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शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास योग से सम्भव8 Min |
मुजफ्फरनगर। योग से बालकों का शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास होता है। उक्त विचार पतंजलि योग पीठ हरिद्वार से आए आचार्य सुमित जी ने ग्रीन लैंड माडर्न जू०हाई स्कूल मुजफ्फर नगर में दिए।उन्होंने बताया कि योग से शरीर के साथ ही साथ मस्तिष्क भी स्वस्थ होता है।योग से बालकों में सद्बुद्धि का विकास होता है और बालक अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सार्थक प्रयास करता है, जिससे उसके जीवन में सुख,समृद्धि व शांति आती है और वह एक सभ्य नागरिक बनकर देशहित में अपने जीवन को लगाता है।उन्होंने बताया कि बच्चों को अपने माता-पिता व गुरुजनो का सम्मान करना चाहिए ।ऐसा करने से उसकी आयु,यश,विद्या और बल बढ़ते हैं। अनूप सिंह वर्मा संरक्षण पतंजलि मुजफ्फरनगर ने कहा कि छोटे छोटे अच्छे कार्य करने से अच्छे कार्य करने का अभ्यास बनता है जिससे अच्छे संस्कारों का उदय होता है ।अच्छे गुणवान,संस्कारवान बच्चे ही समाज व राष्ट्र का धन होते हैं।प्रधानाचार्य सुरेन्द्र पाल सिंह आर्य ने अतिथियों का स्वागत किया ।इस अवसर पर चन्द्रपाल सिंह पंवार अध्यक्ष भारत स्वाभिमान, नितिन चैधरी अध्यक्ष युवा भारत ,पुरुषोत्तम आर्य आदि उपस्थित रहे। इससे पहले पतंजलि योग समिति की बैठक प्रातः आर्य समाज शहर में सम्पन्न हुई ।मुख्य अतिथि आचार्य सुमित व सुनील शास्त्री रहे।संचालन प्रवेन्द्र बालियान व अध्यक्षता अनूप सिंह वर्मा ने की।

 

