
रोग लक्षण :मुंह का आना (Mouth Sores)- Symptoms
इस बीमारी में मुंह के अन्दर का भाग आक्रांत होता है ( ऊपरी तालू , गाल का अन्दरूनी हिस्सा , जीभ , ओठ के अन्दर की परत आदि ) . प्रमुख रोग लक्षणों में मुंह लाल हो जाना , मुंह के अन्दर छोटे – बड़े दाने एवं छालों का बनना , लार का ज्यादा नात्रा में निकलना , जीभ पर गाढ़ा लेप , दर्द एवं जलन के कारण ठीक से बोलने एवं खाना खाने में कष्ट का अनुभव, गर्म तथा तीखा मिर्च – मशाला वाला भोजन खाने में असमर्थता , मुंह से दुःर्गन्ध आना इत्यादि उपरोक्त लक्षणों के मिलने पर यह समझ जाना चाहिए कि मुंह के अन्दर संक्रमण हो गया है.
संक्रमण की तीव्र अवस्था में बुखार रह सकता है एवं गले की गिल्टियों ( Sub Maxillary Glands ) में सूजन भी आ सकता है . रोग के कारण : – मुंह आक्रांत होने के कई कारण हो सकते हैं .
प्रमुख कारणों में इस प्रकार है -(Symptoms)
( 1 ) जीवाणु , विषाणु या फिर फुंफुदी द्वारा संक्रमण .
( 2 ) तम्बाकू , गुटका , जर्दा आदि का अत्यधिक सेवन
( 3 ) धूम्रपान , मदिरापान ,
( 4 ) अंग्रेजी दवाओं का कुप्रभाव ( मुख्यतः स्टेराइड एवं एन्टीबायोटिक ) .
( 5 ) मुंह का ठीक ढंग से साफ – सफाई का अभाव .
( 6 ) कब्ज़ , गैस , अपच आदि .
( 7 ) मानसिक तनाव , अनिद्रा .
( 8 ) किसी विशेष खाद्य पदार्थ या रसायन से एलर्जी के फलस्वरूप .
( 9 ) पौष्टिक भोजन का अभाव , विटामिन बी ग्रुप की कमी , आदि
चिकित्सा :Treatment, and Prevention
मरीज को अपने मुख की साफ – सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए . आधा कप शुशुम पानी में कलैन्डुला- Q की कुछ बून्दे डालकर कुल्ला करने से विशेष लाभ मिलता है . प्रचुर मात्रा में हरी सब्जी एवं जल का सेवन करना चाहिए . गर्म एवं मसालेदार भोजन से परहेज रखें तथा धूम्रपान , तम्बाकू आदि का सेवन किसी भी रूप में न करें .
होनियो चिकित्सा : Treatment, and Prevention
वैसे तो मुंह आने की शिकायत यानि Sore mouth के लिए अनेक होमियो दवाओं का चयन किया जा सकता है . जैसे बेलाडोना , हिपर सल्फ , साइलिसिया , नर्क सोल , बोरेक्स , एसिड अल्क , नाइट्रिक एसिड , नेट्रम म्यूर , कैप्टीकम आदि परन्तु अपने दस वर्ष के संक्षिप्त क्लिनिकज अनुभव में मैंने पाया है कि तीन – चार दवाओं का पर्यायक्रम में देने से ही प्रायः सभी मरीजों में आशातीत सफलता मिल जाती है .
प्रथम अवस्था में बेलाडोना दें , उसके बाद मर्क सोल एवं बोरेक्स को पर्यायक्रम से तीन – चार दिनों तक दें साथ ही कलैन्दुला- क्यूं को पानी में मिलाकर मरीज को कुल्ला करने कहें
यदि बार – बार यह बीमारी परेशान कर रही हो तो ट्यूबरकूलिजन 1M की दो खुराक 15 दिनों पर खिला देने से इस समस्या से हमेशा के लिये निजात पाया जा सकता है . इस फार्मूले से मैंने सैंकड़ों मरीज ठीक किये हैं , यह व्यवहार की बात है , वैसे सैद्धान्तिक रूप से इस पर बहस , तर्क तथा मतभेद हो सकते हैं .


