जिंदादिली की मिसाल थे लाला मूलचन्द: पूरा जीवन परिवार और समाजसेवा में किया व्यतीत
हालांकि वह पेशे से एक सर्राफा व्यापारी के रूप में ज्यादा प्रसि( रहे। सर्राफा बाजार में उनकी दुकान बड़े बड़े मसलों को हल करने और करवाने की गवाह रही है। लाला मूलचंद सर्राफ का हर तबके में सम्मान रहा। यही कारण है कि उनके निधन का समाचार पाकर प्रकाश चौक स्थित उनके आवास पर रविवार सवेरे से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला बना रहा।
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