राज्यपाल आनंदीबेन ने सरकारी योजनाओं की समीक्षा की तथा कई स्थानो पर निरीक्षण किया1 Min 4 | 2 Min 2 |
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जनपद दौरे के तहत खतैली ब्लाॅक के गंाव हुसैनपुर बुपाडा के प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होने क्लास मे जाकर बच्चों को फल वितरित किए। राज्यपाल आनंदीबेन ने सरकारी योजनाओं की समीक्षा की तथा कई स्थानो पर पहंुच कर निरीक्षण किया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यू.पी.की गर्वनर आनंदीबेन पटेल आज सुबह करीब पौने दस बजे राजकीय विमान से मेरठ हवाई पटटी पहुंची। जहां से वे सडक मार्ग द्वारा खतौली ब्लाॅक के गंाव हुसैनपुर बुपाडा के प्राथमिक विद्यालय पहंुची। जहंा पहुंचने पर महामहिम राज्यपाल का स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, राज्यमंत्री विजय कश्यप, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, खतौली विधायक विक्रम सैनी, पुरकाजी विधायक प्रमोद उटवाल, बुढाना विधायक उमेश मलिक, मंडलायुक्त संजय कुमार व डीआईजी उपेन्द्र अग्रवाल, डीएम सेल्वा कुमारी जे. व एसएसपी अभिषेक यादव सहित पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वागत किया। जिसके पश्चात उन्हे गार्ड आॅफ आॅनर की सलामी दी गई। गार्ड आॅफ आॅनर की सलामी लेने के बाद राज्यपाल ने प्राथमिक विद्यालय बोपाडा न.1 व 2 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होने कक्षा मे जाकर नन्हे मुन्ने बच्चांे से मुलाकात की। राज्यपाल ने स्कूल के बच्चो के साथ काफी समय व्यतीत किया। उसके बाद उन्होने स्कूल मे बन रहे मिड डे मिल का निरीक्षण किया व मिड डे मील के विषय मे भोजन माताओं से जानकारी ली और बोपाडा में ही एक तालाब का भी निरीक्षण किया। उसके बाद राज्यपाल अपने काफिले के साथ बघरा के लिए रवाना हो गई।
बुपाडा से चलकर कृषि विज्ञान केन्द्र बघरा पहंुची राज्यपाल आनंदीबेन ने कृषि विज्ञान केन्द्र मे सरकारी योजनाओं की समीक्षा की तथा जैविक उत्पादन करने वाले कृषकों से मुलाकात की व जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी को देखा। राज्यपाल ने नमामि गंगे योजना से लाभान्वित किसानो से भी मुलाकात की। जिसके बाद उन्होने महिला कृषकों एवं स्वयं सहायता समूहो की महिलाओं से मुलाकात की। उन्होने मुद्रा योजना, जनधन योजना,जीवन बीमा योजना,प्रधानमंत्री आवास योजना,आरोग्य भारत आयुष्मान योजना के लाभार्थियो से मुलाकात की। बघरा कृषि केन्द्र मे आयोजित कार्यक्रम मे सम्मलित होने के पश्चात राज्यपाल काफिले के साथ गांव जागाहेडी में आंगनबाडी केन्द्र, प्राइमरी पाठशाला व तालाब का निरीक्षण किया। जहां से राज्यपाल अपने काफिल डायट परिसर स्थित कस्तूरबा गंाधी आवासिय बालिका विद्यालय पहंुंची तथा विद्यालय का निरीक्षण करने के पश्चात विद्यालय कीे छात्राओं को जूते, डैªस तथा फल वितरित किए। इस दौरान कस्तूरबा गंाधी कन्या विद्यालय पहुंची पालिकाध्यक्ष श्रीमति अंजू अग्रवाल ने राज्यपाल आनंदीबेन से भंेट की तथा उन्हे बुके देकर स्वागत किया। इस दौरान कस्तूरबा गंाधी आवासीय बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्या व समस्त स्टाफकर्मियो ने गर्वनर आनंदीबेन का स्वागत किया। कस्तूरबा गंाधी विद्यालय के निरीक्षण के पश्चात वे कुछ समय के लिए मेरठ रोड स्थित पीडब्लूडी गेस्ट हाउस पर विश्राम के लिए ठहरी। जहंा महामहिम राज्यपाल के साथ साथ स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, राज्यमंत्री विजय कश्यप, जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, श्रीमोहन तायल,भाजपा नेत्री रेणू गर्ग, व्यापारी नेता संजय मिश्रा आदि मौजूद रहे। इस दौरान राज्यपाल का भाजपाईयो द्वारा बुके देकर एवं तस्वीर भेंट कर स्वागत किया गया। लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस पर कुछ समय विश्राम व जलपान के पश्चात वे विकास भवन पहंुची जहंा उन्होने रोटरी क्लब, रेडक्रास, लायंस क्लब आदि विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओ के पदाधिकारियो से बात की तथा विकास भवन सभागार मे सरकार की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। विकास भवन मे आयोजित बैठक मे शिरकत करने तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिला चिकित्सालय परिसर स्थित जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहंुची। जहंा उन्होने जिला महिला अस्पताल के विभिन्न विभागो का निरीक्षण किया एवं महिला मरीजों से बातचीत कर सरकार द्वारा प्रदत्त विभिन्न सेवाओं/सुविधाओं के विषय मे जानकारी ली। इस दौरान राज्यमंत्री विजय कश्यप, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, डीएम सेल्वा कुमारी जे. व एसएसपी अभिषेक यादव, सीडीओ आलोक यादव, एडीएम प्रशासन अमित कुमार, एसपी सिटी सतपाल अंतिल, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, सीओ सिटी हरीश भदौरिया, सीएमओ डा. चोपडा व सीएमएस पंकज अग्रवाल सहित चिकित्साधिकारी मौजूद रहे। जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के बाद राज्यपाल आनंदीबेन मेरठ के लिए रवाना हो गयी।

शराब सहित दबोचा4 Min |
मुजफ्फरनगर। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आबकारी विभाग टीम व पुलिस की सयुक्त टीम अवैध शराब व तस्करों के खिलाफ सख्त रुख किये हुए है ओर लगातार अभियान चलाये हुए है तथा ऐसे अवैध शराब के कारोबारीयो की धड़पकड़ कर जेल भेज रही हैं।
देर रात आबकारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह व पुरकाजी पुलिस ने थाना पुरकाजी क्षेत्र के गांव चमरवाला में मुखबिर की बताई जगह दबिश देकर ८० लीटर कच्ची शराब तथा अवैध शराब बनाने के उपकरण भी संयुक्त टीम ने बरामद किए है पकड़े गए आरोपी सतनाम उर्फ काला हाल निवासी पुरकाजी को मौके से गिरफ्तार कर पुरकाजी पुलिस ने आबकारी अधिनियम व आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया हैं दभारी मात्रा में लहन के साथ कई लीटर शराब बरामद की है।

