Muzaffarnagar शुकदेव नगरी बनी तंबुओं की नगरी, गंगा स्नान मेले में श्रद्धालुओं का सैलाब
मोरना/मुजफ्फरनगर।(Muzaffarnagar News) तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में आयोजित प्रसिद्ध कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। दूर दराज क्षेत्रो से अनेक श्रद्धालु मेले में पहुंच गए हैं और ठहरने के लिए तंबुओं के अस्थायी डेरे बना लिए हैं।जिससे शुकदेव नगरी तंबुओं के नगर में तबदील हो गई है। श्रद्धालु विभिन्न मंदिरों में पूजा अर्चना प्रसाद चढ़ाकर मनौती मांग रहे हैं, वही मेले के बाजारों में सामान खरीदने वाले श्रद्धालुओं की भी भीड़ लगी हुई है।
जिला पंचायत द्वारा आयोजित मेले में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ गया है। मुजफ्फरनगर के अलावा आस पास के जिले के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भैंसा-बुग्गी व ट्रैक्टर-ट्राली से नगरी में पहुंच गए और गंगा के किनारे रेत में ठहरने के लिए तंबुओं के अस्थायी डेरे बनाकर रह रहे हैं जिससे शुकदेव नगरी तंबुओं के नगर में तबदील हो गई है। गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के चलते पुलिस बल तैनात की गई है।
महिला घाट पर महिला पुलिस बल लगाया गया हैं। कारगिल शहीद स्मारक व शिक्षा ऋषि की समाधि पर भी श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर नमन किया। वही, शुकदेव पीठ में प्राचीन अक्षय वट वृक्ष की परिक्रमा कर धागा बाधनें वाले श्रद्धालुओं की भी दिन भर भीड़ लगी रही। मेले में आए श्रद्धालु अपने अपने डेरों में अनेक प्रकार के व्यंजन बना रहे है।
प्राचीन दंड़ी आश्रम, श्री महेश्वर आश्रम, मानव निर्माण योग आश्रम, महाशक्ति सिद्ध पीठ, रविदास आश्रम, सत साहेब आश्रम, खिचड़ी वाले बाबा का आश्रम, आदि मे सत्संग प्रवचन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित महर्षि दयानंद धाम में सार्वदेशिक आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में ११ दिवसीय चतुर्वेद महापारायण महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा। जिसमें शनिवार को युवाओं ने रस्सी व लकड़ी के मलखंब पर आसनों का प्रदर्शन किया। जिन्हें देखकर नगरी के साधु-संत दंग रह गए।
मुख्य प्रशिक्षक आचार्य हरपाल शास्त्री के निर्देशन में गांव फिरोजपुर की प्रीति आर्या ने लकड़ी के मलखंब पर ताड़ आसन, नटराजन, वक्रासन, हस्त पादंग आसन किए। जिन्हें देखकर नगरी के साधु-संत दंग रह गए। इसके अलावा रवि, सुमित, कपिल, राज कुमार, पवन ने रस्सी के मलखंब पर पूर्ण बजरंग आसन, पूर्ण चक्रासन, सम्प्रसारण एव सव आसन, चक्रासन, ताड़ आसन, गरुड़ आसनों का प्रदर्शन दिया।
मुख्य अतिथि स्वामी सूर्यवेश जी महाराज ने कहा कि ने कहा कि युवाओं को शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खेलकूद जरूरी है। छात्र-छात्राओं को पढ़ाई लिखाई के साथ साथ खेलकूद में भी बढ़ चढ़कर भाग लेना है। आर्य युवक परिषद के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी रामानंद वेश महाराज ने कहा कि लड़कियां प्रत्येक क्षेत्र में लड़कों की बराबरी कर रही है। राष्ट्रीय सैनिक संस्था से जुडेघ् स्वामी भजनानंद महाराज ने कहा कि युवाओं को खेलकूद कार्यक्रम से जोड़ने के लिए गांव गांव में खेलकूद प्रतियोगिता होनी चाहिए।
मेले में बच्चों के मुण्डन कराने की परम्परा बहुत पुरानी हैं परिवार वाले बच्चे जन्म के समय ही घोषणा कर देते है कि वे अपने बच्चे का मुण्डन संस्कार गंगा किनारे मेले में ही कराएगें और वे अपने सगे सम्बन्धी व रिश्तेदारों की मौजूदगी में बच्चे का मुण्डन संस्कार कराकर दान पुण्य भी करते है। शनिवार को गंगा घाट पर अनेक श्रद्धालुओं ने अपने बच्चों के मुण्डन संस्कार कराया।
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सीओ देवव्रत वाजपेई के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक राजीव शर्मा व मेला कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ श्रद्धालुओं के वाहनों व तंबुओं की तलाशी ली गई जिनमें कई भैंसा-बुग्गी व डेरों से शराब भी बरामद हुई।

