उत्तर प्रदेश

Budaun में ‘देसी घी’ का बड़ा खेल बेनकाब! डेयरी पर छापा, रिफाइंड-पामोलिन ऑयल समेत 110 किलो संदिग्ध घी बरामद; संचालक पर FIR

Budaun उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की कार्रवाई के दौरान कथित रूप से नकली देसी घी तैयार करने का मामला सामने आया है। शुक्रवार को विभागीय टीम ने सहसवान क्षेत्र के कोल्हाई गांव स्थित कादरी डेयरी पर छापा मारकर वहां चल रहे कथित मिलावट के कारोबार का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में संदिग्ध देसी घी, दूध, क्रीम, रिफाइंड एवं पामोलिन ऑयल, चीनी और डिटर्जेंट बरामद हुआ है।

Fake Desi Ghee Factory Budaun मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने आठ नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। विभागीय कार्रवाई के बाद डेयरी संचालक फहजल खान के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

छापेमारी के दौरान सबसे अधिक चौंकाने वाली बात यह रही कि टीम को मौके पर कथित रूप से ऐसे उपकरण भी मिले, जिनका इस्तेमाल विभिन्न पदार्थों को मिलाकर देसी घी तैयार करने में किया जा रहा था। विभागीय टीम अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद खाद्य पदार्थों की वास्तविक गुणवत्ता और मिलावट की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।


शुक्रवार को कादरी डेयरी पर अचानक पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम

जानकारी के अनुसार सहायक खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वितीय सीएल यादव के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम शुक्रवार को सहसवान क्षेत्र के ग्राम कोल्हाई पहुंची।

टीम ने यहां स्थित कादरी डेयरी पर अचानक छापेमारी की। विभागीय अधिकारियों के पहुंचते ही डेयरी परिसर में हलचल मच गई।

बताया गया कि छापेमारी शुरू होते ही वहां मौजूद कुछ लोग अपना काम छोड़कर इधर-उधर भागने लगे। अचानक हुई कार्रवाई के बाद टीम ने डेयरी परिसर और वहां मौजूद खाद्य पदार्थों तथा अन्य सामान की जांच शुरू कर दी।

जांच आगे बढ़ने के साथ टीम को कई संदिग्ध खाद्य पदार्थ और सामग्री मिली, जिसके बाद कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया गया।


डेयरी में मिला संदिग्ध सामान तो अधिकारियों के भी खड़े हुए कान

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने डेयरी में मौजूद सामान की गहनता से जांच की।

विभागीय कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में दूध, देसी घी, क्रीम, तेल, चीनी और डिटर्जेंट मिलने की बात सामने आई।

इसके अलावा टीम को मौके पर कथित रूप से ऐसे उपकरण भी मिले, जिनके माध्यम से विभिन्न पदार्थों की मिलावट कर देसी घी तैयार किया जा रहा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र करने की कार्रवाई शुरू कर दी।


110 किलो संदिग्ध देसी घी मिलने से मचा हड़कंप

छापेमारी के दौरान टीम को करीब 110 किलोग्राम संदिग्ध देसी घी मिला।

इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध घी की बरामदगी के बाद अधिकारियों ने डेयरी में चल रही गतिविधियों की विस्तृत जांच शुरू कर दी।

देसी घी भारतीय घरों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाला खाद्य पदार्थ है। त्योहारों, धार्मिक आयोजनों, मिठाइयों और घरेलू भोजन में इसकी मांग बनी रहती है।

ऐसे में देसी घी के नाम पर कथित मिलावट का मामला सामने आना उपभोक्ताओं की सेहत और खाद्य सुरक्षा दोनों के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है।


200 लीटर दूध और 10 किलो क्रीम भी मिली

विभागीय टीम को डेयरी परिसर से करीब 200 लीटर दूध भी मिला।

इसके अलावा लगभग 10 किलोग्राम क्रीम मिलने की जानकारी सामने आई है।

टीम ने मौके पर मौजूद खाद्य सामग्री की जांच करने के बाद नमूने एकत्र किए।

दूध और घी के दो-दो नमूनों सहित अन्य खाद्य पदार्थों के भी नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

कुल आठ नमूने जांच के लिए भेजे जाने की जानकारी दी गई है।


रिफाइंड और पामोलिन ऑयल ने बढ़ाया शक, 28 किलो तेल बरामद

कार्रवाई के दौरान टीम को करीब 28 किलोग्राम रिफाइंड और पामोलिन ऑयल भी मिला।

विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कथित रूप से रिफाइंड और पामोलिन ऑयल समेत अन्य पदार्थों को मिलाकर देसी घी तैयार किया जा रहा था।

इसके बाद तैयार उत्पाद को बाजार में खपाए जाने की आशंका जताई गई है।

हालांकि खाद्य पदार्थों में मिलावट की वास्तविक स्थिति और उनकी गुणवत्ता के बारे में अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।