प्रमाण पत्र दिलाने की मांग5 Min 1 |
मुजफ्फरनगर। संवैधानिक आरक्षण संघर्ष मोर्चा ने सत्याग्रह आंदोलन के तहत ज्ञापन सौंपा।
संवैधानिक आरक्षण संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष इं. देवेंद्र कश्यप के नेतृत्व में कचहरी स्थित डीएम कार्यालय पर एकत्रित संगठन के पदाधिकारियों का संवैधानिक आरक्षण सत्याग्रह आंदोलन आज तीसरे दिन भी जारी रहा। मोर्चा के संयोजक एडवोकेट नरेश कुमार कश्यप ने जारी पे्रस विज्ञप्ति में कहा कि देश क संविधान लागे हुए 70 वर्ष हो गये है लेकिन संविधान में लिखे आरक्षण की विसंगति आज तक दूर नहीं हुई। आज भी बहुत सी वंचित और शोषित जातियों जिनमें कश्यप, निषाद, केवट, मल्लाह, बिद, कहार, धींवर, धीमर, मांझी, मुजाबिर, भर, राजभर, कुम्हार, प्रजापति, बढ़ई, लोहार, दर्जी, जुलाहा, तेली, नाई, बारी, पाल, गडरिया, बघेल को अनुसूचित जाति की सुविधा प्राप्त नहीं हुई है। मोर्चा के अध्यक्ष देवेंद्र कश्यप और लीगर एडवाइजर राजपाल कश्यप ने कहा कि इन जातियों की आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक स्थिति बहुत खराब है ये जातियां संविधान लागू होने के बाद से ही अनुसूचित जाति की सूची क्रमांक 27 पर धनगर, 51 पर मझवार, 57 पर पासी और तरमाली क्रमांक 63 पर शिल्पकार, 64 पर तुरेहा, 66 पर गौड के नाम से अंकित है लेकिन सूची में अंकित होने के बाद भी इन जातियों को अनुसूचित जातियों का लाभ नही मिल रहा है। सरकार से मांग करते है कि सभी जातियो को अनुसूचित जाति की सुविधा प्रदान करके जातियों की संख्या के अनुपात को अनुसूचित जाति के कोटे में जोडकर अनुसूचित जाति के कोटे केा बढ़ाया जाये। मोर्चा के उपाध्यक्ष जयभगवान कश्यप, महासचिव राजेश कश्यप ने कहा कि इन जातियो की प्रदेश में संख्या लगभग 25 प्रतिशत है। पदाधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा चुनाव 2017 और लोकसभा चुनाव 2019 में इन जातियों को प्रमाण पत्र जारी करने का वादा किया था लेकिन अभी तक प्रमाण पत्र जारी नहीं हुए। इस दौरान राकेश कुमार कश्यप, विशाल कश्यप, प्रमोद कश्यप, आनंद कश्यप, सवित कश्यप, हरपाल कश्यप, रमेश कश्यप, विनोद कश्यप, संजीव कश्यप, दीपक कश्यप, हरिगोपाल कश्यप आदि मौजूद रहे।

