चिकन-मटन खाने के बावजूद शरीर में Vitamin B12 deficiency क्यों? डॉक्टर वेद प्रकाश से जानिए असली वजह!
विटामिन B12 की कमी आज एक आम लेकिन अनदेखा होता हुआ स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। आम धारणा यह है कि यदि आप नॉन-वेज खाते हैं, जैसे चिकन, मटन, अंडा या दूध, तो शरीर में Vitamin B12 deficiency होना संभव नहीं। लेकिन डॉक्टर वेद प्रकाश की सलाह से पता चलता है कि यह एक मिथक मात्र है।
असल में, कई नॉन-वेज खाने वालों को भी विटामिन B12 की कमी की समस्या हो रही है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर हो सकती है। तो क्या है इस रहस्य के पीछे की वजह? आइए विस्तार से समझते हैं।
विटामिन B12: जानिए क्यों है यह जरूरी?
विटामिन B12 शरीर में नसों, दिमाग और रक्त कोशिकाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। इसकी कमी से थकान, कमजोरी, याददाश्त कमजोर होना, चक्कर आना, मिजाज में बदलाव और यहां तक कि डिप्रेशन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
यह विटामिन मुख्यतः मांसाहारी खाद्य पदार्थों जैसे चिकन, मटन, अंडा, दूध, दही और चीज़ में पाया जाता है। इसलिए, यह माना जाता है कि नॉन-वेज खाने वालों को इसकी कमी नहीं होती। परंतु डॉक्टर वेद प्रकाश के अनुसार, यह सिर्फ आहार की बात नहीं है, बल्कि शरीर के अवशोषण (absorption) की भी बड़ी भूमिका होती है।
क्यों हो रही है Vitamin B12 deficiency? जानिए 6 अहम वजहें
1. पेट की समस्याएं – इंट्रिंसिक फैक्टर की कमी
अगर पेट में गैस्ट्राइटिस, एसिडिटी या सूजन जैसी समस्या है, तो पेट से निकलने वाला इंट्रिंसिक फैक्टर कम हो जाता है, जो कि B12 के अवशोषण के लिए जरूरी होता है। बिना इसके, शरीर B12 को ठीक से ग्रहण नहीं कर पाता, चाहे आप कितना भी मांसाहारी भोजन कर लें।
2. गट हेल्थ का बिगड़ना
हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और पोषण का एक बड़ा हिस्सा आंतों पर निर्भर करता है। यदि गट हेल्थ खराब हो, जैसे कि IBS, लीक गट सिंड्रोम या बार-बार एंटीबायोटिक्स लेने से, तो शरीर B12 को अवशोषित करने में असमर्थ रहता है।
3. खानपान का असंतुलन
कुछ लोग सिर्फ प्रोसेस्ड मीट जैसे सॉसेज, नगेट्स आदि का सेवन करते हैं, जिसमें जरूरी पोषक तत्व कम होते हैं। साथ ही फैट कम करने की होड़ में दूध, अंडे जैसी चीजों से दूर रहना भी B12 की कमी को बढ़ाता है।
4. कुछ दवाइयों का प्रभाव
डायबिटीज की दवा मेटफॉर्मिन और एसिडिटी के लिए ली जाने वाली एंटासिड दवाइयां लंबे समय तक लेने पर B12 के स्तर को प्रभावित कर सकती हैं।
5. बढ़ती उम्र के साथ अवशोषण क्षमता कम होना
50 वर्ष से ऊपर के लोगों में B12 की कमी ज्यादा देखी जाती है क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ शरीर की पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता घटती है।
6. शरीर में B12 की कमी के लक्षण
बार-बार थकान महसूस होना
हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नता
ध्यान केंद्रित करने में कमी
मूड स्विंग्स, डिप्रेशन या मानसिक थकान
बालों का अधिक झड़ना
यदि आपको ये लक्षण महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से B12 का टेस्ट करवाना जरूरी है।
B12 की कमी कैसे पूरी करें? जानिए असरदार उपाय
संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाएं
चिकन-मटन के साथ अंडा, दूध, दही और चीज़ को अपनी डाइट में शामिल करें ताकि प्राकृतिक तरीके से B12 की पूर्ति हो सके।
गट हेल्थ का ख्याल रखें
प्रोबायोटिक युक्त फूड्स जैसे दही, छाछ, किमची और सॉरक्राट को आहार में शामिल कर गट हेल्थ को बेहतर बनाएं।
डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट या इंजेक्शन लें
कभी-कभी B12 की कमी को तुरंत दूर करने के लिए सप्लीमेंट्स या इंजेक्शन लेना आवश्यक होता है, इसलिए खुद से दवा न लें, डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
फिटनेस और सक्रिय जीवनशैली अपनाएं
नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली से शरीर की पोषक तत्वों को ग्रहण करने की क्षमता बेहतर होती है।
Vitamin B12 की कमी के प्रति जागरूकता जरूरी
आज के समय में पोषण संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विटामिन B12 की कमी न केवल शरीर को कमजोर करती है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालती है।
विशेष रूप से वे लोग जो नॉन-वेज खाते हुए भी इस कमी से जूझ रहे हैं, उन्हें अपनी डाइट और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना होगा। साथ ही पेट और गट हेल्थ की देखभाल भी उतनी ही जरूरी है।
डॉ. वेद प्रकाश की सलाह है कि नियमित स्वास्थ्य जांच और पोषण की सही जानकारी से ही इस समस्या को दूर किया जा सकता है।
चिकन-मटन खाने के बावजूद शरीर में Vitamin B12 की कमी होना चिंता का विषय है। पेट की बीमारियां, गट हेल्थ की खराबी, असंतुलित आहार, दवाइयों का प्रभाव और उम्र बढ़ना इस कमी के मुख्य कारण हैं। संतुलित आहार, प्रोबायोटिक्स, डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट और सक्रिय जीवनशैली से इसे ठीक किया जा सकता है। B12 की कमी को नजरअंदाज न करें, समय रहते सही इलाज लें और स्वस्थ रहें।

