Allahabad High Court

उत्तर प्रदेश

विधि अधिकारी की नौकरी वकालत नहीं, वकालतनामा लगाना उल्लंघन-Allahabad High Court

Allahabad High Court उन्हें प्रारंभिक और लिखित परीक्षा में सफलता मिली थी, लेकिन साक्षात्कार के बाद उनका नाम फाइनल लिस्ट में नहीं था। इस निर्णय से स्पष्ट होता है कि न्यायिक सेवा की शर्तों के अनुसार विधिक अधिकारी को कंपनी से इस्तीफा देने के बाद भी सात वर्षों की निरंतर प्रैक्टिस की आवश्यकता होती है।

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उत्तर प्रदेश

Allahabad High Court-सेवानिवृत्त कर्मियों के परिलाभों का भुगतान न करने पर नगर पालिका परिषद, सिरसागंज के चेयरमैन/अधिशासी अधिकारी के वेतन भुगतान पर रोक

Allahabad High Court न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने राजेश कुमार की याचिका पर उक्त आदेश देते हुए राज्य सरकार व परिषद के चेयरमैन से तीन सप्ताह में जवाब भी मांगा है। याचिका पर 14 मई को सुनवाई होगी।

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उत्तर प्रदेश

आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद पहले से जारी तबादला आदेश पर अमल नहीं- Allahabad High Court

Allahabad High Court  ने सुनवाई के बाद आदेश में कहा कि राज्य सरकार रिलीविंग आदेश का सटीक समय नहीं बता सकी। जबकि रिकॉर्ड से यह साफ है कि याची को रिलीविंग आदेश 16 मार्च को रात साढ़े आठ बजे प्राप्त कराया गया। ऐसे में आचार संहिता के प्रावधानों के तहत अधिसूचना जारी होने से पहले भी पारित तबादला आदेश को भी चुनाव आयोग की अनुमति से ही अमल में लाया जा सकता है।

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उत्तर प्रदेश

जौनपुर के बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह को Allahabad High Court ने राहत देने से किया इनकार

Allahabad High Court -7 साल की सजा होने की वजह से धनंजय सिंह अभी चुनाव नहीं लड़ सकते हैं. दरअसल पीपुल्स रिप्रेजेंटेशन एक्ट के तहत 2 साल से ज्यादा की सजा पाने वाला व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकते. जौनपुर की अदालत ने 6 मार्च को धनंजय सिंह को 7 साल की सजा सुनाई थी. अपहरण के मामले में धनंजय को दोषी दरार देकर सजा का ऐलान किया गया था.

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उत्तर प्रदेश

अंतरधार्मिक जोड़े के लिव – इन संबंध को विवाह की तरह मंजूरी नहीं-Allahabad High Court

Allahabad High Court ने युवती के आग्रह पर उसकी इच्छा के मुताबिक कानूनी प्रावधानों के तहत विवाह करने तक उसे सुरक्षित लखनऊ के प्रयाग नारायण रोड स्थित महिला संरक्षण गृह लखनऊ भेजने का आदेश दिया। इस मामले की सुनवाई के बाद युवती के परिजनों द्वारा उसे खींचकर ले जाने और आधार कार्ड ले लेने की कोशिश की गई। बाद में युवती का आधार कार्ड उसे वापस मिल गया।

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बालिग जोड़े को वैयक्तिक स्वतंत्रता है, केस चलाने का कोई औचित्य नहीं: Allahabad High Court

Allahabad High Court प्रेम विवाह न केवल एक व्यक्ति के अधिकारों का प्रतीक है, बल्कि यह समाज की प्रगति और विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए, हमें इसे स्वीकारने के लिए तैयार होना चाहिए, और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समाज हमारे युवाओं को समर्थन और साहस प्रदान करता है, ताकि वे अपने सपनों को पूरा कर सकें और अपने जीवन को खुशी और संतोष से भर सकें।

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यदि पत्‍नी की उम्र 18 वर्ष से अधिक तो वैवाहिक बलात्कार (Marital rape)’अपराध’ नहीं है-Allahabad High Court

Allahabad High Court ने उसे पति या पति के रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता (498-ए) और स्वेच्छा से चोट पहुंचाने (आईपीसी 323) से संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया, जबकि धारा 377 के तहत आरोपों से बरी कर दिया.वैवाहिक बलात्कार (Marital Rape)

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मुख्तार अंसारी के विरुद्ध मुकदमे को वाराणसी एमपी एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर करने का आदेश-Allahabad High Court

जिस पर याचिका दायर की थी। मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने सरकार की अर्जी का विरोध किया। दलील दी कि दोनों मुकदमों का आपस में कोई तालमेल नहीं है। जबकि, सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता पीसी श्रीवास्तव और विकास सहाय ने पक्ष रखा। Allahabad High Court  ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था।

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Allahabad High Court ने आरोपी सीओ के खिलाफ अवमानना ​​नोटिस जारी किया , महिला जज की अदालत में पेश होकर माफी मांगनी होगी

प्रकरण की सुनवाई कर रही खंडपीठ ने कहा कि सीओ को उस महिला जज की अदालत में पेश होकर माफी मांगनी होगी, जहां उन्होंने हेकड़ी दिखाई थी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 30 नवंबर तक स्थगित कर सीओ ठाकुरद्वारा को महिला जज की अदालत में पेश होकर उनसे माफी मांगने की मोहलत दी है।

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उत्तर प्रदेश

कन्नौज के डीएम को आदेश का पालन नहीं करने पर 21 दिसंबर को हाजिर होने का निर्देश- Allahabad High Court

Allahabad High Court  एकलपीठ ने सरकार को तदर्थ संग्रह अमीनों की सेवा विनियमितीकरण कार्रवाई वरिष्ठता सूची के आधार पर आयु सीमा में छूट देते हुए चार माह में आदेश पारित करने का निर्देश दिया था, जिसका पालन नहीं करने पर यह अवमानना याचिका दायर की गई है। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि आदेश का अनुपालन हलफनामा दाखिल करने पर हाजिर होने की जरूरत नहीं होगी।

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अतीक अहमद के गुर्गे असद कालिया की जमानत अर्जी खारिज-Allahabad High Court

Allahabad High Court  ने जमानत अर्जी नामंजूर करते हुए कहा कि यदि छह माह के भीतर मुकदमे के ट्रायल में कोई प्रगति नहीं होती तो याची दोबारा जमानत अर्जी दाखिल कर सकता है. इस मामले में माफिया अतीक अहमद का दूसरा बेटा अली अहमद भी आरोपी है.

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