Yogi Adityanath
संपादकीय विशेष

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (kanya sumangala yojana) का उद्देश्य बालिकाओं को प्रोत्साहन देना

राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (kanya sumangala yojana) वर्तमान में संचालित है। उक्त योजना का मुख्य उददेश्य कन्या भू्रण हत्या को समाप्त करना, समान लैंगिक अनुपात स्थापित करना, बाल विवाह की कुप्रथा को रोकना, बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा को प्रोत्साहन देना, बालिकाओं को स्वावलंबी बनाने में सहायता प्रदान करना, बालिका के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना है 

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना

साथ साथ बेटी बचाओं बेटी पढाओं की अवधारणा सुदृढ होगी। कन्या सुमंगला योजना छः श्रेणियों में लागू होगी। इस योजना के अन्तर्गत लाभार्थी का वर्गीकरण तथा उनके लिये धनराशि वितरण की श्रेणियां निम्नवत हैः-

प्रथम श्रेणी बालिका के जन्म होने पर रू० २००० एक मुश्त
द्वितीय श्रेणी बालिका के एक वर्ष तक पूर्ण टीकाकरण के उपरांत रू० १००० एक मुश्त
तृतीय श्रेणी कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश के उपरांत रू० २००० एक मुश्त
चतुर्थ श्रेणी कक्षा छः में बालिका के प्रवेश के उपरांत रू० २००० एक मुश्त
पंचम श्रेणी कक्षा नौ में बालिका के प्रवेश के उपरांत रू० ३००० एक मुश्त
षष्टम श्रेणी (ऐसी बालिकायें जिन्होने कक्षा १०वीं/१२वीं उत्तीर्ण करके स्नातक अथवा ०२ वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो। रू० ५००० एक मुश्त

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (kanya sumangala yojana) के क्रियान्वयन में आ रही व्यवहारिक कठिनाईयों के परिप्रेक्ष्य में योजना की मार्गदर्शिका में उल्लिखित वर्गमान व्यवस्था में एतदद्वारा निम्नवत संशोधन किया गया है-

 वर्तमान व्यवस्था संशोधित व्यवस्था
१ वर्तमान समय में योजना के विभिन्न श्रेणियों हेतु आवेदन करने की समय सीमा निर्धारित है- यथा श्रेणी-१ हेतु बालिका के जन्म ०६ माह के अन्दर, श्रेणी-३ व ४ हेतु ३१ जुलाई या विद्यालय में प्रवेश की अन्तिम तिथि के ४५ दिन के अन्दर (जो भी बाद में हो) तथा श्रेणी ५ व ६ हेतु ३० सितम्बर या विद्यालय मे ंप्रवेश की अन्तिम तिथि के ४५ दिन के अन्दर (जो भी बाद में हो) १.योजना की श्रेणी १ व २ के लिये जन्म एवं टीकाकरण पूर्ण करने के एक वर्ष के अन्दर तथा श्रेणी ३ से ६ के लिये विद्यालयध्शिक्षा संस्थान में प्रवेश लेने वाले वित्तीय वर्ष में आवेदन करने की अनुमन्यता होगी।
२ वर्तमान समय मे ंयोजना का लाभ प्राप्त करने के लिये लाभार्थी का बैंक खाता किसी राष्टीऊयकृत बैंक या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में होना आवश्यक है २.योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु राष्ट्रीयकृत बैंकध्क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के साथ भारतीय पोस्टल बैंक के साथ भारतीय पोस्टल बैंक के खाते भी अनुमन्य होगें।
३ आवेदक द्वारा आवेदन पत्र के साथ रू० १० के स्टाम्प पत्र पर निर्धारित प्रारूप पर शपथ पत्र दिया जाना अनिवार्य है। ३.आवेदक द्वारा शपथ पत्र के स्थान पर निर्धारित प्रारूप पर स्वहस्ताक्षरित घोषणा पत्र उपलब्ध कराया जायेगा।
४ वर्तमान समय में श्रेणी-१ (बालिका के जन्म होने पर) पर श्रेणी-२ (बालिका के एक वर्ष के पूर्ण टीकाकरण के उपरांत) के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के आवेदन पत्रों का स्थलीय व भौतिक सत्यापन क्रमशः उप जिलाधिकारी व खण्ड विकास अधिकारी द्वारा किया जाता है
श्रेणी-३ (कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश के उपरांत) व श्रेणी-४ (कक्षा छः में बालिका के प्रवेश के उपरांत) के आवेदन पत्रों का उप जिलाधिकारीध्खण्ड विकास अधिकारी के सत्यापन के पूर्व खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा भी सत्यापन किया जाता है।
इसी प्रकार श्रेणी-५ (कक्षा ९ में बालिका के प्रवेश के उपरांत) व श्रेणी-६ (ऐसी बालिकायें जिन्होने कक्षा १०वी/१२वी उत्तीर्ण करके स्नातक अथवा ०२ वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो) के आवेदन पत्रों का उप जिलाधिकारीध्खण्ड विकास अधिकारी के सत्यापन के पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा भी सत्यापन किया जाता है। ४.श्रेणी-१ से श्रेणी-६ तक सभी श्रेणियों के आवेदन पत्रों की पात्रता की स्थलीय जॉच व भौतिक सत्यापन शहरी क्षेत्र में उप जिलाधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्र में खण्ड विकास अधिकारी द्वारा किया जायेगा।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (kanya sumangala yojana) के अन्तर्गत लाभार्थी की पात्रता निम्नवत निर्धारित हैः-

१. लाभार्थी का परिवार उ०प्र० का निवासी हो तथा उसके पास स्थायी निवास प्रमाण पत्र हो, जिसमें राशन कार्ड/आधार कार्डध्वोटर पहचान पत्रध्विधूतध्टेलीफोन का बिल मान्य होगा।
२. लाभार्थी की पारिवारिक वार्षिक आय अधिकतम रू० ३ लाख हो।
३. किसी परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
४. लाभार्थी के परिवार का आकार (साईज) परिवार में अधिकतम दो बच्चे हों।
५. किसी महिला को द्वितीय प्रसव से जुडवा बच्चे होने पर तीसरी संतान के रूप में लडकी को भी लाभ अनुमन्य होगा। यदि किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है व द्वितीय प्रसव से दो जुडवा बालिकायें ही होती है। तो केवल ऐसी अवस्था में ही तीनां बालिकाओं को लाभ अनुमन्य होगा।
६. यदि किसी परिवार ने अनाथ बालिका को गोद लिया हो तो परिवार की जैविक संतानां तथा विधिक रूप में गोद ली गयी संतानों को सम्मिलित करते हुये अधिकतम दो बालिकायें स योजना की लाभार्थी होगी।

अतः पात्र लाभार्थी अपना आवेदन वेबसाइटपर किसी भी जनसेवा केन्द्रध्सी०एस०सी० सेंटर से करा सकते है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला का आवेदन ऑनलाईन कराये जाने की सुविधा दिनांक-१७.०९.२०१९ से प्रारम्भ है।

 

Dr. S.K. Agarwal

डॉ. एस.के. अग्रवाल न्यूज नेटवर्क के मैनेजिंग एडिटर हैं। वह मीडिया योजना, समाचार प्रचार और समन्वय सहित समग्र प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है। उन्हें मीडिया, पत्रकारिता और इवेंट-मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में लगभग 3.5 दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव है। वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों, चैनलों और पत्रिकाओं से जुड़े हुए हैं। संपर्क ई.मेल- [email protected]

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