मुजफ्फरनगर मैडिकल में हालात बदतर, लोग मर रहे है, कोई नहीं कर रहा सुनवाई, लगातार झूठ बोल रहे है मालिक भी
मुजफ्फरनगर। जिले में कोविड सेंटर के रूप में एकमात्र सहारा मुजफ्फरनगर मैडिकल कॉलेज में नंगा नाच चल रहा है, कोई किसी की सुनवाई नहीं कर रहा है, ठीकठाक बताये जा रहे लोग भी मर रहे है
जिले के अफसर लगातार स्थिति ठीक करने के दावे कर रहे है लेकिन कोरोना के एक साल से भी ज्यादा हो जाने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है, रोज पीड़ित परिजन अपनी वीडियो जारी कर रहे है, लेकिन इस जिले के अफसर भी केवल बयान बाजी और लम्बे दावों के अलावा कुछ नहीं कर रहे है।
शाहपुर के गांव पलडी निवासी सचिन सैनी ने एक वीडियो जारी करके आरोप लगाया है कि इस मैडिकल की अव्यवस्था के कारण उसकी 6 माह की गर्भवती पत्नी की मृत्यु हो गयी है। सुने सचिन का पूरा वीडियो (Social Media)।
सचिन कोई पहला पीड़ित नहीं है, जिसने अपनी पीड़ा न रोई हो, रोज ऐसी शिकायतें आती है, दो दिन पहले मंसूरपुर के पुरबालियान निवासी धीरज सिंह पुत्र तेजपाल सिंह को भी इस अस्पताल में इसी तरह मार दिया गया, दोपहर में उसे पूरी तरह ठीक बताया गया था, मैडिकल के मालिक गौरव स्वरुप खुद परिजनों को शाम 7 बजे तक बताते रहे कि वह पूरी तरह ठीक है और और उसे डिस्चार्ज किया जा रहा है
मैडिकल लिफ्ट खराब हो गयी है इस कारण मरीज बाहर नहीं आ पा रहा है जबकि मंसूरपुर थाना प्रभारी के.पी.सिंह घंटो पहले परिजनों को बता चुके थे कि उनके परिजन की मौत हो चुकी है।
ऐसे दर्जनों वीडियो पीड़ित जारी कर चुके है लेकिन कलक्टर से लेकर सारे अफसर रोज नए नए दावे करते है कि स्थिति ठीक है पर हालात अब कब्जे से बाहर नजर आ रहे है। बीजेपी जिला मंत्री सचिन सिंघल को भी 6 घंटे तक जब सारी पार्टी की सिफारिश के बाद कोई ईलाज नहीं मिला था तो केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान को कड़ा रूख अपना कर उसे डिस्चार्ज कराना पड़ा था।
सांसद @drsanjeevbalyan ने निरीक्षण किया तथा कंट्रोल रूम पहुँचकर कोविड वार्ड में भर्ती मरीजों से वाकी-टाकी के माध्यम से बात कर उनकी समस्याओं को सुना
— News & Features Network (@mzn_news) April 24, 2021
जनहित में सांसद ,विधायक, जिलाधिकारी समेत सभी आला अफसरों से मांग करता है कि तत्काल इस कोविड सेंटर की व्यवस्था सही कराये, अगर जरुरत हो इसे प्रशासन अधिग्रहित क,रे जिससे कुछ तो ईलाज लोगों को मिल सके
मैडिकल की लापरवाही से अगर किसी मरीज की जान जाए तो मैडिकल के मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए, तभी ये गंभीरता से जान बचाने का प्रयास करेंगे, साथ ही इसकी भी जांच कराये कि इस मैडिकल में भी मरीजों को रेमडीसीवर इंजेक्शन लगाए जा रहे है या नहीं
या यहाँ भी सुभारती की तरह ब्लैक में बेचे जा रहे है क्योंकि ये चर्चा भी है कि मुजफ्फरनगर में 2 लाख में 6 इंजेक्शन बेचे जा रहे है, प्रशासन को तत्काल इस पर भी नजर रखनी चाहिए।

