जिला अस्पताल में दवा के लिए जूझ रहे मरीज-अतिरिक्त दवा खिड़की की व्यवस्था नहीं
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल से दवा हासिल करने में मरीजों को जूझना पड़ता है। दवा खिड़की पर दवा पाने के लिए खूब मारामारी मचती है। घंटों लाइन के लगने के बाद भी मरीजों को दवा नहीं मिल रही है। स्थिति यह है कि जिले के नोडल अधिकारी के आदेश के बावजूद अतिरिक्त दवा खिड़की की व्यवस्था नहीं की गई है।
स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन दो हजार तक मरीज आते हैं।
इन मरीजों को चिकित्सक को दिखाने और फिर दवा हासिल करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। पहले डाक्टर को दिखाने में घंटों लगते हैं और फिर दवा हासिल करने के लिए खिड़की पर घंटों लाइन में लगना पड़ता है। प्रतिदिन अस्पताल समय में सबसे ज्यादा भीड़ दवा खिड़की पर ही रहती है। जिला अस्पताल में तीन दवा खिड़कियां होने के बावजूद मरीजों को भारी भीड़ में परेशान होना पड़ता है।
कुछ माह पूर्व जिला अस्पताल के निरीक्षण पर आए तत्कालीन नोडल अधिकारी ने भी दवा खिड़की बढ़ाने के निर्देश दिए थे। कृषि सचिव एवं जिले के नोडल अधिकारी अमित मोहन प्रसाद ने भी जिला अस्पताल का निरीक्षण किया।
उन्होंने भी दवा खिड़की पर मरीजों की भीड़ देखकर अतिरिक्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए।उधर, सीएमएस डा. पंकज अग्रवाल का कहना है कि महिला-पुरुष और दिव्यांगों के लिए अलग-अलग दवा खिड़कियां हैं। मरीजों की संख्या काफी है। इसके चलते दवा खिड़की पर भी भीड़ बढ़ जाती है। मरीजों की सुविधा के लिए अतिरिक्त व्यवस्था का प्रयास किया जाएगा।
भीड़ से जूझते हैं मरीज-बीमारी से जूझते मरीजों को दवा हासिल करने के लिए भीड़ से भी जूझना पड़ता है। दवा खिड़की पर लाइन में लगे वृद्ध हनीफ ने बताया कि बुखार के बावजूद पिछले एक घंटे से लाइन में लगे हैं। खालापार निवासी नाजमा ने बताया कि कई दिनों से उसका इलाज चल रहा है, लेकिन दवा लेने के लिए घंटों तक लाइन में लगना पड़ता है। रामपुरी निवासी परमेंद्र, साकेत कॉलोनी के हरीश भी बीमारी के बावजूद काफी देर से दवा खिड़की पर लाइन में लगे नजर आए। मरीजों ने दवा खिड़की बढ़वाने की मांग की है।
जिला अस्पताल का निरीक्षण कर दिए निर्देश-कृषि विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने ब्लड बैंक, इमरजेंसी सेवा तथा पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। सीएमओ तथा सीएमएस को निर्देश दिए कि मरीजों को कोई दिक्कत न हो। उनकी सुविधाओं का ध्यान रखें।
