विकास दुबे की पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मौत, खबर की आधिकारिक पुष्टि
कानपुर। गैंगस्टर विकास दुबे की शुक्रवार सुबह पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मौत हो गई। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम विकास को मध्य प्रदेश के उज्जैन से कानपुर लेकर आ रही थी और कानपुर के बर्रा के नजदीक एसटीएफ वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
इसी वाहन में गैंगस्टर विकास दुबे भी था। दुर्घटना में एसटीएफ के दो जवान घायल हो गए। घायल जवानों से हथियार छीनकर विकास ने भागने की कोशिश की।अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि पहले गोलीबारी किसने की। विकास के सीने और कमर में दो गोलियां लगने की खबर है। विकास दुबे को कानपुर के हैलेट अस्पताल ले जाया गया।
विकास दुबे ने घायल @kanpurnagarpol कर्मी की पिस्टल छीन कर भागने की कोशिश की। पुलिस द्वारा पीछा कर उसे घेर कर आत्मसमर्पण करने हेतु कहा गया किन्तु वह नहीं माना और जान से मारने की नियत से फायर करने लगा.आत्मरक्षार्थ फायरिंग की गयी.इलाज का दौरान विकास दुबे की मृत्यु हो गयी है। pic.twitter.com/mX0oSEKxZi
— News & Features Network-Regional News (@mzn_news) July 10, 2020
वीडियो में विकास दुबे मृत दिख रहा था। कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार ने कहा कि गंभीर हालत में विकास को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने दुबे को मृत घोषित कर दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक तेज बारिश होने की वजह से वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ। भारी बारिश की वजह से वाहन फसिल गया और सड़क के किनारे पलट गया। एसटीएफ के भी दो जवान इस दुर्घटना में घायल हुए हैं। अभी तक कोई भी अधिकारी सामने नहीं आया है। इससे पहले कानपुर पुलिस ने विकास दुबे को पकड़ने के लिए पिछले 7 दिनों में उसके गैंग के 5 सदस्यों को एनकाउंटर में मार गिराया।
पुलिस ने बताया कि प्रदेश की स्पेशल टास्क फ़ोर्स विकास को उज्जैन से सड़क के रास्ते कानपुर लेकर जा रही थी जब गाड़ी पलट गई. इसके बाद विकास दुबे ने भागने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस को गोली चलानी पड़ी जिसमें अभियुक्त की मौत हो गई. कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने विकास दुबे के मारे जाने की पुष्टि की है.
गिरफ्तारी के बाद विकास से मध्यप्रदेश पुलिस ने आठ घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। विकास ने…
Posted by News & Feature Network: Regional News on Thursday, July 9, 2020
उन्होंने कहा कि चार पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं जिनका कानपुर के सीएससी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. उन्होंने बताया कि घटना का पूरा ब्यौरा देने के लिए पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी और तभी सबकुछ बताया जाएगा.कानपुर मुठभेड़ केस का मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया. इस खबर की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है.
यूपी एसटीएफ की टीम विकास दुबे को लेकर जैसे ही कानपुर पहुंची, वह गाड़ी में सुरक्षाकर्मियों के पिस्टौल छीनने लगा. इसी बीच बैलेंस बिगड़ने के बाद गाड़ी पलट गई. गाड़ी पलटते ही विकास दुबे भागने लगा और पुलिस पर फायरिंग भी की.
सुरक्षाकर्मियों ने भी अपने बचाव में गोलियां चलाईं, जिसके बाद विकास दुबे गंभीर रूप से घायल हो गया. सुरक्षाकर्मी उसे लेकर जल्दी अस्पताल पहुंचे. थोड़ी देर बाद डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की विस्तार से जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया, ‘विकास दुबे को लेकर यूपी एसटीएफ का काफिला जा रहा था.
इसी दौरान हादसा हुआ और गाड़ी पलट गई. गाड़ी पलटने के बाद पुलिसकर्मी घायल हो गए. इसके बाद विकास दुबे पुलिस वालों की पिस्टल छीन ली और भागने लगा. भागते हुए उसकने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की. पुलिस ने उसे सरेंडर कराने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं माना. इसके बाद पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई और विकास दुबे मारा गया.’
एनकाउंटर में 2 इंस्पेक्टर (एक एसटीएसफ इन्स्पेक्टर) समेत चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें कल्याणपुर सीएचसी में भर्ती किया गया है. सूत्रों ने बताया कि ये एनकाउंटर 7.15 से 7.35 के बीच हुआ. मीडिया समेत तमाम गाड़ियों को 6.40 से 7.30 तक रोका गया था. इससे पहले कानपुर में टोल प्लाजा पर जैसे ही यूपी एसटीएफ की गाड़ियों का काफिला विकास दुबे को लेकर पहुंचा था, अन्य गाड़ियों के आवागमन को रोक दिया गया था.
कानपुर-पुलिस का आधिकारिक बयान जारी-
अवगत कराना है कि थाना चौबेपुर पर दिनांकः 03.07.2020 को पंजीकृत मु0अ0स0 192/20 धारा 147/148/149/302/307/394/120बी भादवि0 व 7 सीएलए एक्ट जो 08 पुलिसकर्मियों के शहीद होने से सम्बन्धित है, में वांछित 5 लाख रु0 का इनामियां अभियुक्त विकास दुबे पुत्र राम कुमार दुबे नि0 बिकरू थाना चौबेपुर कानपुर नगर को उज्जैन, मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये जाने के पश्चात पुलिस व एसटीएफ टीम द्वारा आज दिनांक 10.07.2020 को कानपुर नगर लाया जा रहा था।
कानपुर नगर भौंती के पास पुलिस का उक्त वाहन दुर्घटना ग्रस्त होकर पलट गया, जिससे उसमें बैठे अभियुक्त व पुलिस जन घायल हो गये। इसी दौरान अभि0 विकास दुबे उपरोक्त ने घायल पुलिस कर्मी की पिस्टल छीन कर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम द्वारा पीछा कर उसे घेर कर आत्मसमर्पण करने हेतु कहा गया किन्तु वह नहीं माना और पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायर करने लगा पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ जबाबी फायरिंग की गयी।उपरोक्त विकास दुबे घायल हो गया, जिसे तत्काल ही ईलाज हेतु अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज का दौरान अभियुक्त विकास दुबे की मृत्यु हो गयी है
