गंगनहर के दूसरी ओर भी सड़क का निर्माण किया जाएगा, पेड़ चिह्नित कर कटान का प्रस्ताव
मुजफ्फरनगर/खतौली। दिल्ली-दून नेशनल हाईवे और गंगनहर पटरी मार्ग से वाहनों का दबाव कम करने के लिए गंगनहर के दूसरी ओर भी सड़क का निर्माण किया जाएगा। मुरादनगर से उत्तराखंड तक प्रस्तावित सड़क निर्माण के लिए जनपद की करीब ८० किलोमीटर की सीमा में १५ हजार से अधिक पेड़ काटे जाएंगे। वन विभाग ने पीडब्लूडी व एनएचएआई के माध्यम से पेड़ चिह्नित कर कटान का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है, जहां से हरी झंडी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
दिल्ली-देहरादून मार्ग पर वाहनों का दबाव कम करने और यात्रा सुगम करने के लिए सरकार द्वारा गंगनहर पटरी मार्ग के दूसरी ओर भी सड़क निर्माण की योजना तैयार की गई है। मुरादनगर से उत्तराखंड तक बनने वाली १८ मीटर चौड़ाई वाली इस सड़क का निर्माण गंगनहर के बंधे से नौ मीटर की दूरी पर किया जाएगा।
सड़क निर्माण के लिए सर्वे पूरा किया जा चुका है, जिसके तहत जनपद की खतौली-मेरठ बॉर्डर से पुरकाजी बॉर्डर तक करीब ८० किलोमीटर की दूरी में गंगनहर के दूसरे किनारे पर स्थित १५,५०० पेड़ों का कटान किया जाएगा। वन विभाग द्वारा कटान होने वाले सभी पेड़ों को चिह्नीकरण किया जा चुका है
जिनके कटान का प्रस्ताव भी पीडब्लूडी और एनएचएआई के माध्यम से सरकार को भेजा जा चुका है। क्षेत्रीय वनाधिकारी मोहन बहुखंडी ने बताया कि जैसे ही सरकार की ओर से हरी झंडी मिलेगी
वन निगम को पेड़ों के कटान का जिम्मा सौंप दिया जाएगा। कटान से मिलने वाली लकड़ी की नीलामी कर उसका पैसा वन विभाग के खाते में जमा किया जाएगा।

