Muzaffarnagar भोपा रोड पर हरियाली की नई शुरुआत: टेर्रा एंड ट्री ट्रस्ट ने बदली डिवाइडरों की तस्वीर, 5000 पौधे लगाने का लिया संकल्प












Terra and Tree Trust Muzaffarnagar ने शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए भोपा रोड के डिवाइडरों को हरियाली से आच्छादित करने का अभियान शुरू किया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही इस संस्था ने एक बार फिर साबित किया है कि यदि समाज और नागरिक संगठन मिलकर संकल्प लें तो शहर की तस्वीर बदली जा सकती है।
कॉलोनियों में सफल पौधारोपण अभियान के बाद अब ट्रस्ट ने शहर की प्रमुख सड़कों को हराभरा बनाने का मिशन शुरू किया है। इसी कड़ी में रविवार को गांधी नगर से शांति नगर तक भोपा रोड के डिवाइडरों पर विशेष सफाई, पौधारोपण और पौधों के पुनर्जीवन का व्यापक अभियान चलाया गया।
यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें पर्यावरणीय सौंदर्यीकरण, स्वच्छता और हरित विकास की एक व्यापक सोच भी दिखाई दी।
सुबह छह बजे से शुरू हुआ अभियान, डिवाइडरों की बदली तस्वीर
रविवार की सुबह जब अधिकांश लोग अपने घरों में थे, तब Bhopa Road Plantation Drive के तहत टेर्रा एंड ट्री ट्रस्ट के सदस्य पर्यावरण सेवा के लिए मैदान में उतर चुके थे। सुबह छह बजे से शुरू हुए इस अभियान में सबसे पहले डिवाइडरों पर फैली गंदगी, प्लास्टिक कचरा और बड़ी-बड़ी झाड़ियों को हटाने का कार्य किया गया।
कई स्थानों पर डिवाइडर लंबे समय से उपेक्षित स्थिति में थे, जहां झाड़ियां और कचरा जमा होने के कारण उनका स्वरूप बिगड़ गया था। ट्रस्ट के स्वयंसेवकों ने घंटों मेहनत कर इन स्थानों की सफाई की और उन्हें पौधारोपण के लिए तैयार किया।
नगर पालिका के सहयोग से एकत्रित कचरे का वैज्ञानिक और व्यवस्थित निस्तारण भी कराया गया, जिससे स्वच्छता अभियान को मजबूती मिली।
नए पौधों के साथ पुराने वृक्षों को भी मिला नया जीवन
अभियान की विशेषता यह रही कि केवल नए पौधे लगाने पर ही ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि पहले से लगे हुए उन पौधों और वृक्षों को भी पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया जो देखभाल के अभाव में सूखने की स्थिति में पहुंच चुके थे।
विशेषज्ञों की देखरेख में कई पौधों की छंटाई की गई, उन्हें खाद और पानी उपलब्ध कराया गया तथा उनकी जड़ों को मजबूत करने के लिए आवश्यक कार्य किए गए।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल नए पौधे लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पहले से मौजूद हरियाली को बचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी सोच के साथ इस अभियान में पुनर्जीवन कार्य को विशेष प्राथमिकता दी गई।
नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने बढ़ाया उत्साह
अभियान के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मीनाक्षी स्वरूप मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने स्वयं पौधारोपण कर अभियान में सहभागिता निभाई और ट्रस्ट की टीम का उत्साहवर्धन किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी शहर की पहचान उसकी स्वच्छता और हरियाली से होती है। यदि नागरिक और सामाजिक संस्थाएं प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करें तो शहर को सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सकता है।
उन्होंने टेर्रा एंड ट्री ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था जिस निःस्वार्थ भावना से पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रही है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। ऐसे प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
हर रविवार हरियाली का अभियान, शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में चल रही मुहिम
Muzaffarnagar Green Campaign के तहत ट्रस्ट लगातार शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पौधारोपण और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और देखभाल की पूर्ण जिम्मेदारी लेना भी है।