होली पर रंग बिरंगी पिचकारी भा रही है खूब6 Min 2 |
मुजफ्फरनगर। होली के पर्व में अब लगभग चार-पांच दिन शेष रह गये है जिले में होली के लिए बाजार सजने लगे हैं। दुकानों पर पिचकारी, टैंक, मुखौटे और एक से बढ़कर एक रंग बिरंगी कैप बाजार में हैं। डोरीमोन के टैंक, मोटू पतलू के मुखौटे बच्चों की पहली पसंद बने हुए हैं।
रंगों का त्योहार होली में एक सप्ताह से भी कम समय रहा गया है। होली को लेकर बाजार सजने शुरू हो गए हैं। रंग और बच्चों के लिए तरह तरह के आइटम दुकानों पर सज गए हैं। इस बार दुकानों पर चाइनीज आइटम न के बराबर हैं। इसकी वजह चाइना में कोराना वायरस का संक्रमण होने के कारण वहां से माल न आना बताया गया है। इस बार स्वदेशी आइटमों से ही बाजार सजे हुए हैं। दुकानों पर फैंसी पाइप (पिचकारी) और सादे पाइपों की धूम मची है। इसके साथ ही कच्चे और पक्के रंग, गुलाल भी स्वदेशी ही उपलब्ध हैं। व्यापारी पवन ने बताया कि होली पर रंग, गुलाल, पिचकारी और अन्य आइटमों की बिक्री शुरू हो गई है। होली पर दुकानों पर डोरीमोन, स्पाइडर मैन, थ्री डी आदि के टैंक बच्चों में ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। इनकी डिमांड ज्यादा है। इसके साथ ही इस बार मुखौटों की भी बिक्री हो रही है। बच्चे मोटू पतलू और मिक्की माउस के मुखौटे पसंद कर रहे हैं। बोतलनुमा टैंक की भी बिक्री हो रही है।
दाल मंडी निवासी व्यापारी सचिन कुमार ने बताया कि होली पर जहां राजस्थानी कैंप का चलन बढ़ रहा है, वहीं मलिंगा कैंप की भी डिमांड है। रंग बिरंगे बालों वाली मलिंगा कैप, पगला कैंप, लंबे बाल वाली कैप, चोटी आदि आइटम भी आए हुए हैं। बच्चों को इस तरह के आइटम भी पसंद आ रहे हैं।
होली पर बाजार में सजे आइटम
टैंक -१०० से ५०० रुपये तक
फैंसी पिचकारी – ३० से २०० रुपये तक
सादी पिचकारी – १० से ४० रुपये तक
बारबी टैंक – ८० से १५० रुपये तक
मुखौटे – ५ से १० रुपये तक
कैप – ५ से लेकर ५० रुपये तक

 

होली मिलन मनाया
खतौली। दिगंबर जैन महिला महासमिति द्वारा नमिता जैन के मोहल्ला बिद्दीवाड़ा स्थित निवास पर होली मिलन समारोह मनाया गया। इस मौके पर नीले रंग का ड्रेस कोड दिया गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण व महासमिति प्रार्थना पाठ से किया गया। महिलाओं ने ढोलक की थाप पर होली के रंगा रंग गीत गाए। महिलाओं ने होली के गीतों पर नृत्य किया। धार्मिक तंबोला खिलाया गया। उपहार दिए गए। प्रश्न मंच के माध्यम से सही उत्तर देने वालों को पुरस्कृत किया गया। केश सज्जा प्रतियोगिता भी की गई।
कार्यक्रम में डा. ज्योति जैन ने बताया कि होली एक महत्वपूर्ण त्योहार है। होली का त्योहार रंगों एवं खुशियों की बौछार लेकर आता है। होली के त्योहार के पीछे अनेक पौराणिक कथाएं है। इस सभी लोग मिलजुल कर मनाते हैं। यह पर्व विश्व बंधुत्व एवं पारस्परिक सौहार्द का संदेश देता है। संभागीय अध्यक्ष विनोद जैन प्रवक्ता ने कहा कि दिगंबर जैन महासमिति का लक्ष्य संगठित समाज है। महासमिति संकल्प से सभा समापन हुआ। इस अवसर पर ललिता, सीमा, कौशल, बीना, मीनाक्षी, निर्मल, पिंकी, रीतु, शोभा, पारुल, सुषमा, अलका, डा. ज्योति, नमिता, रजनी, रेणु, मनोज, छवि, चंद्रबोस, अंकित, नीरज जैन प्रवक्ता आदि उपस्थित रहे।

