स्वास्थ्य

शरीर के अलग-अलग अंगों के लिए योगासन: योग के बारे में कुछ ख़ास जानकारियां

1. मस्तक के लिए योगासन:

योगासन करने की विधि-

सबसे पहले बिल्कुल सीधे तनी हुई अवस्था में खड़े रहें। पैरों के दोनों पंजों को आपस में बिल्कुल मिलाकर रखें। फिर दोनों हाथों को बिल्कुल टांगों से सटाकर रखें।

आंखों की पुतलियों को ऊपर की ओर घुमाकर ध्यान बिल्कुल माथे पर लगा लें।माथे की मांसपेशियों को अदल-बदल कर सिकोड़ें और ढीला छोड़ें।

2. आंखों के लिए योगासन-
आंखों के लिए योगासन के अभ्यास को बिल्कुल सीधे तनकर या बैठकर अलग-अलग स्थितियों में किया जा सकता है। किसी भी अभ्यास को करने के बाद लगभग 30 सैकेंड तक आंखों को बंद रखें और उन्हें आराम दें।

 योगासन करने की विधि-

स्थिति-1

सबसे पहले सुखासन या पद्मासन की मुद्रा में जमीन पर बैठ जाएं। अपनी आंखों को बंद कर लें और मुंह को सूरज के बिल्कुल सामने रखें।
इसके बाद हाथों की दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर गर्म कर लें। फिर बड़े ही प्यार से गर्म हथेलियों से आंखों को ढक लें।

लगभग 2 मिनट के बाद हथेलियों को आंखों पर से हटा लें।इस पूरे योगासन को करते समय आंखों को बिल्कुल न खोलें। कम से कम 5 बार इस अभ्यास को जरूर करें।

स्थिति-2

जमीन पर कोई सी मुद्रा बनाकर बैठे रहें। फिर अपने दोनों पैरों को शरीर से आगे की ओर बिल्कुल सीधे तान लें।अब दोनों हाथों को भी बिल्कुल कंधे की सीध में ऊपर की ओर तान लें। आपके दोनो हाथों के अंगूठों का इशारा आसमान की ओर होना चाहिए।

इसके बाद सिर को बिना हिलाए आंखों को अदल-बदल कर पहले सांस लेते हुए बाएं अंगूठे पर देखें, फिर सांस को बाहर छोड़ते समय दोनों आंखों की भौंहों के बीच के स्थान पर देखते रहें।

इसके बाद सांस लेते हुए दाएं अंगूठे पर देखें, फिर सांस को बाहर निकालते हुए दोनों आंखों की भौंहों के बीच के स्थान पर देखते रहें। इस क्रिया को कम से कम 10 बार जरूर करें।

स्थिति-3

पहले वाली स्थिति में ही जमीन पर बैठे रहें और दोनो हाथों को दोनो पैरों के घुटनों पर टिकाकर रखें। अब आसमान की ओर देखते हुए सांस को अंदर की ओर खींचे और आंखों की दोनों पुतलियों को ऊपर माथे की ओर घुमा लें।

फिर सांस को बाहर छोड़ते हुए बिल्कुल सीधा देखें। इसके बाद सांस लेते हुए दोनों पुतलियों को नीचे पंजे की ओर घुमा लें। इस क्रिया को 10 बार करें।

स्थिति-4

पहले जैसी मुद्रा बनाकर जमीन पर बैठे रहें। फिर सांस को अंदर की ओर लेकर अंदर ही रोककर रखें। अब आंखों की पुतलियों को बाईं से दाईं ओर गोल-गोल घुमाएं, दाहिने अंगूठे की मदद से आंखों को अंगूठे पर टिकाकर गोल-गोल घुमाएं।

फिर सांस को बाहर छोड़ दें। अब सांस लेकर अंदर की ओर रोक लें। इसके बाद पुतलियों को दाएं ओर से बाईं ओर गोल-गोल घुमाएं।
अब सांस को बाहर की ओर छोड़ दें। अब आंखों को बंद करके लगभग 30 सैकेंड तक आराम दें।

स्थिति-5

पहले वाली मुद्रा बनाकर जमीन पर ही बैठे रहें।अब सांस को लेकर अंदर ही रोककर रखें।इसके बाद आंखों की पलकों को बिना झपकाए हुए किसी दूर की चीज को एकटक देखते रहें।अब सांस को बाहर निकाल लें।

फिर सांस लेकर अंदर की ओर ही रोककर रखें।अब पलकों को झुकाते हुए आंखों को नाक पर टिका लें।इसके बाद सांस को बाहर छोड़ दें।
इस क्रिया को 5 बार जरूर करें।

4. कानों के लिए योगासन-
स्थिति-1
सांस लेने की क्रिया को शांत, लयबद्ध और गहरी बनाकर रखें।फिर दोनों हाथों की हथेलियों को आपस में रगड़कर गर्म कर लें।दोनों हाथों की हथेलियों को दोनों कानों पर रख लें।दोनों हथेलियों से दोनों कानों को दबाकर एक खास तरह की आवाज सुने।

