जिले में ओलावृष्टि व बारिश के बाद तीसरे दिन भी शीतलहर का प्रकोप जारी
मुजफ्फरनगर। जिले में ओलावृष्टि व बारिश के बाद तीसरे दिन भी मंगलवार को शीतलहर का प्रकोप जारी रहा। ठंड के चलते पूरे दिन लोगों की कंपकंपी छूटती रही। लोग ऊनी व गर्म कपड़ों में लिपटकर घरों में दुबकने को मजबूर रहे।
हालांकि साप्ताहिक अवकाश होने के चलते इक्का दुक्का दुकानों को छोडकर शहरी क्षेत्र में अधिकाशं दुकाने बंद रही। गली-मोहल्लों, बाजारों, चौराहों पर अलाव जलाकर ठंड को दूर करने का प्रयास किया। धूप निकलने से लोगों से कुछ राहत महसूस की।
तीन दिन से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शीतलहर से लोगों के हाड़ कंपकंपाने लगे हैं। सुबह कहीं-कहीं हल्का कोहरा छाया रहा। बढ़ती ढंड से बाजारों में आवाजाही कम हो गई है। बुजुर्ग व बच्चों के लिए परेशानी बढ़ रही है।
मंगलवार को सुबह से ही शीतलहर चल रही थी। बादल छाए हुए थे। सुबह दस बजे क बाद सूर्यदेव के दर्शन हुए। धूप निकली तो लोगों को थोड़ी राहत मिल सकी। शाम को जल्द ही सूर्य अस्त हो गए और फिर ठंड ने पैर पसार लिए।
शीतलहर के चलते गली-मोहल्लों में लोग लकड़ी जलाकर, घरों पर अंगीठी, हीटर, गैस बर्नर, वार्मर, बाजारों में कोयले की अंगीठी, चौराहों पर नगरपालिका की ओर से जल रहे अलाव से तापकर ठंड को दूर करने का प्रयास किया जा रहा था।
गर्म व ऊनी कपड़ों में लिपटने के बाद भी ठिठुरन बढ़ रही थी। कड़ाके की ठंड के चलते बेजुबां परिदे भी अपने घोंसलों में घुसे रहे। दोपहर बाद धूप निकलने पर ही कुछ देर के लिए पक्षी आकाश में उड़ते दिखाई दिए।
कृषि वैज्ञानिक डा. पीके सिंह का कहना है कि फसलों के लिए मौसम अनुकूल चल रहा है। ठंड बढ़ने से अगेती बुवाई की गई गेहूं की फसल के लिए अधिक लाभकारी है। गन्ना व सब्जी वाली फसलों को भी अभी कोई नुकसान नहीं है।

