संपादकीय विशेष

Muzaffarnagar: आम का रहा मुँह काला, नहीं मिले दाम-सीजन का लगभग समापन

मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar )।। तकनीकी प्रबन्धन की कमी के चलते आम की चमक रही फीकी, आम विक्रेताओं को नहीं मिल सके उचित दाम। बागवानी क्षेत्र में तकनीकी प्रबन्ध के कारण इस सीजन फलों के राजा की संज्ञा पाने वाले फल आम का रंग ना हुआ उजला नजर आया आम का मुँह काला। काले मुँह के साथ आम के सीजन का लगभग समापन हो रहा है।
फलों के राजा कहे जाने वाले आम की अनेक प्रजातियां क्षेत्र में मशहूर हैं। आम की लगभग आधा दर्जन प्रजातियों का स्वाद क्षेत्रवासी चखते रहे हैं।इस बार आम की रंगत काली हो जाने से उसकी मांग में उठान न आ सका। आम के बाग की फसल अथवा बहार का ठेका लेंने वालों के अनुसार पेड़ पर आये बोर के सापेक्ष फल न आ सका। उसके बाद आये रोग के कारण आम की रंगत काली हो गयी।
जिससे उसकी माँग में कमी रही।जिससे पर्याप्त मुनाफा न मिल सका। जानकारों के अनुसार बागवानी में तकनीकी प्रबंधन की कमी के कारण फलों में अक्सर रोग आ जाता है।जिससे बड़ा नुकसान होता है।जिससे बाग क्षेत्र का रोजगार हतोत्साहित होता है। आंकड़ों के अनुसार तो स्थिति बेहद ही उदासीन करने वाली है।अधिकतर फल दार वृक्ष बाँझ होने के कारण समाप्त कर दिये जाते हैं।
बागवानी क्षेत्र की अगर बात की जाये तो क्षेत्र में कुछ प्रगतिशील किसानों द्वारा केला,पपीता,नींबू,स्ट्रॉबेरी,अमरूद की नई प्रजाति उगा कर लाभ लेने के प्रयास किये जा रहे हैं। किन्तु मजबूत तकनीकी प्रबन्ध न होने के कारण बागवानी क्षेत्र उतसाहित दिखाई नहीं पड़ता। कृषि के साथ साथ बागवानी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिये मजबूत कार्ययोजना की आवश्यकता है। आम के अलावा भी किसी फल की रंगत धूमिल न हो इसके लिये कृषि विशेषज्ञों को और अधिक गम्भीर होकर प्रयास करने की जरूरत है

Editorial Desk

संपादकीय टीम अनुभवी पेशेवरों का एक विविध समूह है, जो मीडिया उत्कृष्टता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्ध है। अकादमिक, पत्रकारिता, कानून और स्वास्थ्य सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता के साथ, प्रत्येक सदस्य अद्वितीय दृष्टिकोण और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री प्रदान करने के प्रति जुनून लाता है। टीम में वरिष्ठ संपादक, लेखक और विषय विशेषज्ञ शामिल हैं, जो व्यापक, समयबद्ध और आकर्षक लेख सुनिश्चित करते हैं। सार्थक वार्तालापों को बढ़ावा देने और सामाजिक जागरूकता को बढ़ाने के लिए समर्पित, टीम समाज को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों पर पाठकों को अच्छी तरह से सूचित रखती है।

Editorial Desk has 428 posts and counting. See all posts by Editorial Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

13 − 5 =