Chhangur Baba का ‘धरती पलट’ सिंडिकेट: 5000 बेटियों का धर्मांतरण, गैंगरेप और दुबई से धमकियां!
उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण की काली दुनिया का जो चेहरा सामने आया है, उसने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। Chhangur Baba, जो खुद को संत बताता था, असल में एक खूंखार अपराधी और अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का सरगना निकला। उसका मकसद सिर्फ धर्मांतरण नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित, भयावह और हैवानियत से भरा इस्लामी एजेंडा छिपा था।
5000 बेटियों का धर्मांतरण और दरिंदगी का खेल
पीड़िताओं के बयान सामने आने के बाद यह खुलासा हुआ है कि छांगुर बाबा और उसके गुर्गों ने अब तक 5000 से ज्यादा हिंदू लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया। यही नहीं, इनमें से कई के साथ गैंगरेप, ब्लैकमेलिंग और अमानवीय अत्याचार किए गए। लड़कियों को सिगरेट से जलाना, अश्लील वीडियो बनाना, और उन्हें ‘धरती पलट’ कोडवर्ड के तहत सौदों में शामिल करना, ये सब इस नेटवर्क की कार्यशैली थी।
गैंगरेप से सऊदी तक का कनेक्शन, धमकियां और साजिशें
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि छांगुर बाबा के गिरोह के लोग उन्हें धमकाते थे। एक महिला ने बताया कि जब उसने सनातन धर्म में वापसी की, तो सऊदी अरब से धमकी मिली कि “तेरे पैर काट देंगे, देखते हैं तेरे योगी बचाते हैं या मोदी।” दुबई और सऊदी से मिल रही इन धमकियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छांगुर का नेटवर्क केवल भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका अंतरराष्ट्रीय लिंक भी मजबूत था।
‘धरती पलट’ – कोडवर्ड से चलता था धर्मांतरण सिंडिकेट
धर्मांतरण के इस गिरोह का कोडवर्ड ‘धरती पलट’ था। पीड़िता ने बताया कि इस नाम से लड़कियों का सौदा होता था। भोली-भाली हिंदू लड़कियों को ब्रेनवॉश कर इस्लाम कबूल कराया जाता था और फिर उन्हें फिजिकल शोषण का शिकार बनाया जाता था। ये लड़कियाँ कभी वापसी ना कर सकें, इसके लिए उनकी अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर ली जाती थी और ब्लैकमेल किया जाता था।
छांगुर के सिंडिकेट में बच्चों से लेकर महिलाओं तक का इस्तेमाल
इस गिरोह की क्रूरता यहीं नहीं रुकी। महिलाओं के साथ-साथ बच्चों का खतना, मानसिक ब्रेनवॉशिंग, धार्मिक पुस्तकों को जलाना और हिंदू प्रतीकों का अपमान जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। ये एक सुनियोजित कट्टरपंथी अभियान था, जो युवाओं को गलत रास्ते पर ले जाने में पूरी तरह सक्रिय था।
पीड़िता की सीएम योगी से गुहार: “हमें न्याय दो, दरिंदों को फांसी दो”
गैंगरेप और धमकियों की शिकार पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की अपील की है। उसका कहना है, “हमारी ज़िंदगी बर्बाद हो गई, हमें इंसाफ दो, इन हैवानों को फांसी दो।” पीड़िता ने पूरे देश से यह भी अपील की है कि कोई और बेटी इस जाल में ना फंसे, इसके लिए छांगुर गिरोह को पूरी तरह खत्म करना जरूरी है।
योगी सरकार का एक्शन: छांगुर के साम्राज्य पर चला बुलडोजर
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और छांगुर बाबा के अवैध साम्राज्य पर बुलडोजर चल चुका है। यूपी एटीएस और ईडी की टीमों ने 14 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। छांगुर के भतीजे को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, और पूरा नेटवर्क ध्वस्त करने की प्रक्रिया जारी है।
ईडी की कार्रवाई और ATS की सख्ती से खुल रही परतें
ईडी और ATS की लगातार कार्रवाइयों से छांगुर के आर्थिक स्रोतों का भी पर्दाफाश हो रहा है। हवाला ट्रांजैक्शन, विदेशी फंडिंग, और विदेशों से जुड़े खातों की छानबीन में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। इस कार्रवाई से यह साबित हो चुका है कि छांगुर का नेटवर्क धार्मिक नकाब पहनकर अपराध का खुला अड्डा चला रहा था।
राजनीतिक माहौल में भी उबाल, विपक्ष घिरा
इस पूरे मामले ने राजनीतिक हलकों में भी उबाल ला दिया है। जबकि सरकार की कार्रवाई की सराहना हो रही है, विपक्ष पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि धर्मांतरण और गैंगरेप जैसे मुद्दों पर वे चुप क्यों हैं? हिंदू संगठनों ने यह मांग की है कि इस मामले में शामिल हर आरोपी को फांसी दी जाए, ताकि भविष्य में कोई छांगुर बनने की हिम्मत न करे।
छांगुर बाबा कौन है? एक झूठा संत, असली अपराधी
छांगुर बाबा ने खुद को साधु और आध्यात्मिक गुरु बताकर लाखों लोगों का विश्वास जीता, लेकिन पर्दे के पीछे वह एक संगठित अपराधी और कट्टरपंथी एजेंडा का मुख्य सूत्रधार निकला। अब जब उसके काले कारनामे सामने आ चुके हैं, तो लोगों को भी आंखें खोलने की जरूरत है, ताकि फिर कोई ‘छांगुर’ हमारे समाज को न निगल सके।

