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Delhi में कालका जी मंदिर को अरविंद केजरीवाल ने हाई कोर्ट (एडमिनिस्ट्रेशन) द्वारा करवा दिया बंद

विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश मंत्री प्रमोद त्यागी ने बताया कि दिल्ली स्थित हिंदुओ के प्रसिद्ध कालका मन्दिर को Delhi सरकार के दबाव में हाई कोर्ट एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा बन्द करवा दिया गया है।श्री त्यागी ने आरोप लगाते हुए बताया कि इस क्षेत्र में मुसलमानों की आबादी थोड़ी ज्यादा है और मुस्लिमों के दबाव में आकर (आम आदमी पार्टी) दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने मंदिर को नवरात्रों में ही बंद करवा दिया था

जबकि बड़ी बड़ी मजार, मस्जिद, वक्फ बोर्ड, सहित चर्च, गुरद्वारे, सहित बड़े बड़े फार्महाउस, बनाने के नाम पर तथाकथित धर्म के ठेकेदारो द्वारा धर्मान्तरण कराने के लिए विदेशी फंडिंग से कमाई गई अरबों रुपये की सम्पत्ति पर कुंडली मारकर बैठे हुए हैं, उन पर किसी ने प्रशासक बैठाने की ना तो हिम्मत की है और ना बैठा सकते हैं क्योंकि सरकार को भी अच्छी तरह पता है कि हिंदुओ पर अत्याचार करें

उनसे टैक्स वसूली करने का काम करे, या उनका शोषण करने का काम करे तो भी एकजुटता की कमी के कारण कोई आवाज नहीं उठाते हैं, जबकि अगर दूसरे सम्प्रदाय के विरुद्ध कोई कठोर कदम उठाने का प्रयास भी करेंगे तो एक जुट होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे जिसमें हिंसक प्रदर्शन भी शामिल होंगें। उन्होंने कहा कि यहीं नहीं बल्कि सेकुलर हिंदू मुसलमानों को को ईद की मुबारक देते हैं और मुसलमानों के साथ भाईचारा भी रखना चाहते हैं

ईद के मौके पर मुसलमानों को हिंदू मंदिरों में बुलाया जाता है फलाहार, इफ्तार पार्टी भी की जाती हैं तरह तरह के खाने खिलाते हैं उनके लिए और नमाज भी अदा करवाते हैं, जो समाज के लिए घातक साबित हो रहे हैं।सेकुलर हिंदू को भी सोचना चाहिए कि अब अगर मुस्लिमों के दबाव में नवरात्रों में ही मंदिर को बंद करवाना पड़ रहा है तो भविष्य में आने वाली हिंदुओं की अगली पीढ़ी के लिए आने वाला समय बहुत ही घातक और खतरनाक है।

एक दूसरा उदाहरण केरल का देते हुए बताया किश्रद्धालुओं के भारी विरोध के बावजूद केरल की CPI(M) सरकार ने कन्नूर में स्थित मत्तनूर महादेव मंदिर का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। केरल में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की सरकार ने मालाबार देवस्वोम बोर्ड के माध्यम से इस मंदिर का प्रबंधन और प्रशासन अपने हाथों में लिया हैं, बुधवार (13 अक्टूबर, 2021) को भारी संख्या में पुलिस बल के साथ अधिकारी यहाँ पहुँचे और मंदिर का नियंत्रण अपने हाथों में लिया।

श्री त्यागी ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि जिस तरह हिंदुओ के धर्मिक स्थलों को धीरे धीरे राज्यों की सरकारें अपने नियंत्रण में जबरन ले रही हैं या तो उन्हें मुक्त कराया जाए नहीं तो एकसमान नीति बनाकर मन्दिर, मस्जिद, चर्च, गुरद्वारे, वक्फ बोर्ड की सभी का नियंत्रण केंद्र सरकार अपने हाथ में ले, एवं हिन्दू मन्दिर से इकट्ठा किया गया धन हिंदुओ के विकास एवं तरक्की में उपयोग किया जाना चाहिए।

P.K. Tyagi

प्रमोद त्यागी (अधिवक्ता) विश्व हिंदू महासंघ के राष्ट्रीय स्तर के समिति सदस्य हैं। वे टीम समन्वय, प्रकाशित समाचार सामग्री, और भविष्य की संबद्धता/पंजीकरण के लिए जिम्मेदार हैं। सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक जागरूकता और धार्मिक समन्वय के प्रति प्रतिबद्ध, पूर्व संपादक के रूप में, उन्होंने समाचार सामग्री की गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित की है।

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