लखनऊ: अमित शाह के नाम पर मंत्री बनवाने का झांसा देकर धन उगाही करने वाले चार गिरफ्तार
लखनऊ आयुक्तालय पुलिस और अपराध शाखा की साझा टीम ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम पर दर्जा प्राप्त मंत्री और विधान परिषद सदस्य बनवाने व विधानसभा टिकट दिलवाने का झांसा देकर अवैध वसूली करने वाले गिरोह के चार जालसाजों को बुधवार को गिरफ्तार किया।
लखनऊ पुलिस आयुक्तालय की ओर से बुधवार को जारी बयान के अनुसार हजरतगंज कोतवाली और अपराध शाखा की संयुक्त टीम ने बुधवार को उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के शमीम अहमद व हसनैन अली, बलिया जिले के हिमांशु सिंह और बरेली के जाने आलम को बुधवार सुबह यहां गिरफ्तार किया। दो आरोपी शाहिद और बबलू फरार हो गए। पकड़े गए सभी आरोपी 20 से 35 वर्ष के बीच की उम्र के हैं।
रीता सिंह नाम की महिला से फरार आरोपी शाहिद ने ग्रह मंत्री का पीए बनकर की थी बात
1 करोड़ में पहले विधान परिषद सदस्य बाद में यूपी सरकार में मंत्री बनवाने का दिया था झांसा
पुलिस फरार आरोपी शाहिद और बबलू उर्फ विजय की तलाश में जुटी
— News & Features Network (@mzn_news) July 21, 2021
बयान के अनुसार आरोपियों के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में धोखाधड़ी, साजिश और 66 डी आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कथित रूप से पुलिस को बताया कि वे छोटे स्तर के नेताओं को विधानसभा, विधान परिषद का टिकट दिलवाने व मंत्री बनवाने के लिए बड़े-बड़े नेता एवं उनके निजी सचिव बनकर मोबाइल फोन व वाट्सऐप पर बातचीत करके विश्वास दिलाते हैं कि उनको मंत्री या एमएलसी बनवा दिया जाएगा या विधानसभा का टिकट दिलवा दिया जाएगा। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे इस नाम पर लोगों से टोकन मनी लेकर फरार हो जाते हैं।
पुलिस ने दर्ज मामले के हवाले से बताया कि आरोपियों द्वारा रीता सिंह से भारत सरकार के गृह मंत्री व उनके निजी सचिव के नाम पर एक करोड़ रुपए टोकन मनी विधान परिषद सदस्य बनवाने एवं उप्र सरकार में मंत्री बनवाने के नाम पर लेने का प्रयास किया जा रहा था।
रीता सिंह से फरार अभियुक्त शाहिद ने गृह मंत्री का निजी सचिव बनकर बातचीत की, जबकि पकड़े गए हसनैन ने गृह मंत्री अमित शाह बनकर रीता से बात की और उन्हें टिकट का भरोसा दिया। पुलिस के अनुसार इसके पहले भी आरोपियों द्वारा एक व्यक्ति से प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से आगामी विधानसभा चुनाव में विधानसभा का टिकट दिलवाने के नाम पर पार्टी अध्यक्ष बनकर चार लाख रुपए टोकन मनी ले ली गई थी।

