एटीएम/खातों के साथ धोखाधड़ी कर पैसों का गबन करने वाले तीन शातिर अपराधी गिरफ्तार
मुज़फ्फरनगर। थाना सिविल लाइन पुलिस ने एटीएम/खातों के साथ धोखाधड़ी कर पैसों का गबन करने वाले तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी अभिषेक यादव के निर्देशों के चलते जनपद में अपराधों पर रोकथाम व विभिन्न मामलों में शामिल/वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चल रहे अभियान विशेष के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस ने मेरठ रोड स्थित विकास भवन के समीप चैकिंग के दौरान तीन शातिर साइबर क्राइम अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
फर्जी तरीके से लोगों के खाते से पैसों का गबन करने वाले तीन शातिर अभियुक्तों को @muzafarnagarpol ने किया गिरफ्तार. जानकारी देते एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय pic.twitter.com/YGRViU2nWu
— News & Features Network (@mzn_news) February 11, 2021
थाना सिविल लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय ने जानकारी देते हुए बताया कि सीओ सिटी कुलदीप कुमार के निर्देशन में इंस्पैक्टर सिविल लाइन डीके त्यागी की मौजूदगी में पुलिस ने मेरठ रोड स्थित विकास भवन के समीप चैकिंग के दौरान एटीएम/खातों के साथ धोखाधडी कर पैसों का गबन करने वाले ०३ शातिर साइबर क्राइम अपराधियों को दौराने चैकिंग विकास भवन एटीएम के पास से गिरफ्तार किया गया।
अभियुक्तगण के कब्जे से भारी मात्रा में पासबुक, एटीएम, चैकबुक, आधार कार्ड, मोबाईल फोन एवं नकदी बरामद की गयी है। गिरफ्तार अभियुक्तगण अफरोज उर्फ अरमान पुत्र अफसर खान निवासी पीपल राणा थाना भोजीपुरा जनपद बरेली, मौ० यासीन उर्फ शानू पुत्र इसरायल निवासी मझुआ गंगापुर थाना भोजीपुरा जनपद बरेली, सुमित पुत्र राजाराज निवासी मलपुर थाना भौता जनपद बरेली जिसके कब्जे से पासबुक (विभिन्न बैंकों की)-१७, एटीएम (विभिन्न बैंकों के)- २१, चैकबुक (विभिन्न बैंकों की)- ११, आधार कार्ड (अलग-अलग व्यक्तियों के)- ११, फोटो (अलग-अलग व्यक्तियों के)- ४७ खाली फार्म (बैंको में खाता खोलने वाले)- १०, मोबाईल फोन (आईफोन, सैमसंग, ओप्पों आदि)- ०५, ३०,००० रूपये नगद बरामद किया।
पुलिस पूछताछ में अभियुक्तगण द्वारा बताया गया कि हम लोग फर्जी तरीके से आधारकार्ड बनाकर बैंकों में खाता खुलवाने के बाद सीधे-साधे व्यक्तियों को किसी कम्पनी की स्कीम बताकर या बैंकों के मैनेजर बनकर फोन करते हैऔर बहला-फुसलाकर उनके बैंक खातो की जानकारी प्राप्त करने के बाद बैंकों के ओटीपी को प्राप्त कर फर्जी खाते में पैसें ट्रान्सफर करते है तथा उन्हे एटीएम के माध्यम एवं चौकों के माध्यम से निकल लेते है और सीधे-साधे व्यक्तियों के एटीएम कार्ड बदलकर भी पैसे ट्रान्सफर करके निकाल लेते है।

