Muzaffarnagar- कोहरे व शीतलहर से बढी परेशानी,पश्चिमी उत्तर प्रदेश पूरी तरह से ठंड की चपेट में
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मंगलवार सुबह का तापमान ५.२ डिग्री पर पहुंच गया। ठंड में बढ़ोतरी से लोगों की मुश्किलों में इजाफा हुआ। सुबह के समय कोहरे की चादर ने शहर को अपने आगोश में लिए रखा। धूप न निकलने से परेशान लोगों ने अलाव का सहारा लिया। शीतलहर ने लोगों की परेशानी बढ़ाए रखी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश पूरी तरह से ठंड की चपेट में आ गया है। रात सर्द हो रही है, और सुबह के समय पारा काफी नीचे जाने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सुबह का तापमान ७ डिग्री दर्ज किया गया-शिक्षा विभाग ने सभी परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में आठवीं तक के छात्र-छात्राओं की शीतकालीन छुट्टी घोषित कर दी है। कक्षा ९ से १२वीं तक के बच्चों को कालेज जाना पड़ रहा है। मंगलवार सुबह का तापमान ५.२ डिग्री पर पहुंच गया। सोमवार को सुबह का तापमान ७ डिग्री दर्ज किया गया था। सोमवार के मुकाबले मंगलवार के दिन तापमान में गिरावट आई, जिससे जनजीवन असामान्य हो गया। बच्चे घरों में ही सीमित रहे।
अधिकतम तापमान में गिरावट से बढ़ी दिक्कत-न्यूनतम के साथ-साथ अधिकतम तापमान में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। अधिकतम तापमान नीचे जाने से लोगों की दिक्कतों में बढ़ोतरी हो रही है। सोमवार को अधिकतम तापमान १३.८ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हालांकि रविवार का अधिकतम तापमान १२.८ डिग्री रहा था। अधिकतम तापमान में गिरावट का कारण दोपहर में भी धूप का न निकलना माना जा रहा है। सुबह के समय अधिकतर लोग घर में रहते हैं। लेकिन दोपहर और शाम के समय काम की बाध्यता के चलते उन्हें घर से बाहर निकलना पड़ता है। ऐसे में अधिकतम तापमान में गिरावट परेशानियों में अधिक बढ़ोतरी कर रहा है।
कूडा डलावघर पर दिनभर मंडराते है आवारा पशु
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) नगर के रूडकी रोड स्थित जिला अस्पताल के समीप कूडा डलाव घर पर गन्दगी का अम्बार है। नागरिकों का कहना है कि कूडा डलाव घर के कारण रूडकी रोड की और से आने-जाने वालो को परेशानी का सामना करना पडता है। दुर्गन्ध से लोग बेहाल हैं वहीं दूसरी और कूडा डलाव घर पर आवारा पशु मडराते रहते हैं। नागरिको का कहना है कि जन स्वास्थ्य के दृष्टिगत स्वच्छता के मददेनजर इस और गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। जिला अस्पताल के समीप कूडा डलाव घर के कारण संक्रमण फैलने का भी भय बना है। गौर तलब है कि जिला अस्पताल मे भर्ती मरीजों पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड सकता है।