होली को लेकर बाजार सजे
मीरांपुर। होली के रंग माहौल में घुलने शुरू हो गए हैं। बाजार में भी तैयारी पूरी हो चुकी है। दुकानें रंग, गुलाल, पिचकारी और अन्य आइटमों से सज चुकी हैं और बाजारों में रौनक भी बढ़ने लगी है। होली के नजदीक आते-आते भीड़ बढ़ती जाएगी। मिठाइयों खासकर गुझिया की सुगंध भी महक रही है। होली पर बहू-बेटियों को कोथली देने की भी परंपरा है। ऐस में मिठाइयों की तमाम जगहों पर अस्थाई दुकानें भी लगने लगी हैं।
नौ मार्च को होलिका पूजन-दहन और दस मार्च को रंग वाली होली यानी दुल्हैंडी है।
इसके लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं और बाजार तो पूरी तरह तैयार हैं। अभी तक बाजार में ग्रामीण क्षेत्र के दुकानदार ही होली के लिए रंग-गुलाल व पिचकारी आदि खरीदने आ रहे थे, लेकिन अब बाजार पूरी तरह गुलजार होने लगे हैं। स्कूलों में होली खेली जानी है तो इसके तैयारी में बच्चों के साथ अभिभावक भी जुटे हैं। साथ ही कुछ जगहों पर गली-मोहल्लों में बच्चों ने होली खेलना शुरू भी कर दिया है। व्यापारी ने बताया कि अब बिक्री बढ़ती ही जाएगी। बच्चे गुलाल वाली पिचकारी भी काफी ले जा रहे हैं। व्यापारी नीरज संगल ने बताया किे गुलाल से भरे सिलेंडर की काफी बिक्री हुई है। डिमांड को देखते हुए इन्हें और मंगाया जा रहा है। इसकी कीमत १२५० रुपये है। दाम अधिक होने के कारण पहले कम ही पीस मंगाए थे।

राजस्थानी टोपी की मांग अधिक-होली के लिए वैसे तो बाजार में विभिन्न प्रकार की टोपियां हैं, लेकिन राजस्थानी टोपी की मांग अधिक है। ऐसे में व्यापारियों ने इनका काफी स्टॉक मंगाया हुआ है। अभी से इनकी काफी बिक्री होने लगी है। मोदी मास्क की मांग, पर बाजार में नहीं
व्यापारी संजय ने बताया कि मोदी मास्क की काफी मांग है, लेकिन अभी तक ये बाजार में नहीं हैं। दरअसल, अभी तक ये मास्क मेड इन चाइना होते थे। कोरोना वायरस के चलते माल भारत आ नहीं पा रहा है। दिल्ली के एक व्यापारी से संपर्क किया है और उन्होंने दो दिन इंतजार करने के लिए कहा है। व्यापारी के अनुसार दिल्ली और गुरुग्राम में भी अब ये बन रहे हैं, लेकिन मांग के हिसाब से उत्पादन उतना नहीं है। ड्राइफ्रूट से लेकर नोट वाले हार
होलिका पूजन में प्रयोग होने वाले हार (माला) की दुकानें भी सज गई हैं। इन हार में खांड-चीनी से बने खिलौने (मिठाई) ही पहले अधिक होते थे, लेकिन अब ये हार भी फैंसी हो गए हैं। दुकानदार संजय ने बताया कि ड्राइफ्रूट वाले हार की ज्यादा डिमांड रहती है। इनमें खिलौने एक-दो ही लगाए जाते हैं। नोट वाले हार भी बिकते हैं, लेकिन ये आर्डर पर ही तैयार किए जाते हैं। हालांकि इनके आर्डर भी मिल रहे हैं। बाजार में ५० रुपये से लेकर १५०० रुपये तक के हार उपलब्ध हैं। गुंझिया और मठरी से सजी दुकानें-
होली पर बहु-बेटियों को कौथली देने की भी परंपरा है। कौथली देने का सिलसिला शुरू हो चुका है। ऐसे में गुंझिया मिठाई, मठरी (सुहाली), नमक पारे-शक्करपारे आदि से दुकाने सज गई हैं। मिठाई विक्रेता मीनू संगल ने बताया कि देशी घी में बनी गुंझिया ३५० रुपये प्रति किलोग्राम है और वनस्पति घी में बनी गुंझिया के २५० रुपये प्रति किलोग्राम है। मठरी सौ रुपये प्रति किलोग्राम है।

