शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया संदेह के घेरे, हुआ था पेपर आउट-अभिषेक चौधरी गुर्जर
राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक चौधरी गुर्जर ने प्राथमिक विद्यालयों में 69000 शिक्षकों की भर्ती में राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए पूरे भर्ती घोटाले की जांच सी बी आई या हाई कोर्ट के न्यायाधीश की देख रेख में कराने की मांग की है ।
आज जारी बयान में अभिषेक चौधरी ने कहा कि शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू से ही संदेह के घेरें में रही है ,2019में शिक्षक भर्ती का पेपर आउट हुआ था
जिसमें लखनऊ से प्रयागराज तक कई लोग गिरफ्तार किए गए थे इसके बावजूद राज्य सरकार ने पूरे मामले को दबाये रखा अब रिजल्ट निकल जाने के बाद प्रयागराज पुलिस द्वारा जब इस परीक्षा के टॉपर छात्रों को गिरफ्तार किया गया तो वह छात्र परीक्षा से संबंधित सामान्य जानकारी भी नहीं दे पाए
उन्होंने पुलिस को पूँछतांछ में बताया कि वह लाखों देकर भर्ती हुए है इस संबंध में पुलिस ने पूरे गैंग को गिरफ्तार किया है ।अभिषेक चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल मांग करता है कि इस भर्ती में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है
और यह सरकार के संरक्षण के बग़ैर सम्भव नहीं था अब जब भर्ती में भ्रष्टाचार की परतें खुल रहीं हैं तो सरकार ने पूरे मामले पर लीपापोती के लिए S T F द्वारा जांच कराने की घोषणा की है ।
राज्य सरकार पूरे मामले को ड़ेढ़ वर्षों से दबाये बैठी थी इसे साबित होता है कि पूरा बेसिक शिक्षा विभाग इस मामले में संलिप्त है और जिस घोटाले में पूरी सरकार संलिप्त हो उसका खुलासा सरकार के अधीन एजेंसी से संभव नही है ।
उन्होंने कहा कि इस भर्ती में लाखों परीक्षार्थियों के साथ अन्याय हुआ है और इस मामले की तह तक जाने के लिए सरकार मामले की जांच सी बी आई या हाई कोर्ट के न्यायाधीश की देख रेख में कराने की घोषणा करे ।
