Muzaffarnagar में संत शिरोमणि रविदास जयंती की भव्य तैयारी: 1 फरवरी 2026 को ऐतिहासिक शोभायात्रा, शहर बनेगा आस्था और एकता का साक्षी
Muzaffarnagar Ravidas Jayanti 2026 को ऐतिहासिक और भव्य बनाने की तैयारियों ने अब रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में संत शिरोमणि रविदास महासभा द्वारा आयोजित बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया कि इस वर्ष संत शिरोमणि संत रविदास के 649वें जन्मदिवस को अभूतपूर्व स्तर पर मनाया जाएगा। आयोजन को लेकर समाज में उत्साह, एकजुटता और आस्था का वातावरण देखने को मिल रहा है।
🔴 अम्बेडकर धर्मशाला में हुई अहम बैठक
मोहल्ला रविदासपुरी स्थित अम्बेडकर धर्मशाला में सम्पन्न इस महत्वपूर्ण बैठक में महासभा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 1 फरवरी 2026, रविवार को रविदास जयंती पूरे सम्मान और भव्यता के साथ मनाई जाएगी। बैठक का उद्देश्य केवल आयोजन की रूपरेखा तय करना नहीं था, बल्कि समाज में एकता, समरसता और संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया गया।
🔴 अध्यक्ष और महासचिव ने साझा की तैयारियों की रूपरेखा
महासभा के अध्यक्ष राजकुमार सिद्धार्थ और महासचिव दीपचन्द उर्फ माटू ने जानकारी दी कि Muzaffarnagar Ravidas Jayanti 2026 के लिए विशाल स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। शोभायात्रा, झांकियां, बैंड-बाजे, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को विशेष रूप से आकर्षक बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि संत रविदास का जीवन सामाजिक समानता, मानवता और कर्म की शुद्धता का प्रतीक है, और यही संदेश इस आयोजन के माध्यम से समाज तक पहुंचाया जाएगा।
🔴 टाउनहॉल मैदान से निकलेगी संयुक्त शोभायात्रा
महासभा के मीडिया प्रभारी विजय कैमरिक ने बताया कि संत रविदास महाराज के अनुयायी अपने-अपने मोहल्लों से बैंड-बाजों और आकर्षक झांकियों के साथ टाउनहॉल मैदान पहुंचेंगे। वहां से संयुक्त रूप से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
यह शोभायात्रा टाउनहॉल से प्रारंभ होकर झांसी की रानी चौक, शिव चौक, रूड़की रोड, सरवट चौक, बकरा मार्केट, आबकारी चौकी, हनुमान चौक और भगत सिंह रोड से गुजरते हुए पुनः शिव चौक पर संपन्न होगी। मार्ग को सजाया जाएगा और जगह-जगह पुष्पवर्षा व स्वागत द्वार बनाए जाएंगे।
🔴 सामाजिक समरसता का संदेश देगा आयोजन
Muzaffarnagar Ravidas Jayanti 2026 केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का प्रतीक बनने जा रहा है। संत रविदास ने अपने जीवन में जाति, भेदभाव और ऊंच-नीच के खिलाफ आवाज उठाई थी। महासभा के पदाधिकारियों का कहना है कि इसी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
🔴 पदाधिकारियों और सदस्यों की रही व्यापक मौजूदगी
बैठक में महासभा के संरक्षक रजनीश कुमार गौतम, अध्यक्ष राजकुमार सिद्धार्थ, महासचिव दीपचन्द उर्फ माटू, उपाध्यक्ष रामनिवास रप्पू, नीरज छपारिया, संजय जानिया, सचिव सोमदत्त मास्टर, सतीश डेन्टर, राजेश्वर दयाल उर्फ राजू, ऑडिटर किरणपाल उर्फ भूरा, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र धीरयान, कानूनी सलाहकार कुलदीप एडवोकेट, डॉ. मुकेश गौतम, अरविन्द एडवोकेट, मीडिया प्रभारी विजय कैमरिक, अमित गौतम सहित बड़ी संख्या में महासभा के सदस्य उपस्थित रहे।
इसके अलावा राजपाल, सुन्दरलाल, दीपक, सुमित, शंकर पेंटर, राजेन्द्र पेंटर, अंकित, सागर, अभिषेक, आयुष, सन्नी, सोनू, शैंकी, अभिषेक कुमार, अन्नू सिद्धार्थ, अजय और विश्वजीत उर्फ वीशू की उपस्थिति ने बैठक को और सशक्त बना दिया।
🔴 शहर में दिखने लगा उत्सव का माहौल
जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे शहर के विभिन्न मोहल्लों में उत्सव की झलक दिखाई देने लगी है। बैनर, पोस्टर और बैठकों के माध्यम से लोगों को आयोजन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। Muzaffarnagar Ravidas Jayanti 2026 को लेकर समाज के हर वर्ग में उत्साह है और इसे ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया गया है।