महिलाओं के अधिकारों का सम्मान विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन
मुजफ्फरनगर। श्रीराम काॅलेज आॅफ इंजीनियरिंग में प्रत्येक वर्ष की भाॅति इस वर्ष भी ‘‘महिलाओं के समानता के अधिकारो’’ विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि सीमा गोयल, विशिष्ट अतिथि एडवोकेट अक्षिता सिंह, श्रीराम ग्रुप आॅफ काॅलिजेज के चेयरमेन डाॅ0 एस0सी0 कुलश्रेष्ठ, श्रीराम काॅलेज आॅफ इंजीनियरिंग के निदेशक डाॅ0 आलोक गुप्ता, डीन एकेडमिक ई0 साक्षी श्रीवास्तव आदि के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को उनके अधिकारो के विषय में अवगत कराने के साथ-साथ महिलाओ के स्वतंत्रतापूर्वक एवं सम्मानजनक जीवन जीने, अमानवीय व्यवहार और यातना से मुक्ति, समानता का अधिकार और जीवन का अधिकार (कन्या भ्रुण हत्या), कार्य करने व रोजगार स्वतंत्र रूप से चुनने का अधिकार, शिक्षा का अधिकार जैसे कानूनी एवं मौलिक अधिकारो का प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से हनन न हो, के संबंध में भी अवगत कराना रहा।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि एडवोकेट अक्षिता सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान द्वारा कानून के समक्ष महिलाओं को समानता का अधिकार प्रदान किया गया है। राज्य किसी नागरिक के खिलाफ सिर्फ धर्म, मूल, वंश, जाति, लिंग, जन्मस्थान या इनमे से किसी के आधार पर कोई भेद नहीं करेगा। इतना ही नहीं संविधान में महिलाओं को विशेष अधिकार भी प्रदान किए गए है ताकि महिलायें अपने सम्मान, सुरक्षा, स्वरक्षा व अधिकारों की रक्षा कर सके एवं महिला सशक्तिकरण की अवधारणा सही रूप से साकार हो सके। महिलाओं को समस्त अधिकार लिंग भेदरहित रूप से प्राप्त है तथा सामाजिक, शैक्षणिक आदि सभी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी व सक्रियता बढ़ रही है। मुख्य अतिथि सीमा गोयल ने छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि महिलायें अपनी दुर्दशा को अपना भाग्य ना मानकर साक्षरता की ओर कदम बढ़ाऐं। शासन की ओर से महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा व सशाक्तिकरण हेतु विभिन्न कार्यक्रम संचालित किये गये है। आवश्यकतानुसार प्रत्येक वर्ग की महिलाओं के लिये सभी क्षेत्रों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस अवसर पर डीन-एकेडिमिक श्रीराम ग्रुप आॅफ काॅलेजेज प्रो0 साक्षी श्रीवास्तव कहा कि समाज में महिलाओं की समानता के अधिकार को लेकर वर्षो से संघर्ष का बड़ा लाभ देखने को मिल रहा है। महिला घर सहित किसी भी क्षेत्र में अपनी क्षमता दिखाने को आगे आ रही है तथा प्रत्येक क्षेत्र में पुरूषो के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपने कार्यो को बखूबी अंजाम दे रहीं है।
इस अवसर पर निदेशक श्रीराम ग्रुप आॅफ काॅलेज डा0 आलोक गुप्ता ने कहा कि आज आवश्यकता है एक ऐसे वातावरण के निर्माण की जहां महिलायें शिक्षित हो, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो तथा महिला व पुरूष के मध्य समानता व सौहार्द्रता हो। विभिन्न प्रकार के प्रयासों से देश में विभिन्न स्तरों पर महिला सशक्तिकरण की अवधारणा को निश्चित रूप से बल मिला है। संस्था के चैयरमेन डा0 एस0सी0 कुलश्रेष्ठ ने कहा कि देश के विकास के लिये महिलाओं का विकास भी आवश्यक है। इसके लिये महिलाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक होना चाहिये। विज्ञान और प्रोद्योगिकी के दौर में लड़कियों को अब बोझ नहीं माना जा रहा है। अब दुनिया के हर देश में महिलाओं के विरूद्ध हिंसा और भेदभाव को मानव अधिकारों के हनन के रूप में देखा जा रहा है तथा सभ्य समाज की ओर से महिलाओं के प्रति होने वाले लैंगिक अपराधो पर तीखी प्रतिक्रियाऐं भी देखने को मिल रहीं है। देश के विकास के लिए महिलाऐं भी अपना सर्वोत्तम योगदान दे रहीं है। सेमिनार को सफल बनाने में ई0 ईशा, ई0 रूचि राय, ई0 प्रियम त्यागी, डा0 आकांक्षा, उमा, शीनम, ई0 इंदु, ई0 पुजा, शालिनी बक्शी, अंजली, ई0 प्रीति, आँचल त्यागी, सपना शर्मा, शिखा तोमर, पारूल जैन, डाॅ0 श्वेता राठी, डाॅ0 पूजा तोमर, डाॅ0 बुशरा आकिल, छवि गुप्ता, पूनम आदि का विशेष योगदान रहा।

