ईरान पर यूएन के सभी प्रतिबंधों को फिर से बहाल करने के लिए पहल करेगा अमेरिका
अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटारेस को जानकारी दी है कि वह ईरान पर यूएन के सभी प्रतिबंधों को फिर से बहाल करने के लिए पहल करेगा। अमेरिका ने कहा कि वह आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश को खुले आम किसी भी तरह के पारंपरिक हथियार (युद्ध में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले) खरीदने और बेचने नहीं देगा।
Grateful to the Dominican Republic for standing with the United States and voting to extend the arms embargo on Iran at the @UN Security Council. We appreciate their support as we work to prevent Iran from gaining access to new and powerful weapons. pic.twitter.com/SfWWSA31PJ
— Secretary Pompeo (@SecPompeo) August 21, 2020
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय पहुंचे और उन्होंने महासचिव गुतारेस और अगस्त महीने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष इंडोनेशिया के राजदूत डियान त्रियानस्याह डजानी से मुलाकात की।
पोम्पियो ने उन्हें वे पत्र सौंपे, जिसमें ईरान पर एक तरह से संयुक्त राष्ट्र के सभी प्रतिबंधों को बहाल करने के अमेरिका के फैसले की जानकारी दी गई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 के तहत ईरान पर से ये प्रतिबंध हटा लिए गए थे। इसके तहत 20 अगस्त से 30 दिन के भीतर ये सभी प्रतिबंध दोबारा लागू हो जाएंगे।
संयुक्त राष्ट्र में पोम्पियो ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमारा संदेश बेहद ही सरल है। अमेरिका आतंकवाद को सरकार के स्तर से प्रायोजित करने वाले विश्व के सबसे बड़े देश को कभी खुले आम विमान, टैंक, मिसाइल या अन्य प्रकार के पारम्परिक हथियार खरीदने या बेचने नहीं देगा।’
उन्होंने कहा कि प्रतिबंध बहाल होने से ईरान की अन्य निंदनीय गतिविधियों को लेकर भी जवाबदेही तय होगी। ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रशिक्षण पर फिर प्रतिबंध लगेगा। ईरान की परमाणु गतिविधियों पर भी फिर पाबंदी लगेगी।
गौरतलब है कि ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रस्ताव पर पिछले सप्ताह हुए मतदान में अमेरिका के पक्ष में सिर्फ एक सदस्य ने वोट किया था, रूस और चीन ने इसका विरोध किया जबकि 11 सदस्य अनुपस्थित रहे थे