स्थिति-2

अपने दोनों हाथों की तर्जनी उंगलियों को दोनो कानों में घुसाकर धीरे-धीरे से कानों के अंदर की ओर घुमाएं।

स्थिति-3

कान के नीचे कान का जो बिना हड्डी वाला भाग होता है उसे धीरे-धीरे ऊपर-नीचे खींचते हुए उसकी मालिश करें।

5.मुंह के अंदर के लिए योगासन-

स्थिति-1

अपने मुंह को पूरी तरह से खोलकर मुंह के अंदर हवा को भर लें और गालों को फुलाकर रखें। इस क्रिया को कम से कम 3 बार जरूर करें।

स्थिति-2

अपने दांतों और जबड़ों को पूरी ताकत के साथ आपस में जोड़ लें। इसके बाद किसी भी हाथ की उंगलियों को खोलकर मुंह के अंदर घुसा लें और कोई लयात्मक आवाज जैसे कि एएएएएएएएएएए की आवाज जितनी ज्यादा तेज निकाल सकते है निकाल लें।
इस क्रिया को 3 बार करें।

6.टखनों और पैरों की उंगलियों के लिए योगासन-

योगासन करने की विधि-

सबसे पहले जमीन पर किसी भी मुद्रा में बैठ जाएं और दोनों पैरों को आगे की ओर फैला लें।फिर दोनों हाथों को कमर की ओर पीछे ले जाएं।
दोनो तनी हुई भुजाओं की मदद से थोड़ा सा पीछे की ओर मुड़ें।

अपने दोनो पैरों के पंजों को स्थिर रखते हुए उनकी उंगलियों को 10 बार आगे-पीछे की ओर करें।अब पैरों के दोनों पंजों को टखनों की हड्डी से आगे-पीछे करें। हर एक को कम से कम 10 बार करें।

इसके बाद दाएं-बाएं पंजे को एक साथ टखनों से घड़ी की गति की तरह व उल्टी दिशा में हर एक को 10 बार घुमाएं।

7. भुजाओं के लिए योगासन-

योगासन करने की विधि-

सबसे पहले बिल्कुल तनकर खड़े हो जाएं।दोनो भुजाओं को सामने की ओर तान लें।फिर 10 बार हाथों की उंगलियों को ऊपर-नीचे मोड़ें।
अब उंगलियों को हथेली के ही साथ कलाई के जोड़ से 10 बार ऊपर-नीचे घुमाएं।

इसके बाद दोनों भुजाओं को कोहनी के जोड़ से अंदर की ओर 5 बार मोड़ें।अंत में दोनों भुजाओं को बिल्कुल सीधे आगे की ओर तानकर कंधो के जोड़ से घड़ी की गति की तरह तथा उल्टी दिशा में 5 बार घुमाएं।

8.गर्दन के लिए योगासन-

योगासन करने की विधि-

स्थिति-1

अपनी गर्दन को इस तरह से पीछे की ओर मोड़ें जैसे की आसमान की ओर देखते हैं।अब गर्दन को आगे की ओर इतना ज्यादा झुका लें कि आपकी ठोड़ी, सीने से छू जाए।इस क्रिया को 3 बार करें।

स्थिति-2

अपनी गर्दन को दाएं और बाएं कंधे की तरफ अदल-बदल कर कंधे को छुआते हुए घुमाएं।
इस क्रिया को 5 बार जरूर करें।

स्थिति-3

गर्दन को कोलतापूर्वक धीरे से घड़ी की गति की तरह तथा उसके विपरीत अदल-बदलकर गोलाकार रूप में घुमाएं।इस क्रिया को 3 बार करें।

9.कंधों के लिए योगासन-

योगासन करने की विधि-

सबसे पहले बिल्कुल सीधे तनकर खड़े हो जाएं।इसके बाद हाथों को बिल्कुल सीधी अवस्था में ही नीचे की ओर लटकाकर मुट्ठी को बंद कर लें।
अब सांस को अंदर की ओर खींचते हुए कंधों को ऊपर उठा लें।फिर सांस को बाहर छोड़ते हुए कंधों को नीचे तक लाएं।इस क्रिया को 5 बार दोहराएं।

10. कमर के लिए योगासन-

योगासन करने की विधि-

स्थिति-1

सबसे पहले छाती के लिए करने वाले योगासन की मुद्रा में ही बैठ जाएं।फिर सांस लेते हुए पूरी ताकत के साथ दोनो हाथों को ऊपर की ओर तान लें।इसके बाद आगे की ओर झुकते हुए माथे से घुटनों को छूने की कोशिश करें। फिर सांस को बाहर छोड़ते हुए हाथों की उंगलियों से पैरों की उंगलियों को छुएं।

अब सांस लेते हुए हाथों को ऊपर की ओर तानकर पहले की तरह बिल्कुल सीधी तनी हुई अवस्था में ही खड़े हो जाएं।इस पूरी क्रिया को बड़े ही प्यार के साथ धीरे-धीरे और सावधानी से करें।

