मनचंगा है तो कटौती में ही गंगा-धूमधाम के साथ निकाली संत रविदास शोभायात्रा
मुजफ्फरनगर। संत शिरोमणि रविदास जी महाराज ने मानवता की भलाई के लिए अनेक कार्य किये। जात पात से ऊपर उठकर उन्होंने समाजसेवा को अग्रणीय माना। उनके बताये पदचिन्हों पर चलकर हम सभी को उनके समान मानवता की सेवा करनी चाहिए। उक्त उद्गार रविदास जयंती पर टाउनहाल से निकलने वाली शोभायात्रा का शुभारम्भ करते हुए स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि संत रविदास एक ऐसे महापुरूष थे जिनका मन निर्मल एवं स्वच्छ था। वो मानते थे कि अगर मनचंगा है तो कटौती में ही गंगा है।
हम सभी को उनके आदर्शो और गुणों को अपनाना चाहिए। संत शिरोमणी रविदास जी महाराज की जयंति के अवसर पर नगर मे विशाल शोभायात्रा निकाली गई जो नगर के टाउन हॉल प्रागण से शुरू होकर अनेक विभिन्न मार्गो व बाजारो से होती हुई देर शाम टाउन मैदान पहुंच कर सम्पन्न हुई।
संत शिरोमणी रविदास जी महाराज की जयंति के अवसर पर नगर के मौहल्ला रैदासपुरी स्थित मंदिर से शुरू हुई रविदास जी की शोभायात्रा का शुभारम्भ हुआ समाजसेवी भाजपा नेता डा. जे.पी.सिंह ने किया। उन्होंने अपने संबोधन मे कहा कि गुरू रविदास जी का जीवन अनुकरणीय है।
हम सभी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। खादरवाला स्थित भगवान शिव एवं संत रविदास मंदिर,गाजावाली स्थित रविदास मंदिर व रूडकी रोड रामपुरी गेट के समीप स्थित श्री रविदास जी महाराज मंदिर नगर के गहराबाग के समीप स्थित रविदास मंदिर व केशवपुरी स्थित संत रविदास मंदिर आदि नगर के विभिन्न मंदिरो मे एकत्रित सुन्दर-सुन्दर झांकिया दोपहर करीब दो बजे टाउन हॉल मैदान पहुंची। जहां से ये सभी झांकियां विभिन्न बैण्डबाजो व ढोल आदि शोभायात्रा के रूप मे निकली।
टाउनहाल में शोभायात्रा का शुभारम्भ राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने किया। यह शोभायात्रा टाउन हॉल से प्रारम्भ होकर शिव चौक होते हुए रूडकी रोड, बकरा मार्किट, किला मौहल्ला, हनुमान चौक, भगत सिह रोड होते हुए देर शाम टाउनहाल प्रागंण में पहुंचकर सम्पन्न हुई। इस दौरान मुनीश कुमार सभासदपति, राजकुमार सि(ार्थ, करण सिंह पेन्टर, संजय जानिया, अतर सिंह अमीन, आरती देवी पूर्व सभासद, शंकर आर्ट, दीपचंद, कुलदीप, सागर, अश्वनी, प्रदीप, हितेष, राहुल, राजेश्वर, मनोज, बोनी डीजे, शुभम, किरणपाल, मनोज प्रेस, गौरव सि(ार्थ, रजनीश, राजीव के अलावा प्रेस प्रवक्ता विजय कैमरिक मौजूद रहे।
