वैश्विक

इतिहास रच दिया Narendra Modi ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर

Narendra Modi ने रविवार को तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर एक नया इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि के साथ ही वह पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं जिन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। जवाहरलाल नेहरू के बाद वह दूसरे ऐसे नेता हैं जिन्होंने तीन बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है। यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है जिसे बहुत कम लोगों ने संभव माना था।

चुनाव परिणाम और गठबंधन की चुनौतियाँ

Narendra Modi को तीसरे कार्यकाल में जनादेश उतनी मजबूती से नहीं मिला जितना पहले के दो कार्यकालों में मिला था। इस बार भाजपा अपने दम पर बहुमत हासिल करने में विफल रही। चुनाव से पहले भाजपा ने ‘चार सौ पार’ का नारा दिया था, लेकिन वह अपने गठबंधन के सहयोगियों के साथ मिलकर भी तीन सौ के आंकड़े को पार नहीं कर सकी। कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और भाजपा के विजय रथ को उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान जैसे राज्यों में रोकने में सफलता पाई। नतीजतन, विपक्ष ने चुनाव परिणामों को मोदी की ‘नैतिक हार’ करार दिया।

राजनीतिक परिदृश्य और मोदी की भूमिका

भले ही भाजपा को अपेक्षित बहुमत नहीं मिला, लेकिन भारतीय राजनीति में 73 वर्षीय मोदी का वर्चस्व आने वाले वर्षों में भी कायम रहने वाला है। इस दौरान उन्हें गठबंधन की राजनीति के विभिन्न पहलुओं का सामना करना पड़ेगा। 2002 के गुजरात विधानसभा चुनावों में पहली बार भाजपा का नेतृत्व करने के बाद मोदी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

Narendra Modi का व्यक्तिगत और राजनीतिक सफर

नरेंद्र दामोदरदास मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। एक अति पिछड़ा वर्ग के परिवार से आने वाले मोदी ने अपने बचपन में चाय बेचने में अपने पिता की मदद की और बाद में अपना खुद का स्टाल चलाया। 8 साल की आयु में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े। बाद में राजनीति विज्ञान में एमए की डिग्री हासिल की।

मोदी पहली बार 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने और उसके बाद लगातार चार बार मुख्यमंत्री बने रहे। 2014 में उनके नेतृत्व में भाजपा ने लोकसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की और 282 सीटों पर कब्जा जमाया। यह पहला मौका था जब भाजपा को केंद्र में बहुमत मिला था। 2019 में भाजपा ने 303 सीटों पर जीत हासिल की।

प्रमुख निर्णय और उनके प्रभाव

Narendra Modi को कड़े फैसले लेने वालों में गिना जाता है। अपने प्रधानमंत्री के 10 साल के कार्यकाल में उन्होंने कई ऐसे फैसले लिए जिन्होंने देश की दशा और दिशा बदल दी। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का साहसिक कदम, तीन तलाक कानून लागू करना, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राम मंदिर निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कोरोना काल में वैक्सीन निर्माण और गरीबों को मुफ्त अनाज देने की योजनाएं भी उनके महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल हैं। इसके साथ ही सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम हुए।

सामाजिक प्रभाव

मोदी के शासनकाल ने भारतीय समाज पर कई प्रभाव डाले हैं। उनके निर्णयों ने देश में एक नया राष्ट्रवाद का माहौल पैदा किया है। युवा वर्ग में एक नई ऊर्जा और विश्वास देखा जा सकता है। लेकिन साथ ही, कुछ निर्णयों के कारण समाज में ध्रुवीकरण भी बढ़ा है। नागरिकता संशोधन अधिनियम और अनुच्छेद 370 के हटने से संबंधित मुद्दों पर देश में बड़े पैमाने पर बहस और विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

नैतिक और सांस्कृतिक प्रभाव

मोदी की नेतृत्व शैली और उनके निर्णयों का भारतीय नैतिकता और संस्कृति पर भी प्रभाव पड़ा है। स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं ने समाज को एक नई दिशा दी है। लोगों में स्वच्छता, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूकता बढ़ी है।

राजनीतिक प्रभाव

राजनीतिक दृष्टिकोण से, मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने अपना विस्तार किया है। हालांकि, तीसरे कार्यकाल में गठबंधन की राजनीति की चुनौतियाँ अधिक होंगी। राज्यों में भाजपा की स्थिति को मजबूत करना और गठबंधन के साथ तालमेल बनाना एक बड़ा मुद्दा होगा। विपक्षी दलों की एकजुटता भी एक महत्वपूर्ण चुनौती है जिससे निपटना होगा।

नरेंद्र मोदी का तीसरी बार प्रधानमंत्री बनना भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उनके पिछले दो कार्यकाल में लिए गए निर्णयों ने देश की दिशा और दशा को प्रभावित किया है। आने वाले वर्षों में उनके नेतृत्व में भाजपा को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। लेकिन यह भी सच है कि भारतीय राजनीति में मोदी का वर्चस्व आने वाले समय में भी बना रहेगा। उन्हें गठबंधन की राजनीति, सामाजिक ध्रुवीकरण और विपक्षी दलों की चुनौतियों का सामना करते हुए देश को आगे बढ़ाना होगा।

News-Desk

निष्पक्ष NEWS.जो मुख्यतः मेन स्ट्रीम MEDIA का हिस्सा नहीं बन पाती हैं। हमारा लक्ष्य न्यूज़ को निष्पक्षता और सटीकता से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठकों को विश्वासनीय और सटीक समाचार मिल सके। किसी भी मुद्दे के मामले में कृपया हमें लिखें - [email protected]

News-Desk has 15470 posts and counting. See all posts by News-Desk

Avatar Of News-Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

2 + 3 =