93 किलो चीनी और डिटर्जेंट भी मिलने का दावा

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान डेयरी परिसर से करीब 93 किलोग्राम चीनी मिलने की जानकारी सामने आई है।

इसके साथ ही डिटर्जेंट भी बरामद होने की बात कही गई है।

डेयरी परिसर में इतनी बड़ी मात्रा में अलग-अलग सामग्री मिलने के बाद टीम ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच की।

विभाग अब यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि बरामद सामग्री का किस उद्देश्य से इस्तेमाल किया जा रहा था।


मिलावट कर देसी घी तैयार करने वाले उपकरण भी मिले

छापेमारी के दौरान विभागीय अधिकारियों को मौके पर ऐसे उपकरण भी मिलने की जानकारी है, जिनका इस्तेमाल कथित रूप से विभिन्न पदार्थों को मिलाकर देसी घी तैयार करने में किया जा रहा था।

उपकरणों की मौजूदगी के बाद टीम ने डेयरी में चल रही गतिविधियों की जांच को और विस्तृत कर दिया।

खाद्य सुरक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच में कथित तौर पर सामने आया कि रिफाइंड और पामोलिन ऑयल सहित अन्य पदार्थों को मिलाकर देसी घी तैयार किया जा रहा था।

इसके बाद इसे बाजार में बेचे जाने की बात भी सामने आई है।


छापा पड़ते ही काम छोड़कर इधर-उधर भागने लगे लोग

कादरी डेयरी पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के पहुंचने के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

बताया गया कि कुछ लोग काम छोड़कर इधर-उधर भागने लगे।

इस घटनाक्रम के बाद टीम ने मौके पर मौजूद खाद्य सामग्री, उपकरणों और अन्य सामान की जांच शुरू कर दी।

अधिकारियों ने जांच के दौरान आवश्यक नमूने एकत्र किए और आगे की कानूनी कार्रवाई प्रारंभ की।


आठ नमूने भेजे गए प्रयोगशाला, रिपोर्ट खोलेगी गुणवत्ता का राज

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने डेयरी से कुल आठ नमूने एकत्र किए हैं।

इनमें दूध और देसी घी के दो-दो नमूने शामिल बताए गए हैं, जबकि अन्य खाद्य पदार्थों के एक-एक नमूने लिए गए।

सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।

प्रयोगशाला की जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं और उनमें किस प्रकार के पदार्थों की मौजूदगी थी।


प्रारंभिक जांच में सामने आया कथित मिलावट का खेल

खाद्य सुरक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि डेयरी में रिफाइंड और पामोलिन ऑयल सहित अन्य पदार्थों को मिलाकर कथित रूप से देसी घी तैयार किया जा रहा था।

आरोप है कि इस तरह तैयार उत्पाद को बाजार में खपाया जा रहा था।

यदि प्रयोगशाला की जांच में खाद्य पदार्थों के निर्धारित मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो मामले में आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।


डेयरी संचालक फहजल खान के खिलाफ एफआईआर

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद डेयरी संचालक फहजल खान के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

विभाग ने मौके पर मिली सामग्री और प्रारंभिक जांच के आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ेगी और संबंधित तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


देसी घी की बढ़ती मांग के बीच मिलावट का खतरा

देसी घी की बाजार में हमेशा बड़ी मांग रहती है। घरेलू उपयोग से लेकर मिठाई उद्योग और धार्मिक आयोजनों तक इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है।

अच्छी गुणवत्ता वाले देसी घी की कीमत अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण मिलावट की आशंका भी बनी रहती है।

सस्ते तेल और अन्य पदार्थों का इस्तेमाल कर कथित रूप से घी तैयार करने के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं।

ऐसी गतिविधियां न केवल उपभोक्ताओं के आर्थिक हितों को प्रभावित करती हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन सकती हैं।


असली देसी घी के नाम पर बाजार में क्या पहुंच रहा था, जांच के बाद होगा स्पष्ट

कोल्हाई गांव स्थित डेयरी पर हुई कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि यहां तैयार होने वाला उत्पाद कहां-कहां बेचा जा रहा था।

विभागीय जांच में यदि कथित मिलावट की पुष्टि होती है तो उत्पाद की आपूर्ति से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

क्या तैयार घी स्थानीय बाजार में बेचा जा रहा था या इसकी आपूर्ति दूसरे क्षेत्रों में भी होती थी, इसे लेकर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे जांच की जा सकती है।

फिलहाल आधिकारिक रूप से नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।


उपभोक्ताओं की सेहत से जुड़ा गंभीर मामला

खाद्य पदार्थों में मिलावट सीधे तौर पर लोगों की सेहत से जुड़ा विषय है।

दूध, घी, तेल और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को प्रभावित कर सकती है।

विशेष रूप से ऐसे उत्पाद, जिनका उपयोग बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग भी करते हैं, उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

