गन्ना आपूर्ति पर पड़ा कोरोना का असर: किसान परेशान
मुजफ्फरनगर। गन्ना आपूर्ति पर कोरोना का असर काफी पड़ा है। मार्च माह में अब तक की सबसे कम आपूर्ति जनता कर्फ्यू के दिन हुई। किसान भी कोरोना से डरा हुआ है और भीड़ में जाने से बच रहा है।
किसान एक तरफ पर्ची नहीं मिलने से गन्ने की आपूर्ति को लेकर परेशान है, वहीं दूसरी और कोरोना के भय के चलते चीनी मिलों में आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। भरपूर इंडेंट जारी होने के बाद भी चीनी मिलों में आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जनता कर्फ्यू के दिन तो अब तक की सबसे कम आपूर्ति हुई।
मार्च माह में बीते पांच सालों में इतनी कम आपूर्ति कभी नहीं हुई। 22 मार्च को चीनी मिलों में केवल 3.26 लाख क्विंटल गन्ना ही पहुंच पाया। प्रतिदिन यह साढे पांच लाख क्विंटल के लगभग रहता है। बीते दिनों हुई तेज वर्षा में भी आपूर्ति यहां कभी चार लाख क्विंटल से कम नहीं रही।
जिले की चीनी मिलों की पेराई क्षमता छह लाख 17 हजार क्विंटल प्रतिदिन की है। 22 मार्च को सभी चीनी मिलों को उनकी क्षमता से कम गन्ना मिल पाया। खतौली चीनी मिल की क्षमता एक लाख 60 क्विंटल की है, यहां केवल 66 हजार क्विंटल गन्ना ही पहुंच पाया।
इसी तरह तितावी में एक लाख पांच हजार क्विंटल के मुकाबले 33 हजार, भैंसाना में 90 हजार के मुकाबले 50 हजार, मंसूरपुर में 80 हजार के स्थान पर 69 हजार, टिकौला में 90 हजार की जगह 49 हजार, खाईखेड़ी में 45 हजार के स्थान पर केवल 18 हजार, रोहाना में 22 हजार के स्थान पर 17 हजार और मोरना चीनी मिल में 25 हजार क्विंटल की जगह 21 हजार क्विंटल गन्ना ही पेराई के लिए पहुंच पाया।
गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते पांच साल में मार्च माह में चीनी मिलों में किसी एक दिन इससे कम गन्ना नहीं आया है। डीसीओ आरडी द्विवेदी का कहना है कि बारिश के बाद अब कोरोना का असर गन्ना आपूर्ति पर सीधा पड़ रहा है।
