यौन गुलाम लड़की के सामने घुटने टेके पुरुष की मूर्तियों से दक्षिण कोरिया और जापान में
दक्षिण कोरिया में कांसे से बनाई गईं दो मूर्तियां जापान के साथ उसके कूटनीतिक रिश्तों को बिगाड़ने का काम कर रही हैं। मूर्तियों के जरिये दिखाया गया है कि जापान की युद्धकालीन सेना द्वारा यौन गुलामी की शिकार लड़की के सामने एक व्यक्ति घुटने टेके बैठा है।
जापान सरकार के प्रवक्ता ने प्रश्न किया है कि क्या मूर्ति के रूप में दिखाया गया पुरुष जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे का प्रतिनिधित्व करता है।
दक्षिण कोरिया के पर्वतीय शहर प्योंगचांग में स्थित बोटेनिक गार्डन के मालिक किम चांग-रियोल ने बताया कि अवांछित विवाद को देखते हुए उन्होंने मूर्तियों के अनावरण समारोह को रद्द कर दिया है
जो 10 अगस्त को होना था। उन्होंने कहा, प्रतिमाएं मेरा विचार थीं, लेकिन मेरा इरादा घुटने टेके बैठी मूर्ति को जापानी प्रधानमंत्री के रूप में दिखाने का नहीं है।
किम ने कहा, पुरुष की मूर्ति उस व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करती है, जो यौन गुलामी के पीड़ितों से ईमानदारी से माफी मांग सकता है। यह अभी या भविष्य में तय होगा। ऐसे में घुटने टेके मूर्ति आबे की हो सकती है और नहीं भी।
बता दें कि 2012 में सत्ता में आने के बाद से जापानी प्रधानमंत्री आबे जापान के युद्धकालीन अतीत को लेकर दक्षिण कोरिया के लोगों के राष्ट्रवादी रुख पर रोष जताते रहे हैं और उनकी मांग है कि दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में जापानी दूतावास के समाने यौन दासता के पीड़ितों के प्रतीक वाली मूर्तियों को हटाया जाए।

