Unnao में साधु हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर, एक लाख का इनामी इजराइल सीने और माथे में गोली लगने से मारा गया
Unnao पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नौ जून को हुई साधु मिलनदास की सनसनीखेज हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश इजराइल उर्फ इसराइल को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। घटना के दौरान आरोपी की ओर से की गई फायरिंग में एसओजी टीम का एक सिपाही घायल हो गया, जबकि एक उपनिरीक्षक की जान बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचा ली।
इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
नौ जून को हुई थी साधु मिलनदास की निर्मम हत्या
मामला उन्नाव जिले की कोतवाली क्षेत्र स्थित घूरे टोला मोहल्ले का है, जहां 9 जून को 35 वर्षीय साधु मिलनदास की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी।
इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। मृतक के बड़े भाई वीरेंद्र ने हत्या के मामले में पांच नामजद और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि मुख्य आरोपी इजराइल उर्फ इसराइल और उसका साथी शानू पुलिस की पकड़ से बाहर थे।
मुख्य आरोपी पर था एक लाख रुपये का इनाम
हत्या के बाद से लगातार फरार चल रहे इजराइल और शानू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष अभियान चलाया था। दोनों आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस के अनुसार इजराइल इस पूरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी था और उसकी गिरफ्तारी जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। कई जिलों में उसकी तलाश की जा रही थी और विभिन्न पुलिस टीमें लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं।
मुखबिर की सूचना पर शुरू हुआ ऑपरेशन
Unnao Police Encounter की यह कार्रवाई रविवार देर रात शुरू हुई। पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह के अनुसार रात करीब 3:40 बजे बांगरमऊ पुलिस और एसओजी टीम आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के हवाई पट्टी सर्विस रोड पर चेकिंग अभियान चला रही थी।
इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि साधु हत्याकांड का मुख्य आरोपी इजराइल बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के ताजपुर अंडरपास के पास अपने किसी साथी का इंतजार कर रहा है।
सूचना मिलते ही एसओजी और स्थानीय पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हो गई और संदिग्ध स्थान की ओर रवाना हुई।
पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन आरोपी ने शुरू कर दी फायरिंग
पुलिस अधिकारियों के अनुसार टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी की घेराबंदी कर ली। उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन उसने पुलिस की चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया।
पुलिस का दावा है कि आत्मसमर्पण करने के बजाय आरोपी ने सीधे पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पहली गोली उपनिरीक्षक न्यूटन कुमार सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। यदि जैकेट न होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसके कुछ ही क्षण बाद दूसरी गोली एसओजी के आरक्षी विकास भदोरिया के बाएं हाथ में जा लगी, जिससे वह घायल हो गए।
जवाबी कार्रवाई में ढेर हुआ इजराइल
पुलिस का कहना है कि आरोपी द्वारा लगातार फायरिंग किए जाने के बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
मुठभेड़ के दौरान चली गोली इजराइल के सीने और माथे में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे तत्काल स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन भी चलाया ताकि आरोपी के संभावित साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
मौके से बरामद हुए हथियार और अन्य सामान
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से कई महत्वपूर्ण वस्तुएं बरामद हुईं।
बरामदगी में शामिल हैं:
- एक चाकू
- एक तमंचा
- दो खोखा कारतूस
- अन्य आपराधिक गतिविधियों से संबंधित संभावित साक्ष्य
इन सभी वस्तुओं को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
घायल सिपाही का चल रहा इलाज
मुठभेड़ में घायल हुए एसओजी के आरक्षी विकास भदोरिया को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल सिपाही का हालचाल जाना और चिकित्सकों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए अहम साक्ष्य
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह स्वयं फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से विभिन्न वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। मुठभेड़ से जुड़े सभी पहलुओं की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि पूरी घटना का विस्तृत दस्तावेजीकरण किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आगे की कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अब दूसरे फरार आरोपी की तलाश तेज
इजराइल के मारे जाने के बाद पुलिस का ध्यान अब दूसरे फरार आरोपी शानू की गिरफ्तारी पर केंद्रित हो गया है।
अधिकारियों का कहना है कि शेष आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस का मानना है कि हत्याकांड से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण तथ्य भी आगे की जांच में सामने आ सकते हैं।
उन्नाव में चर्चा का विषय बना साधु हत्याकांड
साधु मिलनदास की हत्या ने पहले ही क्षेत्र में व्यापक चर्चा पैदा कर दी थी। अब मुख्य आरोपी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना ने कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर कई सवाल खड़े किए थे। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए अधिकांश आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।









