वैश्विक

कोर्ट हॉल में कार्यवाही के दौरान ही भारी बारिश से पानी टपकने की घटना, मरम्मत का आदेश

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच के कोर्ट हॉल में कार्यवाही के दौरान ही भारी बारिश से पानी टपकने की घटना को कोर्ट ने गंभीरता से लिया और राज्य के अधिकारियों से इसके लिए तुरंत फंड जारी कर मरम्मत का आदेश दिया। जस्टिस एसबी शुक्रे और एएस किलोर की बेंच ने पूछा कि बारिश के दौरान अदालत से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन, नागपुर द्वारा 2015 में दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत को रिसाव की एक वीडियो रिकॉर्डिंग भी दिखाई गई थी। वीडियो देखने के बाद कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह ड्रॉपलेट्स या ट्रिकल का मामला नहीं है बल्कि कोर्ट रूम के अंदर भारी बारिश का मामला है।

कोर्ट ने कहा, “हमने पाया कि कोर्ट हॉल की एक झरझरा छत से बारिश का पानी गिर रहा है। ये बूंदे नहीं बल्कि भारी बारिश है जो लापरवाही है। यह एक न्याय-पाने वाले और न्याय-देने वाले के लिए एक बाधा है।” अगर कोर्ट रूम इस तरह से लीक हो रहे हैं तो क्या हाईकोर्ट के लिए न्याय करना संभव होगा। अदालत ने राज्य के संवैधानिक कर्तव्य पर जोर देते हुए कहा कि अदालतों को पर्याप्त धन और बुनियादी ढांचा मुहैया कराना सुनिश्चित करना राज्य का संवैधानिक कर्तव्य है।

आदेश में कहा, “हम अपने लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ जो न्यायपालिका है, को व्यावहारिक और प्रभावी तरीके से बुनियादी ढांचा और पर्याप्त धन प्रदान करने के लिए अपने संवैधानिक कर्तव्य के बारे में राज्य को याद दिलाना चाहते हैं ताकि न्यायपालिका अपने संप्रभु कार्य को करने में सक्षम हो और प्रभावी ढंग से अपने संवैधानिक कर्तव्य का निर्वहन कर सके।” इसलिए बेंच ने राज्य के अधिकारियों से इस न्यायालय की तत्काल बुनियादी ढांचागत और वित्तीय जरूरतों पर विचार करने और तुरंत धन जारी करने का आग्रह किया।

 

News Desk

निष्पक्ष NEWS,जो मुख्यतः मेन स्ट्रीम MEDIA का हिस्सा नहीं बन पाती हैं।

News Desk has 5915 posts and counting. See all posts by News Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

2 × 3 =