बारिश और बांधों द्वारा छोड़े गये पानी से गंगा नदी उफान पर
गंगा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच रही है। इससे तराई और कटरी क्षेत्र में खतरा और बढ़ गया है। खौफजदा ग्रामीण अपने को बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। गंगापार में दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इससे ग्रामीणों की घबराहट बढ़ गई है। गांव के मुख्य रोड पर पानी आ गया है। सबलपुर गांव के नजदीक भी पानी पहुंच गया है। तीसराम की मड़ैया और आशा की मड़ैया के संपर्क मार्ग पर भी पानी बह रहा है। उदयपुर, हरसिहपुर कायस्थ, कुसमापुर रोड पर भी पानी ने दस्तक दे दी है।
प्रशासन की ओर अभी तक न तो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाई गई है और न ही कोई रहत सामग्री। कई क्षेत्रों में नाव और अन्य राहत की आवश्यकता है मगर वह अभी तक नहीं पहुंच रही है। तराई और गंगापार क्षेत्र के कई संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। गंगानदी का जलस्तर 136.90 मीटर पर पहुंचा जो कि चेतावनी बिंदु से 30 सेंटमीटर ऊपर है। रामगंगा नदी का जलस्तर भी बढ़कर 135.70 मीटर पर आ गया है।
आज सुबह गंगा में नरौरा बांध से 1 लाख 42 हजार 352 क्यूसेक, बिजनौर बांध से 76 हजार 850 क्यूसेक, हरिध्दार से 89 हजार 589 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नदियों में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से लोगों में खौफ बढ़ गया है। कंपिल की तराई से लेकर शमसाबाद और गंगापार तक कई गांव में पानी घुस चुका है। अचानक बढ़े पानी से हाहाकार मच गया है।
ढाईघाट किनारे के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। नदी के मुहाने पर बसे लोग अपने बचाव के लिए हर संभव कोश्शि कर रहे हैं। हालांकि दूर दराज गांव में अभी तक प्रशासन की ओर से बचाव और राहत के लए कोई भी नहीं पहुंचा है। इससे लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। गंगापार क्षेत्र में भी बाढ़ से कहर बरपना शुरू हो गया है। कई गांव बाढ़ की जद में आ गए हैं।
मंझा की मड़ैया, सुभनापुर, बनासीपुर, रामप्रसाद नगला, माखन नगला, फुलहा, करनपुर घाट समेत आस पास के कई गांव में पानी भर गया है। तौफीक की मड़ैया और भाऊपुर गांव के नजदीक भी पानी पहुंचने को है। बमियारी, भुड़िया, भेड़ा, लायकपुर, अमीराबाद के नजदीक भी पानी पहुंच रहा है।
