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जनता कर्फ्यू पूरी तरह सफल रहा
मुजफ्फरनगर। कोरोना वायरस के प्रभाव से बचाव के लिए जिला पुलिस प्रशासन द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासो की कडी मे आज जनता कर्फ्यू पूरी तरह सफल रहा। पुलिस की मुस्तैदी के कारण जनपद सहित नगर की सभी सडकें सूनी नजर आई।
उल्लेखनीय है कि वैश्विक आपदा कोविड-19 के प्रभाव के कारण पूरा देश संकट के दौर से गुजर रहा है। सरकार के साथ-साथ जिला स्तर पर भी पुलिस प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग की और से नागरिको के स्वास्थ्य के दृष्टिगत विभिन्न व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। प्रशासन के सतत प्रयासो के बावजूद एकाएक कोरोना पॉजिटिव मिलने अधिकारियो की चिन्ता बढ गई। जिसके चलते डीएम सेल्वा कुमारी जे. ने जनहित के स्वास्थ्य के दृष्टिगत प्रत्येक रविवार को पूर्ण लॉक डाउन का आदेश दिया है। जिसके चलते आज जनता कफ्यू के दौरान जनपद पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। एसएसपी अभिषेक यादव के निर्देश पर जनपद के सभी थाना क्षेत्रो मे पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आई। पुलिस अधिकारियो के निर्देशन मे विभिन्न थाना क्षेत्रा मे गश्त कर वाहन चैकिंग भी की तथा कहीं कहीं नजर आए वाहन चालको को रोककर उनसे पूछताछ की। पुलिस ने इस दौरान कई वाहनो के चालान भी काटे। पुलिस की सख्ती से बेवजहा घूमने वालो मे अच्छा-खासा डर दिखाई दिया। एसएसपी अभिषेक यादव, एसपी सिटी सतपाल अंतिल, एसपी देहात नेपाल सिह आदि ने विभिन्न थाना क्षेत्रो का भ्रमण कर व्यवस्था का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
रोहाना कस्बे के बाजार मैं बंद रहने से सन्नाटा पसरा रहा
रोहाना। जनपद में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर लॉक डाउन का पालन करने के लिए रोहाना पुलिस ने शक्ति से चेकिंग अभियान चलाकर लॉकडाउन का पालन कराया।
वैश्विक महामारी को लेकर जनपद में कोरोना संक्रमण के बढ़ने से कपिल देव स्वतंत्र प्रभार मंत्री द्वारा जिला अधिकारी को पत्र लिखकर मुजफ्फरनगर में कर्फ्यू लगाकर लॉक डाउन का पालन करने का आग्रह किया गया था जिस पर जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले को १ दिन के लिए सील करने का निर्देश जारी किया जिसमें सभी तरीके प्रतिष्ठान वाहन बंद का निर्देश दिया और बाहर से आने वाले किसी भी प्रकार के वाहनों पर प्रतिबंध लगाने का भी निर्देश दिया। जिससे प्रशासन की इस घोषणा से रोहाना कस्बे के बाजार मैं बंद रहने से सन्नाटा पसरा रहा सभी सड़कें सूनी रही और रोहाना पुलिस चौकी प्रभारी सचिन त्यागी ने लॉक डाउन का पालन कराते हुए अपील की और टोल प्लाजा पर पहुंचकर वाहनों को जनपद में घुसने के लिये प्रतिबंध लगाया।
प्रदेश के 39 पीपीएस अधिकारियो के तबादले
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा प्रदेश के 39 पीपीएस अधिकारियो के तबादले किए गए। हाल मे ट्रॅास्फर होने वाले पुलिस अधिकारियो मे मुजफ्फरनगर के एसपी टै्रफिक व एसपी क्राईम भी शामिल हैं।
विदित हो कि बीती रात प्रदेश के 39 पीपीएस अधिकारियो का स्थानान्तरण किया गया है। स्थानान्तरित होने वाले उक्त अधिकारियो मे एसपी टैफिक बी.बी.सिह का स्थानान्तरण अलीगढ पीएसी मे किया गया है। बी.बी.सिह के स्थाना पर अब राम अभिलाष त्रिपाठी नए एसपी टै्रफिक होंगे। उल्लेखनीय है कि राम अभिलाष त्रिपाठी जनपदमे सीओ रह चुके हैं। वहीं एसपी क्राईम की जिम्मेदारी अब दुर्गेश कुमार सिह सम्भालेंगे।
शासन से पेंशनर्स की समस्याओं का तत्काल निदान करने की मांग