इसी कारण ट्रस्ट द्वारा लगाए गए पौधों की नियमित निगरानी की जाती है। पानी, खाद, सुरक्षा और आवश्यक देखभाल के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है ताकि पौधे केवल लगाए ही न जाएं, बल्कि स्वस्थ वृक्ष बनकर शहर को हरियाली प्रदान करें।
संस्था के सदस्य प्रत्येक रविवार को अलग-अलग स्थानों का चयन कर वहां पौधारोपण और सफाई अभियान संचालित करते हैं।
एक महीने में भोपा रोड के सभी डिवाइडरों को हराभरा बनाने का लक्ष्य
टेर्रा एंड ट्री ट्रस्ट ने घोषणा की है कि अगले एक महीने के भीतर भोपा रोड के सभी डिवाइडरों को हरियाली से आच्छादित कर उनकी तस्वीर पूरी तरह बदल दी जाएगी।
संस्था का मानना है कि शहर की मुख्य सड़कों के डिवाइडर केवल यातायात व्यवस्था का हिस्सा नहीं होते, बल्कि वे शहर की सुंदरता और पर्यावरणीय संतुलन को भी प्रभावित करते हैं। यदि इन स्थानों पर व्यवस्थित पौधारोपण किया जाए तो प्रदूषण कम करने, तापमान नियंत्रित रखने और सौंदर्य बढ़ाने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।
भोपा रोड पर शुरू हुआ यह अभियान भविष्य में शहर के अन्य प्रमुख मार्गों तक भी विस्तारित किए जाने की योजना है।
मानसून में 5000 पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
Tree Plantation Muzaffarnagar अभियान के तहत ट्रस्ट ने आगामी मानसून सत्र के लिए बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। संस्था ने मानसून के दौरान 5000 पौधे लगाने का संकल्प दोहराते हुए विश्वास व्यक्त किया कि निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा किया जाएगा।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण शहर के बढ़ते तापमान, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने में सहायक हो सकता है। यदि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए तो आने वाले वर्षों में यह अभियान शहर के लिए एक बड़ी पर्यावरणीय उपलब्धि साबित हो सकता है।
ट्रस्ट ने बताया कि पौधारोपण के लिए विभिन्न प्रजातियों के छायादार, फलदार और पर्यावरणीय दृष्टि से उपयोगी पौधों का चयन किया जा रहा है।
सामाजिक सहभागिता बनी अभियान की सबसे बड़ी ताकत
अभियान में समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम में सभासद नवनीत गुप्ता, अशोक गुप्ता, गौरव बंसल, मयंक सिंगल, मयंक वर्मा, तुषार मंगल, प्रोफेसर अमित रावत, अशोक शर्मा, निरंकार त्यागी, पीयूष गुप्ता, हिमांशु शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इसके अलावा वार्ड संख्या 30 के सफाई नायक दीपक कुमार और उनकी पूरी टीम ने अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सफाई कर्मियों और स्वयंसेवकों के संयुक्त प्रयास से अभियान को गति मिली और बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें सहयोग किया।
स्थानीय नागरिकों ने भी पौधारोपण में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
पर्यावरण संरक्षण की शपथ, नागरिकों से सहयोग की अपील
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। सभी ने संकल्प लिया कि वे न केवल पौधे लगाएंगे बल्कि उनकी देखभाल भी करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
ट्रस्ट ने शहरवासियों से अपील की कि वे ऐसे स्थानों की जानकारी दें जहां पौधारोपण की आवश्यकता है। साथ ही अधिक से अधिक लोगों से इस हरित अभियान में शामिल होने का आग्रह किया गया।
संस्था का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है।
हरियाली क्यों है आज की सबसे बड़ी जरूरत?
विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और कंक्रीट के विस्तार के कारण शहरों में हरित क्षेत्र लगातार कम होते जा रहे हैं। इसका सीधा प्रभाव वायु गुणवत्ता, तापमान और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
ऐसे समय में स्थानीय स्तर पर चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान देते हैं बल्कि नागरिकों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार भी बनाते हैं। हर पौधा भविष्य की स्वच्छ हवा, बेहतर जल संतुलन और स्वस्थ वातावरण की नींव माना जाता है।
मुजफ्फरनगर जैसे तेजी से विकसित होते शहरों में ऐसे अभियान आने वाले समय के लिए महत्वपूर्ण निवेश साबित हो सकते हैं।







