पाकिस्तान: बिल्डर ने ढहाया प्राचीन हनुमान मंदिर, विरोध करने पर मिली अंजाम भुगतने की धमकी
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में पुलिस ने सोमवार को एक निर्माण स्थल को सील कर दिया। यहां विभाजन से पूर्व एक हिंदू मंदिर को कथित तौर पर बिल्डर द्वारा ढहा दिया गया।
दर्जनों हिंदू परिवार ल्यारी में फिदा हुसैन शेख रोड की तंग सड़कों पर उस जगह इकट्ठा हो गए जब उन्होंने सुना कि शाम को हनुमान मंदिर को ढहा दिया गया।
इसके बाद ल्यारी के सहायक आयुक्त अब्दुल करीम मेमन पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मंदिर का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने निर्माणाधीन स्थल के तीनों दरवाजों को सील कर दिया।
Pre-partition Hanuman Mandir razed to the ground in Pakistan: Here is how builder took advantage of lockdown to demolish Templehttps://t.co/82hoTT8dG5
— OpIndia.com (@OpIndia_com) August 20, 2020
जहां एक आवासीय भवन बनाया जाना है। स्थल को सील करने के बाद उन्होंने कहा, ‘हमने जांच शुरू कर दी है। स्थल को इसलिए सील किया गया है ताकि जांच की जा सके।’
मोहम्मद इरशाद बलूच ने कहा, ‘यह अन्याय है क्योंकि पूजा स्थल को ढहा दिया गया। यह एक पुराना मंदिर था। हमने इसे बचपन से देखा है।’ क्षेत्र के निवासी हीरा लाल ने कहा कि मंदिर के पास 18 परिवार रहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘हमें बिल्डर द्वारा आश्वासन दिया गया था कि मंदिर को नहीं ढहाया जाएगा।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि रविवार देर शाम मंदिर को ढहाया गया है।
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार एक अन्य निवासी हरेश ने कहा, ‘लॉकडाउन में किसी को भी मंदिर आने की इजाजत नहीं थी।’ वहीं अक्सर मंदिर आने वाले एक निवासी ने कहा, ‘उन्होंने (बिल्डर) महामारी का फायदा उठाया और हमारे पूजा स्थल को ढहा दिया।
उन्होंने मांग की कि मंदिर को दोबारा बनाया जाए। उन्होंने दावा किया कि बिल्डर ने क्षेत्र के हिंदू निवासियों से वादा किया था कि मंदिर को नहीं ढहाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि हमें वैकल्पिक आवास का आश्वासन दिया गया था।
जैसे ही मंदिर ढहाए जाने की खबर मिली ल्यारी के कई हिंदू निवासी मंदिर पहुंच गए। अधिकारियों से बात करते हुए उन्होंने अपनी निराशा और गुस्से को व्यक्त किया। एक हिंदू कार्यकर्ता मोहन लाल ने बिल्डर पर इकट्ठा हुए अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को धमकाने का आरोप लगाया।