यही कारण है कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण और संदिग्ध प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जाती है।


त्योहारों और बढ़ती मांग के दौरान ज्यादा सक्रिय होते हैं मिलावटखोर

खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के दौरान मिलावट की आशंका भी बढ़ सकती है।

देसी घी, दूध, पनीर, खोया और मिठाइयों जैसे उत्पादों की मांग बढ़ने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

ऐसे समय में नियमित नमूना जांच और बाजार की निगरानी उपभोक्ताओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है।

कोल्हाई गांव में हुई कार्रवाई ने एक बार फिर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है।


ग्रामीण क्षेत्र की डेयरी पर कार्रवाई से इलाके में चर्चा तेज

सहसवान क्षेत्र के कोल्हाई गांव में हुई इस छापेमारी के बाद आसपास के इलाके में भी मामले की चर्चा तेज हो गई है।

डेयरी से बड़ी मात्रा में संदिग्ध घी और अन्य सामग्री मिलने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

मामले में एफआईआर दर्ज होने और नमूने प्रयोगशाला भेजे जाने के बाद अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है।


सहायक खाद्य सुरक्षा अधिकारी सीएल यादव के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

पूरी कार्रवाई सहायक खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वितीय सीएल यादव के नेतृत्व में की गई।

टीम ने मौके पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच की और संदिग्ध सामग्री मिलने पर नमूने एकत्र किए।

इसके बाद सभी नमूनों को प्रयोगशाला भेजने और डेयरी संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

विभागीय कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने की शिकायतों और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।


खाद्य पदार्थ खरीदते समय उपभोक्ताओं को भी रहना होगा सतर्क

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के साथ उपभोक्ताओं की जागरूकता भी महत्वपूर्ण है।

घी, दूध और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय उत्पाद की पैकिंग, निर्माण संबंधी जानकारी और गुणवत्ता पर ध्यान देना आवश्यक है।

असामान्य रूप से कम कीमत पर मिलने वाले खाद्य पदार्थों को लेकर भी सावधानी बरतनी चाहिए।

खुले में बिकने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता के संबंध में संदेह होने पर संबंधित विभाग को सूचना देना भी उपभोक्ता हित में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।


प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद आगे बढ़ेगी कार्रवाई

फिलहाल खाद्य सुरक्षा विभाग ने आठ नमूने प्रयोगशाला भेज दिए हैं।

अब जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

रिपोर्ट से यह पता चलेगा कि बरामद खाद्य पदार्थों की वास्तविक संरचना क्या थी और क्या उनमें किसी प्रकार की मिलावट की गई थी।

इसके बाद संबंधित नियमों और कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।


110 किलो संदिग्ध घी की बरामदगी ने खड़े किए कई सवाल

डेयरी परिसर से करीब 110 किलोग्राम संदिग्ध देसी घी मिलने की जानकारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

इतनी बड़ी मात्रा में तैयार उत्पाद का इस्तेमाल और उसकी संभावित आपूर्ति कहां की जानी थी, यह जांच का महत्वपूर्ण विषय हो सकता है।

इसके अलावा 200 लीटर दूध, 10 किलो क्रीम, 28 किलो रिफाइंड एवं पामोलिन ऑयल, 93 किलो चीनी और डिटर्जेंट मिलने की जानकारी भी मामले को गंभीर बनाती है।

अब प्रयोगशाला रिपोर्ट और जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकेगी।


बदायूं में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप

सहसवान क्षेत्र के कोल्हाई गांव स्थित कादरी डेयरी पर हुई छापेमारी ने खाद्य पदार्थों में कथित मिलावट के खिलाफ विभागीय कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है।

टीम द्वारा संदिग्ध सामग्री बरामद करने, आठ नमूने जांच के लिए भेजने और डेयरी संचालक फहजल खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद मामला कानूनी प्रक्रिया में पहुंच गया है।

अब जांच रिपोर्ट यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी कि बरामद सामग्री की गुणवत्ता क्या थी और कथित रूप से तैयार किए जा रहे देसी घी में किन पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था।

बदायूं के सहसवान क्षेत्र के कोल्हाई गांव स्थित कादरी डेयरी पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की छापेमारी ने कथित मिलावट के गंभीर मामले को सामने ला दिया है। कार्रवाई के दौरान करीब 110 किलो संदिग्ध देसी घी, 200 लीटर दूध, 10 किलो क्रीम, 28 किलो रिफाइंड एवं पामोलिन ऑयल, 93 किलो चीनी और डिटर्जेंट मिलने की जानकारी दी गई है। विभाग ने आठ नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं और डेयरी संचालक फहजल खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट और आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि बरामद खाद्य पदार्थों की वास्तविक गुणवत्ता क्या थी और कथित मिलावट का यह मामला कितना व्यापक था।

 

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