Russian Defense Ministry: प्रक्षेपित किया गया दुनिया की सबसे घातक हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल जिरकॉन को, अमेरिका के पास कोई तोड़ नहीं
Russian Defense Ministry ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पहली बार परमाणु पनडुब्बी से एक हाइपरसोनिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। ये जानकारी रूस ने सोमवार को दी है।रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि जिरकॉन मिसाइल को सेवेरोडविंस्क पनडुब्बी से प्रक्षेपित किया गया और इसने बेरिंट सागर के तट पर एक नकली लक्ष्य को भेद दिया।
पनडुब्बी के जरिए ऐसी मिसाइल का सफल परीक्षण रूस ने पहली बार किया है। इससे पहले जुलाई में नौसेना के युद्धपोत से इसका कई बार परीक्षण किया गया था।इस परीक्षण पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा है कि जिरकॉन मिसाइल ध्वनि की गति से 9 गुना तेज उड़ान भरने में सक्षम होगी और ये 1 हजार किलोमीटर (620 मील) सीमा क्षेत्र में लक्ष्य को भेद सकती है। इस दौरान पुतिन ने ये भी कहा कि इस मिसाइल से रूस की सैन्य क्षमता में काफी इजाफा होगा।
इस मिसाइल को रूस की नौसेना में शामिल करने के सवाल पर अधिकारियों ने कहा कि इस साल के आखिर तक सारे परीक्षण हो जाएंगे, जिसके बाद साल 2022 में इसे नौसेना में शामिल कर लिया जाएगा। जिरकॉन मिसाइल रूस की सबसे विकसित हाइपरसोनिक मिसाइलों में से एक है।
रूस अपनी सेना को 2014 के बाद से आधुनिक बनाने पर जोर दे रहा है। बता दें कि पश्चिम के देशों के साथ बढ़ रहे तनाव के बीच रूस ने अपनी पश्चिमी सीमा पर सैनिक तैनात कर रखे हैं।
रूस की हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका के पास भी इसका कोई तोड़ नहीं है। रूस ने नाटो देशों के साथ तनाव के बीच ये परीक्षण किया है
जिसका मतलब साफ है कि रूस अपनी शक्ति को दुनिया में बता रहा है कि वह किसी से कम नहीं है।बता दें कि अमेरिका के पास कोई ऑपरेशनल हाइपरसोनिक मिसाइल नहीं है। इस लिहाज से रूस उससे आगे निकल गया है।