मुजफ्फरनगर। संयुक्त पेंशनर्स परिषद जनपद शाखा मुजफ्फरनगर की एक सभा सोशल मीडिया के ऐप के माध्यम से वेद प्रकाश सिंघल जनपद अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई जिस का संचालन महामंत्री हुकम चंद शर्मा द्वारा किया गया। सभा में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया तथा सभी को चेहरे पर मास्क लगाने हेतु निर्देशित किया गया। सभा में पेंशनर्स की मांगों पर विचार किया गया कोरोना महामारी के संकट काल में पेंशनर्स की आयु एवं स्वास्थ्य संबंधी स्थिति को ध्यान रखते हुए शासन से पेंशनर्स की समस्याओं का तत्काल निदान करने की मांग की गई। सभा में निम्न प्रस्ताव पारित किए गए। १.पेंशनर्स एवं अन्य कर्मचारियों के वेतन से डी ए एवं अन्य भक्तों की कटौती की तत्काल बहाली की पुरजोर मांग की गई। २. चतुर्थ श्रेणी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन पूर्व की भांति कार्यालय अध्यक्ष द्वारा ही स्वीकृत कराई जाए जिससे समय एवं संसाधनों की बचत हो। ३.वर्ष २००१ में पेंशन वितरण में बैंकों की विफलता एवं घोटालों के फल स्वरुप पेंशन वितरण का कार्य सरकारी कोषागारो को दे दिया गया था फिर से यह कार्य बैंकों को दिए जाना प्रस्तावित है। सरकार की इस कार्यवाही का विरोध किया गया एवं इस विफल प्रयोग को ना दोहराने की मांग की गयी। ४.पेंशन सलाहकार समिति की मांगों के अनुरूप मुख्य सचिव स्तर पर वार्ता करके समस्याओं का निस्तारण किए जाने की मांग की गई। ५. करोना महामारी से बचाव हेतु दानदाता पेंशनर्स का आभार व्यक्त किया गया। अंत में डीपी जैन वरिष्ठ उपाध्यक्ष द्वारा सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया कारोना एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देते हुए सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने ,घरों से न निकलने, चेहरे पर मास्क लगाने तथा पूरा बचाव रखने हेतु निर्देशित किया गया। रिटायर्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स कल्याण संघ के जनपद अध्यक्ष इंजीनियर के०के०शर्मा सचिव इंजीनियर पी०के० गुप्ता जी ने भी अपने विचार रखे रखते हुए सभी को करोना महामारी के प्रति जागरूक किया। विद्युत पेंशनर्स एसोसिएशन एवं सेवानिवृत्त शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने भी सभा में सहभागिता की तथा उपरोक्त विचारों से सहमति व्यक्त की। सभा में बी०आर० शर्मा ,यू० सी० वर्मा ,एस के गुप्ता ,सी डी शर्मा, आदि सभी साथी उपस्थित रहे।
मुजफरनगर का बेटा सेना में अफसर
मुजफ्फरनगर। देहरादून 13 जून को आईएमए की पासिंग आउट परेड में 433 कैडेट्स सेना में अफसर बन गये। कोरोना के चलते देहरादून में आयोजित पासिंग परेड में इस बार कैडेट्स के परिजनों को नहीं बुलाया गया था। 13 जून को हुई पॉसिंग आउट परेड में जहां 333 भारतीय शूरवीर देश की सुरक्षा के लिए तैयार हो गये, वहीं इस पॉसिंग आउट परेड में मित्र राष्ट्रों के 90 कैडेट्स भी पास हुए है। मुजफरनगर वासियों का सीना उस समय गर्व से चौड़ा हो गया, जब मुजफरनगर का लाल आयुष मुद्गल को परेड की सलामी ले रहे भारत के थलसेना अध्यक्ष मनोज मुकुन्द नरवाने ने उसके कंधों पर चमकते हुए स्टार लगाये। टीवी पर यह कार्यक्रम देखकर उसके परिजन भाव विभोर हो गये। आयुष मुद्गल के पिता अखिलेश मुद्गल व माता श्रीमती अनिता निवासी पटेलनगर के आवास पर जहां उन्हें बधाई देने का तांता लगा हुआ है,वहीं
उनके शुभचिन्तक उन्हें फोन पर आयुष के सेना में सैकेंड लैफ्टिनेंट बनने पर शुभकामनाएं दे रहे है। यह मुजफरनगर के लिए भी गौरव की बात है कि उनका एक बेटा सेना में अफसर बन गया।
