पूर्व मंत्री स्व. विद्या भूषण की ८७ वीं जयन्ती मनाई
मुजफ्फरनगर। स्व. विद्या भूषण की ८७ वीं जयन्ती पर पुष्पांजलि अर्पित की गयी। स्व. विद्या भूषण के रेनबो विहार निवास पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
जिसकी अध्यक्षता हरीश भूषण ने की तथा संचालन पंडित सतीश शर्मा निवासी करवाडा कांग्रेस नेता ने किया। विद्या भूषण के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सन् १९७३ से १९७७ तक नगर पालिका के निकट सहयोगी ने विद्या भूषण के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सन १९७३ से १९७७ तक नगरपालिका चौयरमेन रहे ।
१९८० में नगर विधायक उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मन्त्री रहे। आजादी के बाद जितने विकास कार्य विद्या भूषण जी पूर्व मंत्री , उप्र सरकार ने कराये आज तक किसी मन्त्री ने नही कराये
जिस विभाग के मन्त्री रहे उत्तर प्रदेश में अमिट छाप छोड़ दी। स्टेडियम , मोटल , रेस्टोरेन्ट , हाट मिक्स प्लान्ट की सड़कें , वृक्षारोपण की हरियाली , एसडी कॉलेज मार्किट , शहर कोतवाली मार्किट , आँसी की रानी पार्क , विद्या भूषण की याद दिलाते है। मुजफ्फरनगर के इतिहास में विद्या भूषण का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा हुआ है।
हरीश भूषण प्रदेश महासचिव उप्र, मंडल प्रभारी सहारनपुर ने कहा मुजफ्फरनगर के इतिहास में विद्या भूषण की याद में स्मारक एवं नगर पालिका द्वार का निर्माण विद्या भूषण स्मृति द्वार बनाने की घोषणा की थी जो घोषणा ही रही मुजफ्फरनगर में विद्या भूषण स्मारक बनाया जाये यही सच्ची श्रद्धांजजि होगी ।
विद्या भूषण के ८७ वें जन्म दिवस पर जिला चिकित्सालय में मरीजों को फल वितरण किये गये। अशोक वर्मा पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि विद्या भूषण दबंग नेता विधायक विद्या भूषण बोलते थे कि शासन प्रशासन डोलता था। विद्या भूषण के जन्म पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा तू शहनशाह था बिना ताज का तू नेता था बिना राज का सहारा बना था तू हर किसी का मुजफ्फरनगर शहर को तुझ पर नाज था।
हरीश भूषण , पंडित सतीश शर्मा, चौ ० जितेन्द्र हर्ष भूषण, दीपांशु भूषण, पवन अरोरा, इरफान मलिक, मुशर्रफ अली सिद्दीकी, गौरव कुमार, सलेक चन्द्र कश्यप, मोतीराम कश्यप, राकेश पुण्डीर, सुक्रमपाल कश्यप, महफूज राना, आनन्द त्यागी, रविन्द्र चौधरी, राजू, सन्दीप अग्रवाल, पंकज गोयल, सुशील प्रमुख, जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस बिलकिश चौधरी, अनुज आदि ने स्व विद्याभूषण की जयंती पर पुष्प अर्पित किये गए।
