श्रीराम कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर में इक्सटमपोर स्पीच प्रतियोगिता का आयोजन
मुजफ्फरनगर। आज श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज की इकाई श्रीराम कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर में स्फूर्त भाषण (इक्सटमपोर स्पीच) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
इक्सटमपोर भाषण में प्रतियोगी को दिए गए विषय के बारे में बिना किसी पूर्व तैयारी के त्वरीत रूप से अपने विचार प्रस्तुत करने होते है। इसमें आर्किटेक्चर विभाग के छात्रों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में श्रीराम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के निदेशक डॉ0 आलोक कुमार गुप्ता व डीन एकेडमिक्स साक्षी श्रीवास्तव बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहें।
कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए सर्वप्रथम प्रवक्ता पारूल जैन ने सभी प्रतियोगियों को प्रतियोगिता के नियमों से अवगत कराया। आर्किटेक्चर चुतर्थ वर्ष की छात्रा अन्नया चंदेल ने ‘‘समाज के विभिन्न वर्ग’’ विषय पर तथा प्रथम वर्ष के छात्र अभिषेक धीमान ने ‘‘जीवन में खेलों का महत्व’’ विषय पर भाषण दिया।
इनके अतिरिक्त छात्र फईम, अंकित, समीर, अरबाब, अभय, अभिषेक यादव आदि ने भी विभिन्न विषयां पर अपने विचार प्रकट किए। प्रवक्ता अश्वनी कल्याणी, शिखा तोमर व विधि गोयल निर्णायक मण्डल की भ्ूमिका में रहें।
निर्णायक मण्डल की संस्तुति के आधार पर अभिषेक धीमान को प्रथम, अंकित को द्वितीय तथा अनन्या चंदेल को तृतीय पुरूस्कार प्रदान किया गया। विद्यार्थियों को प्रोतसाहित करते हुए विभागाध्यक्ष अर्जुन ने कहा कि हर वर्ष विद्यार्थी में आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से यह प्रतियोगितायें करायी जाती है।
जो कि विद्यार्थी में व्यक्तित्व निखारने के लिए सहायक होती है। इस प्रकार की प्रतियोगितायें जीवन मे आने वाले त्वरीत व महत्वपूर्ण अवसरों का लाभ उठाने में सहायता प्रदान करती है।
इससे विद्यार्थी की सोचने, व्यवस्थित करने एवं बोलने की क्षमता में बढोत्तरी होती है क्योंकि अभ्यर्थी को दी गयी समय सीमा के अन्तर्गत एक ऐसे विषय के बारे में बताना है
जिसके संबंध में उनकी कोई पूर्व तैयारी नहीं की हैं। कार्यक्रम का संचालन द्वितीय वर्ष के छात्रों सुनील यादव, निखिल राणा, प्रमेश यादव, दिक्षा, अब्दुल कादिर, सिदरा आदि ने किया।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक आलोक गुप्ता, डीन एकेडेमिक साक्षी श्रीवास्तव, आर्किटेक्चर के प्राचार्य अर्जुन सिंह, अश्वनी कल्याणी, पारूल जैन, अली जैदी, शिखा तोमर, फिरोज मलिक, विधि गोयल, विवेक राणा आदि प्रवक्तागण मौजूद रहें।