स्थिति-2

पहले वाली मुद्रा को बनाकर रखें।फिर दाएं हाथ को ऊपर उठाएं तथा बांए हाथ को बाएं घुटने के साथ रखें।इस क्रिया को दूसरी बाजू की ओर से भी करें।

11. मेरूदंड (रीढ़ की हड्डी) के लिए योगासन-

योगासन करने का तरीका-

सबसे पहले जमीन पर बैठ जाएं।फिर अपने दोनो पैरों को उनके बीच में ज्यादा दूरी रखते हुए सीधा सामने की ओर तान लें।दाएं हाथ को फैलाकर बाएं पैर के अंगूठे से छुआएं तथा बाएं हाथ को पीछे की ओर पूरी तरह से फैलाएं रहें।

अब दोनो हाथों को एक सीधी लाईन में रखने की कोशिश करें।अब सिर को पीछे की ओर घुमाकर बाएं हाथ के अंगूठे को देखें।इस सारी क्रिया को दूसरी दिशा में भी दोहराएं।

अब सारी क्रिया को हल्के रूप में धीरे-धीरे 5-5 बार दोहराएं।

12. घुटनों के लिए-

योगासन करने का तरीका-

स्थिति-1

सबसे पहले जमीन पर बैठ जाएं।इसके बाद दाएं पैर के घुटने को जोड़ से मोड़े तथा दोनो हाथों के मुड़ाव के बीच में रखें।अब एड़ी या उंगलियों को जमीन से न छुआते हुए दाएं पैर को आगे की ओर सीधा तान लें।

फिर दाएं पैर को इतना ज्यादा मोड़ लें कि उसकी एड़ी बाएं नितंब से छू जाए।इस अभ्यास को कम से कम 10 बार करें।

स्थिति-2

इस आसन में पैर को सीधा तानने के बाद जांघ को धड़ के पास लाकर पैर के नीचे के भाग को घुटने की हड्डी से घड़ी की गति के मुताबिक और विपरीत दिशा में गोलाकार रूप में घुमाएं।

फिर कुछ समय तक इसी मुद्रा में रहें।अब दोनों पैरों से इस क्रिया को 10 बार करें।

स्थिति-3

पहले वाली शारीरिक मुद्रा में ही बैठे रहें।फिर दाएं पैर को मोड़कर पंजे को बाईं जांघ पर रख ले।अपने दाएं पैर के पंजे को बाएं हाथ से पकड़कर रखें और दाएं पैर के हाथ को घुटने पर रख ले।अब दाएं घुटने को 10 बार गोलाकार घुमाएं।इस सारी क्रिया को दाएं घुटने से करने के बाद बाएं घुटने के साथ भी दोहराएं।

13. छाती के लिए योगासन-

योगासन करने का तरीका-

सबसे पहले छाती को पूरी तरह से फुलाने के लिए सांस को पूरी तरह से अंदर खींच लें।फिर भुजाओं को आगे की ओर तानकर हाथों की उंगलियों को मोड़कर सांस को बाहर छोड़े।

अब जैसे रस्सा खींचते हैं उसी तरह दोनों भुजाओं को सांस को अंदर खींचने के साथ पूरी शक्ति से छाती की ओर वापस लाएं।इसके बाद भुजाओं को छाती से लेकर कंधों तक फैलाएं। इस क्रिया को 3 बार करें।

 

Dr.jyoti Min |

लेखक:

डॉ0ज्योति ओमप्रकाश गुप्ता प्रसिद्ध चिकित्सक और न्यूज पोर्टल चिकित्सा सेक्शन की वरिष्ठ संपादक हैं. हजारो मरीजो का सटीक ईलाज और मार्गदर्शन करती हुई डॉ0ज्योति ओमप्रकाश गुप्ता  प्राकृतिक एवं घरेलु चिकित्सा को सरल एवं जन-जन की भाषा में पहुँचाने के लिए प्रयासरत हैं। उनसे प्राकृतिक एवं घरेलु चिकित्सा सम्बंधित सम्पर्क – 9399341299 पर किया जा सकता है।

 

 

Dr. Ved Prakash

डा0 वेद प्रकाश विश्वप्रसिद्ध इलेक्ट्रो होमियोपैथी (MD), के साथ साथ प्राकृतिक एवं घरेलू चिकित्सक के रूप में जाने जाते हैं। जन सामान्य की भाषा में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को घर घर पहुँचा रही "समस्या आपकी- समाधान मेरा" , "रसोई चिकित्सा वर्कशाप" , "बिना दवाई के इलाज संभव है" जैसे दर्जनों व्हाट्सएप ग्रुप Dr. Ved Prakash की एक अनूठी पहल हैं। इन्होंने रात्रि 9:00 से 10:00 के बीच का जो समय रखा है वह बाहरी रोगियों की नि:शुल्क चिकित्सा परामर्श के लिए रखा है । इनका मोबाइल नंबर है- 8709871868/8051556455

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