समय समय पर रक्तदान करते रहना चाहिए-जिलाधिकारी
मुजफ्फरनगर। रक्तदान महादान है क्योंकि हमारे द्वारा किए गए रक्तदान से किसी व्यक्ति की जान बच जाती है। अतः समय समय पर रक्तदान करते रहना चाहिए। ताकि जीवन रक्षा हो सके। रक्तदान शिविर मे हिस्सा लेते रहना चाहिए ताकि अन्य व्यक्ति भी रक्तदान के प्रति प्रेरित हो सकें।
विश्व रक्तदान शिविर के अवसर जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक मे आयोजित रक्तदान शिविर मे बतौर मुख्य अतिथि रक्तदान करने के पश्चात डीएम सेल्वा कुमारी जे. ने उक्त उदगार व्यक्त किए। जिलाधिकारी ने कहा कि रक्तदान महादान है क्योंकि रक्तदान से किसी जरूरतमद व्यक्ति को जीवन मिल सकता है। उन्होने सभी नागरिको से अपील की समय समय पर रक्तदान शिविर आयोजित होने चाहिए ताकि अन्य व्यक्ति भी रक्तदान के प्रति प्रेरित हो सकें। इस अवसर पर सीएमओ डा.प्रवीण चोपडा,सीएमएस डा.पंकज अग्रवाल, ब्लड बैंक प्रभारी डा.पी.के.त्यागी,डा.योगेन्द्र त्रिखा,चिकित्साधिकारी डा.गीतांजली वर्मा आदि चिकित्साधिकारी व स्टाफकर्मी मौजूद रहे।
बसे पूरे दिन स्टेशन पर खडी रही
मुजफ्फरनगर। रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान लोग अपने घरों में रहे। जिन लोगों को बाहर जाना था उन्होंने भी अपनी यात्राएं स्थगित कर दी। मुजफ्फरनगर में रोडवेज बस स्टेंड पर बसे यात्रियों का इंतजार करती रही लेकिन यात्री न होने के कारण बसे पूरे दिन स्टेशन पर खडी रही। गौरतलब है कि अनलाक-1 के पहले दिन से ही सवारियों का काफी हद तक टोटा चल रहा है लेकिन फिर भी जो भी सवारी मिल रही थी आज उन पर भी पूरी तरह से विराम रहा और केई भी व्यक्ति अपने घर से बाहर नहीं निकला जिस कारण बसे भी नहीं चली।
मुजफ्फरनगर में आज कोरोना पॉजिटीव 18 मिले, अब जिले में 98 मरीज हुए
मुजफ्फरनगर। जिले में आज दो और मरीज मिले है जिसके बाद जिले में एक दिन में 18 मरीज मिलने से हडकंप मच गया है।
अपर जिलाधिकारी वित्त आलोक कुमार ने बताया कि आज 149 रिपोर्ट आई थी जिसमे 16 पॉजिटिव मिले थे जिनमे 10 कवाल, 2 रामपुरी, भरतिया कालोनी, लद्धावाला, खालापार और मंसूरपुर से एक-एक मरीज मिला है जिनके संपर्कों की तलाश की जा रही है और पता लगाया जा रहा है कि इनमे संक्रमण कहाँ से आया है। आज मिले इन मरीजों में भरतिया कालोनी से मिले मरीज शहर के एक क्रिमनल के वकील है द्य
इनके अलावा दो और मरीज मिले है जिन्होंने प्राइवेट लैब से जांच करायी थी जिनमे एक खालापार और दूसरी तितावी की महिला है।
उन्होंने बताया कि कल तक जिले में 83 कोरोना संक्रमित थे जिसमे 3 ठीक हो चुके है जबकि आज 18 अन्य मरीज मिले है जिसके बाद अब जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 98 हो गयी है।
मुजफ्फरनगर में संपूर्ण लॉकडाउन : लोग घरों में, गश्त पर अफसर
मुजफ्फर नगर। जिले में जून माह के पहले दो सप्ताह में कोरोना के लगभग 100 मामले सामने आने पर प्रशासन ने रविवार को जिले में संपूर्ण लॉकडाउन लागू किया है। रविवार को सड़क पर अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति नजर आई। लोग घरों में रहे और पुलिस व प्रशासनिक अफसर पैदल गश्त करते रहे।
