Muzaffarnagar News: डॉ० राधाकृष्णन समूचे विश्व को एक विद्यालय मानते थे-जिला विद्यालय निरीक्षक
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)। शिक्षक दिवस के अवसर पर आज जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में भारत के प्रथम उप राष्ट्रपति एवं द्वितीय राष्ट्रपति डॉ० सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस पर उन्हें डीआईओएस डॉ० धर्मेन्द्र शर्मा सहित पूरे स्टाफ ने उनके चित्र के समक्ष माल्यार्पण करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये गये।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में डीआईओएस डॉ० धर्मेन्द्र शर्मा ने कहा कि डॉ० सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद्, महान दार्शनिक और विचारक थे। उनके इन्हीं गुणों के कारण ही सन् १९५४ में भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च सम्मान च्च्भारत रत्नच्च् से अलंकृत किया था। डॉ० राधाकृष्णन समूचे विश्व को एक विद्यालय मानते थे।
उनका मानना था कि शिक्षा के द्वारा ही मानव मस्तिष्क का सदुपयोग किया जा सकता है। अतः विश्व को एक ही इकाई मानकर शिक्षा का प्रबन्धन करना चाहिए। डॉ० राधाकृष्णन अपनी बुद्धि से परिपूर्ण व्याख्याओं, आनन्ददायी अभिव्यक्तियों और हल्की गुदगुदाने वाली कहानियों से छात्रों को मन्त्रमुग्ध कर देते थे। उच्च नैतिक मूल्यों को अपने आचरण में उतारने की प्रेरणा वह अपने छात्रों को भी देते थे।
वह जिस भी विषय को पढ़ाते थे, पहले स्वयं उसका गहन अध्ययन करते थे। दर्शन जैसे गम्भीर विषय को भी वह अपनी शैली से सरल, रोचक और प्रिय बना देते थे। इसलिये इनके जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप मे मनाते है। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक विनय कुमार यादव, सुशील कुमार वर्मा, प्रमोद चौहान, भारत, प्रमोद शर्मा, मनीष भाटिया, विजय शर्मा, विनोद कुमार, अमित कुमार, अजय कुमार, नारायण शर्मा, आशुतोष सिंह, संजीव कुमार, अविनाश कुमार, धर्मपाल, गंगाशरण, पवन मेहरा, नीरज कुमार आदि उपस्थित थे।
स्वच्छता पखवाड़ा के अन्तर्गत आज पांचवें दिन जनपद के समस्त राजकीय, सीबीएसई, अशासकीय सहायता प्राप्त व वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों की श्रंखला में ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में स्थित विद्यालयों में ०५ सितम्बर को शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं द्वारा शिक्षक दिवस के आयोजन के साथ-साथ सामुदायिक आउटरीच दिवस भी मनाया गया तथा जनमानस को स्वच्छता का सन्देश देकर जागरूक किया।

