Muzaffarnagar- महर्षि दयानंद सरस्वती की २००वीं जयंती मनाई
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) आर्य समाज की संस्थायें युग प्रवर्तक महर्षि दयानंद सरस्वती की २००वीं जयंती वर्ष में समाज सुधार कार्यक्रम को आगे बढ़ाएगी। वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त ने कहा कि ऋषि दयानन्द की वैदिक क्रांति से धर्म और संस्कृति की रक्षा हुई थी।
सरकुलर रोड स्थित शाकुंतलम में वैदिक धर्म प्रचार संगठन वैदिक आश्रम अलीपुर कलां तथा आचार्य विश्वबन्धु मानव सेवार्थ न्यास की मासिक बैठक में जिले भर से पदाधिकारी जुटे। इस मौके पर आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि बुराइयों का उन्मूलन सदाचरण से ही संभव है। पाप से बचिये और पुण्य कर्मों की ओर लौटिए, तभी जीवन में सुख-शांति मिलेगी।
महर्षि दयानंद ने वैदिक क्रांति से हिंदू समाज में जन जागरण किया था। वह स्वराज और स्वदेशी के प्रथम उद्घोषक थे। उन्होंने आह्वान किया कि युग प्रवर्तक महर्षि दयानंद की २००वीं जयंती १२ फरवरी को मुजफ्फरनगर और शामली के आर्य समाज मंदिरों, गुरुकुलों और वैदिक शिक्षण संस्थाओं में यज्ञ, भजन और प्रवचन के कार्यक्रम आयोजित किये जायें।
वानप्रस्थी आर्य मुनि ने कहा कि युवा महापुरुषों के ग्रन्थों को पढ़े। वैदिक मार्ग श्रेष्ठ और वेदानुकूल है। वानप्रस्थी सत्यमुनि ने कहा कि महर्षि स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा थे। यज्ञमान शिक्षक पुष्पेंद्र आर्य एवं विदुषी आर्या रही। आंनद पाल सिंह आर्य, आर.पी.शर्मा ने ओम ध्वज वितरित किये। संचालन प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह आर्य ने किया।
गांव-गांव में मनाई जाएगी ऋषि जयंती
बैठक में पधारे पदाधिकारियों तथा आर्यजनों ने ऋषि जयंती गांव-गांव मनाने का संकल्प लिया। इंजीनियर भोपाल सिंह आर्य, ओमबीर सिंह आर्य दूधली, राजवीर सिंह भौरा कलां, ऋषि पाल सिंह सोटा, अनिल आर्य, प्रेम चंद जांगिड सिसौली, संसार सिंह आर्य व प्रवेंद्र आर्य ढिंढावली, सुरेंद्र सिंह चारौली,नीरज बालियान, बिजेंद्र बालियान भौरा खुर्द,अमित अहलावत भैंसी, डा. नरेश आर्य सोहनजनी जाटान, निकास बालियान मांडी , विनय कुमार साल्हखेड़ी, संगम आर्य मोलाहेड़ी, रविंद्र आर्य लालूखेड़ी, ब्रजपाल आर्य डांगरोल, देवराज बालियान, जगमोर सिंह गोयला, आर्य समाज शहर प्रधान मुकेश आर्य, अनूप सिंह, मंजू आर्या, अनीता,रेखा,दमयंती,सुधा, सविता,प्रियंका,रीतू,बबली आर्य मौजूद रही।

