तेज बारिश से सोलानी नदी उफान पर, खादर में बाढ़ जैसे हालात
मुजफ्फरनगर। उत्तराखंड से छोड़े गए पानी से सोलानी नदी उफान पर आ गई है। जिस कारण पानी नदी से बाहर आकर कई गांवों के रास्तों पर आ गया। जिससे खादर में बाढ़ जैसे हालात बन गए। जंगल, खेतों और रास्तों पर पानी भर जाने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। पानी के लगातार बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
उत्तराखंड से पानी छोड़े जाने पर सोलानी नदी एक बार फिर उफान पर आ गई। पानी नदी से बाहर आकर गांव रजगल्लापुर, रामनगर, शेरपुर नंगला, भदौला, भदौली, अलमावाला, जिंदावाला, चमरावाला, सुहेली, चानचक, पांचली, फरखपुर आदि करीब २४ गांवों के रास्तों पर पानी भर जाने से बाढ़ के हालात बन गए हैं। जिससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई। पानी और बढ़ने की संभावना को लेकर ग्रामीणों ने घरों में रखा सामान सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है।
राजेंद्र पांचली, राजू प्रजापति, साधुराम, सतनाम सिंह, कृष्णपाल, यादराम, बिजेंद्र सिंह, महकार सिंह ग्रामीणों ने बताया कि जंगलों व खेतों में पानी भरा रहने होने से एक सप्ताह से चारे की समस्या बनी हुई है। चारा नहीं होने पर पशुओं को भूसा खिलाना पड़ रहा है और पानी आ जाने से हालात बेहद खराब हो गए हैं। कई गांवों के रास्तों पर पानी आ जाने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
ग्रामीण घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पानी और बढ़ने से हालात और विकट हो जाएंगे। एसडीएम सदर दीपक कुमार ने बताया कि पानी बढ़ने की जानकारी देकर ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया है। नदी के पास नाव लगा रखी है। शेरपुर में बाढ़ चौकी बनाकर तहसील कर्मियों और पुलिस कर्मियों को हालात पर नजर रखने के निर्देश दे दिए गए हैं।
ड्रेनेज विभाग मेरठ की टीम ने खादर क्षेत्र का दौरा किया। एसडीओ अशोक जैन ने बताया कि अगले दो दिन पुरकाजी खादर क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति बनी रहेगी। वर्तमान में दोनों नदियों का जलस्तर धनौरी में सामान्य हो चुका है।
विभाग द्वारा सोलानी नदी पर तटबंध निर्माण की एक परियोजना शासन को भेजी जा चुकी है। परियोजना को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत कर बाढ़ नियंत्रण परिषद पटना को भेजा गया है। इस दौरान एसडीओ ड्रेनेज अशोक जैन , संजीव मलिक, श्रवण कुमार, शिवेंद्र भारद्वाज मौजूद रहे।