मुजफ्फरनगर में रविवार को संपूर्ण लॉकडाउन लागू होने के चलते बाजार पूरी तरह सुनसान रहे। दूध विक्रेताओं और डेयरी संचालकों को सिर्फ आठ बजे तक ही दूध आपूर्ति की छूट दी गई। मेडिकल स्टोर भी सुबह आठ बजे के बाद बंद करा दिए गए। प्रशासन ने संपूर्ण लॉकडाउन में केवल मेडिकल इमरजेंसी पर ही लोगों को अस्पताल तक जाने की छूट दी है। इसके अलावा सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान, बाजार, दुकानें, मॉल्स, होटल, रेस्टोरेंट्स आदि पूरी तरह से बंद रहे। नगर मजिस्ट्रेट अतुल कुमार व सीओ सिटी हरीश भदौरिया के नेतृत्व में तीनों थाना क्षेत्रों की पुलिस शहर में विभिन्न स्थानों पर बाजारों में गश्त करते हुए लोगों को घरों में रहने के लिए प्रेरित करती रही। एसपी सिटी सतपाल अंतिल, एडीएम प्रशासन अमित कुमार भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण पर हैं। प्रदेश के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने शुक्रवार रात डीएम को पत्र लिखकर सप्ताह में एक दिन संपूर्ण लॉकडाउन का सुझाव दिया था। जिसके बाद प्रशासन ने रविवार को संपूर्ण लॉकडाउन के आदेश जारी किए।
महिला के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
मुजफ्फर नगर। भौराकलां के गांव शिकारपुर में एक सप्ताह पूर्व एक गर्भवती महिला के अज्ञात कारणों के चलते मौत हो गई थी। जिसमे ससुराल पक्ष के लोगो द्वारा महिला के परिजनों को कोरोना की दहशत के चलते गुमराह करते हुए महिला का शव गांव के कब्रिस्तान में दफना दिया गया था। महिला के परिजनों ने सीओ फुगाना व अन्य अधिकारियों से गुहार लगाकर शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की। जिसके बाद पुलिस फोर्स ने मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में शनिवार को गांव में पहुंचकर कब्रिस्तान से महिला के शव को बहार निकालकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मंसूरपुर के बेगराज पुर निवासी तबस्सुम का निकाह लगभग चार वर्ष पूर्व भौराकलां के गांव शिकारपुर निवासी आस मोहम्मद के साथ हुआ था। वही उसकी छोटी बहन तरन्नुम का निकाह आस मोहम्मद के सगे भाई के साथ किया गया था। वही दोनो युवतियो के मा व पिता न होने के चलते अन्य परिजनों द्वारा निकाह किया गया था। लेकिन शादी के बाद से दोनों युवतियो पर ससुराल के लोगो का दहेज में लाखों रुपये को लेकर विवाद होता रहा। वही आस मोहम्मद का पड़ोस की एक युवती से प्रेम प्रशंग भी होने की चर्चा बनी रही। 5 जून की रात्रि तबस्सुम की बहन तरन्नुम को उसके मायके भेज दिया गया। जबकि तबस्सुम गर्भवती होने के चलते घर पर रही। जिसके बाद देर रात्रि तबस्सुम की अचानक से मौत की खबर दी गई। तबस्सुम की हुई मौत की सूचना ससुराल व उसके पति ने उसके चाचा मुर्तजा को दी। और उनको कोरोना महामारी की दहशत के चलते गुमराह कर दिए गया। जिनके चलते ससुराल के लोगो ने गांव के कब्रिस्तान में महिला के शव को दफना दिया। उसके बाद महिला के चाचा व उसके भाई को ससुराल के लोगो पर संदेह हुआ और उन्होंने सीओ फुगाना को घटना से अवगत कराते हुए मामले की तहरीर देकर कार्यवाही की गुहार लगाई। जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए शनिवार को गांव में पहुँचकर घटनास्थल की जांच करते हुए कब्रिस्तान से महिला की कब्र को खुदवाकर महिला के शव को बाहर निकाला। और गांव के जिम्मेदार लोगों की मौजूदगी में पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया। बताया जाता है कि जिस समय महिला की मौत हुई थी। उस समय ग्राम प्रधान द्वारा मामले को दबाने का प्रयास किया गया था।और ग्राम प्रधान उक्त लोगो को सहयोग करता रहा। पुलिस प्रधान की जांच करने में भी जुट गई।
गांव शिकारपुर में एक सप्ताह पूर्व महिला की हुई मौत को लेकर ससुराल के लोगो ने मायके के लोगो को कोरोना महामारी की दहशत बताते हुए देर रात्रि महिला के शव को गांव के कब्रिस्तान में दफना दिया था। जिसके बाद महिला के परिजनों को मोत की खबर हजम नही हुई और पुलिस प्रशासन के दरवाजे पर जांच करने पहुचे।