शिक्षकों को मेडिकल बोर्ड से करानी होगी जांच
मुजफ्फरनगर। अंतर जनपदीय तबादले के लिए बीमारी से संबंधित दस्तावेज देने वाले शिक्षकों को जिला स्तर पर गठित मेडिकल बोर्ड से स्वास्थ्य की जांच करानी होगी। ऐसे 61 शिक्षकों की सूची स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई है। छह मार्च तक जांच नहीं कराने पर उनके आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे।
शासन ने अंतर जनपदीय तबादले के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों से आनलाइन आवेदन मांगे थे। जिले से 648 शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन किए थे। इनमें से 335 शिक्षकों के आवेदन पर आपत्ति लगी है। जिन शिक्षकों ने बीमारी से संबंधित दस्तावेज संलग्न किए हैं उनका जिला स्तर पर गठित मेडिकल बोर्ड से सत्यापन कराया जाना है।
बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी ने बताया कि शिक्षकों को छह मार्च तक मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होकर बीमारी से संबंधित जांच करानी होगी।
कोई शिक्षक जांच नहीं कराता है या बीमारी से संबंधित उसका दावा सही नहीं पाया जाता है तो तबादले का आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। उधर, तबादले की प्रक्रिया लंबी होने से शिक्षक परेशान हैं। प्रक्रिया अप्रैल तक चलेगी। इससे शिक्षकों का अपने पसंदीदा जिले में जाने की उम्मीद कमजोर पड़ती जा रही है।

मोहल्ले से विकास दूर, लोग मकान बेचने को मजबूर
मुजफ्फरनगर। नगर के दक्षिणी खालापार, मक्की नगर, इब्राहीम मस्जिद की गली, रऊफ परचूनिया की गली, गुलजार बिजली वालों की गली समेत अन्य कई गलियों में हर तीसरे-चैथे मकान की दीवारों पर मकान बिकाऊ है लिखा देखकर कोई भी ठिठकने को मजबूर हो जाएगा। दरअसल यहां के लोगों का अपना दर्द है। अच्छी सड़क और साफ-सफाई की चाह उन्हें मकान बेचने को मजबूर कर रही है। गुलजार बिजलीवालों की गली में गुलजार अहमद, खुशनुमा, शफी, शमशीदा अपने मकान बेचकर जा चुके हैं। यहां के निवासी दिलशाद बताते हैं कि उनकी गली की सड़क 20 साल से नहीं बनी। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। ऐसे माहौल में कौन रहना चाहेगा। मोहम्मद आलम, आजम और दिलशाद एक दिन भी यहां नहीं रहना चाहते। कहते हैं कि कोई खरीदार मिले तो तुरंत अपना मकान बेच दें। गुलजार बिजली वाले, सलीम अहमद, हसीन अहमद का कहना है कि मोहल्ले में सड़कें नहीं हैं। नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। साफ-सफाई कभी होती है, ऐसे माहौल से तो अपने गांव लौट जाना बेहतर है। यहीं के रहने वाले नन्हे बताते हैं कि यहां पर बसे ज्यादातर लोग मजदूरी करते हैं। वर्षों से देख रहे हैं कि आसपास की किसी भी गली में कोई नई सड़क नहीं बनी। बारिश हो तो हर गली कीचड़ से भर जाती है। कब्रिस्तान तक भी कीचड़ से जाना पड़ता है। हालात इतने खराब हैं कि कोई भी व्यक्ति यहां रहना नहीं चाहता है। यह सही है कि दक्षिणी खालापार, मक्कीनगर और आसपास के बड़ी संख्या में लोग अपने मकान बेचना चाहते हैं। लोग विकास चाहते हैं। हमने यहां पर सड़कें, नालियां बनवाने के लिए खूब प्रयास किए, लेकिन प्रस्ताव अधर में ही लटके रह गए – राहत, सभासद के पति।
दक्षिणी खालापार की कई सड़कें बनने लायक हैं। मैं 14वें वित्त से इन सड़कों का निर्माण कराना चाहती थी, लेकिन बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी नहीं दी गई। मेरी कोशिश है कि सभी वार्डों में समान रूप से काम हो – अंजू अग्रवाल, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद।

News-Desk

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