Muzaffarnagar में गर्मी का कहर: 38 डिग्री तापमान, लेकिन 43 डिग्री जैसी तपिश से बेहाल लोग, बाजारों में पसरा सन्नाटा
Dr. S.K. Agarwal
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Heatwave Alert, उत्तर प्रदेश मौसम, उमस, गन्ने का रस, गर्मी का प्रकोप, तापमान, बेल का शरबत, भीषण गर्मी, मुज़फ्फरनगर न्यूज़, मुजफ्फरनगर मौसम, मौसम अपडेट, मौसम समाचार, हीटवेवMuzaffarnagar Heatwave का असर लगातार गहराता जा रहा है। जून के अंतिम दिनों में भी गर्मी लोगों की मुश्किलें कम करने का नाम नहीं ले रही। तापमान भले ही 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया हो, लेकिन बढ़ी हुई उमस और हवा की बेहद धीमी रफ्तार के कारण लोगों को लगभग 43 डिग्री सेल्सियस जैसी झुलसा देने वाली गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से लेकर शाम तक तेज धूप और गर्म वातावरण ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।
स्थिति यह है कि दोपहर के समय शहर की सड़कें और प्रमुख बाजार अपेक्षाकृत सूने दिखाई देने लगे हैं। लोग जरूरी कामों को सुबह या शाम के समय निपटाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। दिन के सबसे गर्म घंटों में घरों से बाहर निकलने से बचा जा रहा है।
38 डिग्री तापमान, लेकिन महसूस हुई 43 डिग्री जैसी गर्मी
Muzaffarnagar Weather Update के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि मौसम की वास्तविक चुनौती तापमान से ज्यादा वातावरण में मौजूद नमी और कम वायु प्रवाह ने पैदा की।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जब हवा की गति कम होती है और वातावरण में नमी बढ़ जाती है, तब शरीर को ठंडा होने में कठिनाई होती है। यही कारण है कि वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस होती है।
गुरुवार को लोगों ने भी कुछ ऐसा ही अनुभव किया। सुबह के समय ही धूप तीखी हो गई थी और दोपहर तक गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई। कई लोगों ने बताया कि बाहर निकलते ही कुछ ही मिनटों में पसीना आने लगा और उमस के कारण बेचैनी बढ़ गई।
हवा की धीमी रफ्तार ने बढ़ाई उमस की समस्या
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार दिनभर हवा की औसत रफ्तार लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटा रही। सामान्य परिस्थितियों में तेज हवा गर्मी के प्रभाव को कुछ हद तक कम कर देती है, लेकिन इस बार हवा की गति कम रहने से लोगों को राहत नहीं मिल सकी।
कम वायु प्रवाह के कारण वातावरण में उमस बढ़ती गई और गर्मी अधिक असहनीय महसूस होने लगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यही कारण है कि तापमान अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद लोगों को अत्यधिक गर्मी का अनुभव हुआ।
विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले श्रमिकों को इस मौसम में अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
सुबह और शाम को ही घरों से निकल रहे लोग
Extreme Heat Muzaffarnagar का असर लोगों की दिनचर्या पर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय शहर में लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई है। अधिकांश लोग सुबह जल्दी या फिर सूर्यास्त के बाद ही अपने आवश्यक कार्यों के लिए घरों से निकल रहे हैं।
बाजारों में खरीदारी करने वाले लोगों की संख्या भी कम हुई है। कई परिवारों ने दिन के समय बाहर निकलने की बजाय घरों में ही रहना बेहतर समझा। विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ दिखाई दी।
गर्मी से बचाव के लिए गन्ने का रस और बेल का शरबत बना सहारा
तेज गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पारंपरिक पेय पदार्थों का भी सहारा ले रहे हैं। शहर में गन्ने का रस, बेल का शरबत, नींबू पानी, छाछ और अन्य ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है।
कई जगहों पर गन्ने के रस की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखने को मिली। वहीं बेल का शरबत और अन्य प्राकृतिक पेय पदार्थ भी लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी न होने देना बेहद जरूरी है। इसलिए नियमित रूप से पानी पीना और तरल पदार्थों का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।
मास्क, गमछा और छाते से कर रहे धूप का मुकाबला
शहर में बाहर निकलने वाले लोग धूप से बचाव के लिए विभिन्न उपाय अपनाते दिखाई दिए। कई लोग चेहरे को मास्क, गमछे या साफे से ढककर घर से निकले। वहीं महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने धूप से बचने के लिए छाते का इस्तेमाल किया।
दोपहिया वाहन चालकों ने भी गर्म हवाओं और तेज धूप से बचाव के लिए पूरे चेहरे को कपड़े से ढकना उचित समझा। शहर के प्रमुख मार्गों पर इस प्रकार के दृश्य आम दिखाई दिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप में सीधे संपर्क से बचना और शरीर को ढककर रखना हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचाव में मददगार हो सकता है।
प्रमुख बाजारों में दोपहर के समय छाया सन्नाटा
Temperature in Muzaffarnagar बढ़ने के साथ-साथ बाजारों पर भी इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में दोपहर के समय सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल देखने को नहीं मिली।
भगत सिंह रोड, शिव चौक, झांसी की रानी चौक और आसपास के बाजारों में दोपहर के दौरान अपेक्षाकृत कम भीड़ नजर आई। आमतौर पर व्यस्त रहने वाले इन इलाकों में कई स्थानों पर सन्नाटे जैसा माहौल देखने को मिला।
व्यापारियों का कहना है कि लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के कारण ग्राहक बाजारों में कम पहुंच रहे हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।
दुकानदारों पर भी पड़ा असर, कारोबार हुआ प्रभावित
गर्मी का असर केवल आम लोगों तक सीमित नहीं है बल्कि स्थानीय व्यापार भी इससे प्रभावित हो रहा है। दुकानदारों का कहना है कि दोपहर के समय ग्राहक लगभग न के बराबर पहुंच रहे हैं।
विशेष रूप से कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य गैर-जरूरी वस्तुओं की दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में गिरावट देखी गई है। हालांकि ठंडे पेय पदार्थों, आइसक्रीम और फलों की दुकानों पर अपेक्षाकृत अधिक भीड़ देखी जा रही है।
व्यापारियों का मानना है कि जब तक मौसम में बदलाव नहीं आता, तब तक बाजारों में सामान्य गतिविधियां लौटना मुश्किल दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों ने जारी की सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल गर्मी से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। अगले कुछ दिनों तक तापमान और उमस दोनों लोगों को परेशान कर सकते हैं।
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को ढककर रखें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और लंबे समय तक धूप में रहने से बचें।
इसके अलावा बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि ऐसे मौसम में उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका अधिक रहती है।
हीटवेव जैसी स्थिति ने बढ़ाई चिंता
हालांकि आधिकारिक रूप से हीटवेव घोषित किए जाने की स्थिति अलग होती है, लेकिन जिस प्रकार का तापमान और उमस का संयोजन देखने को मिल रहा है, उसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
शहर में अधिकांश लोग यही उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव आए और गर्मी से कुछ राहत मिले। फिलहाल मौसम का मिजाज यही संकेत दे रहा है कि लोगों को अभी कुछ और दिनों तक गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।

